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छुट्टन लाल मीणा
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कप्तान छुट्टन लाल मीणा पूर्व सांसद Chhuttan Lal Meena.jpg 1920 09 03 y डाबला 1989 03 08 1920 09 03 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस धापा मीणा उषा मीणा टुण्डा राम मीणा (पिता) हिन्दु पूर्व अध्यक्ष, हरिजन और आदिवासी संघ पूर्व अध्यक्ष और सचिव, सवाई माधोपुर जिला कांग्रेस पूर्व सचिव, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति विधायक 1957 1962 महुआ 1967 1971 नादोती सांसद, लोक सभा 1971 1977 सवाई माधोपुर border|200px भारतीय थलसेना 21px कैप्टन
छुट्टन लाल मीना (3 सितंबर 1920 - 8 मार्च 1989)https://sanjeevnitoday.com/editorial/captain-chuttan-lal-meena-had-joined-the-army-at-the-age-of/cid4462112.htm 18 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हो गए थे कप्तान छुट्टन लाल मीना Sanjeevni Today 2021-08-16 4 सितंबर 2021 https://web.archive.org/web/20210904080637/https://sanjeevnitoday.com/editorial/captain-chuttan-lal-meena-had-joined-the-army-at-the-age-of/cid4462112.htm dead एक समाजसेवी एवं सांसद थे। उन्होंने मीणा समाज को को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होने मीणा समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा की अलख जगाने के लिए अनेक प्रयत्न किए । वे हरिजन और आदिवासी संघ के चेयरमैन रहे।
उनका जन्म राजस्थान के अलवर जिले के 'डाबला' नामक गाँव में हुआ था।https://www.jagran.com/rajasthan/jaipur-this-is-a-village-of-rajasthan-16430060.html राजस्थान के एक गांव की है ये अदभुत कहानी 19 अक्तूबर 2018 https://web.archive.org/web/20181020011632/https://www.jagran.com/rajasthan/jaipur-this-is-a-village-of-rajasthan-16430060.html 20 अक्तूबर 2018 live
कप्तान का जन्म 28 जुलाई 1920 को डाबला मीणा (अलवर) में हुआ था। पिता का नाम श्री टुण्डा राम था। इनकी शिक्षा राजऋषि कॉलेज अलवर में हुई थी। इन्होंने सं 1936 में श्रीमती धापा देवी से विवाह किया। इनके पांच पुत्र और तीन पुत्रियाँ हुए। सेना में कप्तान से लेकर कमिशनर ऑफिसर के रूप में सेवाएँ दीं। द्वितीय विश्व युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई थी। उन्होंने इटली , ग्रीस, मिस्र, सीरिया और आयरलैंड के मोर्चो पर युद्ध किया। उनकी बहादुरी के कारण उन्हें कैप्टन का ओहदा और गोल्ड मेडल मिला था।
इनकी हॉकी और फुटबॉल खेलने में भी रूचि थी। कृषि कार्य भी किया था। 1957 से 1971 तक कांग्रेस से विधायक रहे। सवाईमाधोपुर से कांग्रेस के सचिव और जिला अध्यक्ष रहे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रहे और अनेक पदों पर रहे। 1971-77 में सवाई माधोपुर लोकसभा सीट से सांसद रहे थे।
कप्तान ने गांव-गांव, ढाणी-ढाणी, बास-बास, पुरा-पुरा, नगला-नगला, पैदल चलकर मीणा समाज के बहुसंख्यक जिले अलवर, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, जयपुर की सरहदों पर समस्त व्याप्त अंधविश्वासों और पाखण्डों से समाज को मुक्ति दिलाई। नई दुनिया के साथ चलने हेतु शिक्षा की अलख महिलाओ के लिए ही विशेषकर जगाई थी।
सन्दर्भ
श्रेणी:राजस्थान के सांसद
श्रेणी:मीणा जनजाति के लोग