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411 समाचार
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पन्ना, मध्य प्रदेश

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पन्ना Panna A waterfall near Panna Bypass.jpg पन्ना बाईपास से जलप्रपात का दृश्य पन्ना India Madhya Pradesh 24.72 80.18 inline, title मध्य प्रदेश में स्थिति देश प्रान्त मध्य प्रदेश वंश बघेल , बूंदेला क्षत्रिय ज़िला पन्ना ज़िला 416 59091 2011 भाषा प्रचलित हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30 एमपी-35 www.panna.nic.in IN-MP पन्ना (Panna) भारत के मध्य प्रदेश राज्य के पन्ना ज़िले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है। जिसे मूलतः राजगोंड क्षत्रिय द्वारा बसाया गया था। पन्ना बुंदेला क्षत्रियों मुख्य रूप से राजा छत्रसाल के शासन काल का ऐतिहासिक गवाह है।"Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh https://web.archive.org/web/20190703183559/https://books.google.com/books?id=X6XNCwAAQBAJ 3 जुलाई 2019," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172"Tourism in the Economy of Madhya Pradesh," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293 पन्ना हीरों के लिए दुनिया भर में विख्यात है। पन्ना जिले का नाम पन्ना जिला मुख्यालय के निकट पद्मावती देवी जी के मंदिर के नाम पर रखा गया है। पन्ना को महाराजा छत्रसाल की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। पन्ना में हीरे की खदानें हैं, साथ ही यह अपने प्राचीन और खूबसूरत मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी कारण इसे 'मंदिरों का शहर' भी कहा जाता है। यहां स्थित श्री प्राणनाथ जी और श्री बलदेव जी का मंदिर तीर्थयात्रियों के बीच प्रसिद्ध है।https://panna.nic.in/en/history/#:~:text=Panna%20has%20diamond%20mines%2C%20as,are%20famous%20among%20the%20pilgrims. जिला पन्ना District Panna विवरण पन्ना एक पौराणेतहासिक नगर है इसका उल्लेख विष्णु पुराण और पद्मपुराण में किलकिल प्रदेश से आता है वाकटाक वंश की उत्पत्ति स्थल है। नागवंशी राजगोंड क्षत्रियो की कुलदेवी पद्मावती किलकिला नदी के तीरे विराजित हैं इसी कारण इसका नाम पद्मा और बाद में परना झिरना और पन्ना हुआ। राजगोंड राजवंश के बाद 1675 में बुंदेलखंड के शासक महाराजा छत्रसाल जूदेव बुंदेला द्वारा उनके आध्यात्मिक गुरु स्वामी प्राणनाथ के आदेश पर राजधानी बनाए जाने के कारण इस शहर का महत्त्व बढ़ गया। यहाँ स्थित ऐतिहासिक महत्त्व के भवनों में संगमरमर के गुंबद वाला स्वामी प्राणनाथ मंदिर (1795) और श्री बलदेवजी मंदिर शामिल हैं। और बुंदेलखण्ड के प्रसिद्ध श्री युगलकिशोर मंदिर में देश की भगवान श्रीकृष्ण का अष्टसिद्ध शालिगराम विग्रह है। पन्ना स्थित बलदेव मंदिर लंदन पैलेस श्रेणी पर आधारित है। पन्ना प्राणनाथ मंदिर प्रणामी संप्रदाय के लोगो का प्रमुख केंद्र है। यहां भारत का दुसरा सबसे प्राचीन एवं विशाल जगन्नाथ मंदिर स्थित है जिसका निर्माण 1817 में महराज किशोर सिंह जूदेव ने कराया था। प्रतिवर्ष यहां रथयात्रा का आयोजन भव्य स्वरूप में किया जाता है। महाभारत कालीन विराट नगर की पहचान यहां के बरहटा से की जाती है। 1921 में यहाँ नगरपालिका गठन हुआ था। इसके आसपास के क्षेत्र मुख्यत: भूतपूर्व पन्ना और अजयगढ़ रियासतों के हिस्से हैं। इसमें पन्ना श्रृंखला नामक पर्वतीय क्षेत्र भी शामिल है, जो विंध्य श्रृंखला की शाखा है। त्रेता युग में भगवान श्रीराम चित्रकूट होते हुये पंंन्ना से पवई तहशील आस पास प्रसिद्ध स्थल बृजपुर के निकट बृहस्पति कुंड , सारंगपूर के निकट सुुतीक्ष्ंण ऋषि का आश्रम, बडगांव के निकट ऋषि अग्निजिह का आश्रम सलेहा के निकट अगस्तमुनि का आश्रम, सिद्धनाथ आश्रम कुछ समय बिताया। चंद्रगुप्त के गुरु चाणक्य के जन्मस्थली सलेहा से 4 कि॰मी॰ दूर प्रसिद्ध चौमुखनाथ शिवमन्दिर है। पवई तहशील के निकट स्थित कलेही माता का मन्दिर , हनुभाटे चान्दे की प्रसिद्ध पहाड़िया, तेंदूघाट प्रसिद्ध स्थल है जो मनोहर स्थल हैं। इतिहास पन्ना एक ऐतिहासिक नगर यह नगर भारत के राज्य मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है। बुंदेलखंड की रियासत के रूप में इस नगर को बुंदेला नरेश छत्रसाल ने औरंगजेब की मृत्यु (1707 ई.) के पश्चात् अपने राज्य की राजधानी बनाया। मुग़ल सम्राट बहादुरशाह ने 1708 ई.में महाराजा छत्रसाल बुंदेला की सत्ता को मान लिया। पन्ना में स्थित ऐतिहासिक महत्त्व के भवनों में संगमरमर के गुंबद वाला स्वामी प्राणनाथ मंदिर (1756 ई.) और श्री बलदेवजी मंदिर (1795 ई.)शामिल हैं। पन्ना में पद्मावती देवी का एक मंदिर है, जो उत्तर-पश्चिम में स्थित पौराणिक किल-किला नदी के पास आज भी स्थित है। स्थानीय जनश्रुति है कि प्राचीन काल में पन्ना की बस्ती किल-किला नदी के उस पार थी जहाँ राजगौंड(आदिवासी क्षत्रिय राजवंश) और कोल लोगों का राज्य था। पन्ना से 2 मील उत्तर की ओर महाराज छत्रसाल बुंदेला का पुराना महल आज भी खण्डहर रूप में विद्यमान है। पन्ना को अठारहवीं-उन्नीसवीं सदी में पर्णा भी कहते थे। यह नाम तत्कालीन राज्यपत्रों में उल्लिखित है। पर्यटन स्थल सिद्धनाथ मंदिर पटना तमोली जिला पन्ना मध्यप्रदेश भगवान श्रीराम के वनवास का साक्षी रहे दिव्य स्थानों में से एक सिद्धनाथ है अगस्त ऋषि से भगवान श्रीराम की भेंट यही हुई थी। इसका प्रमाण रामायण में भी मिलता है। साथ ही राम वन पथ गमन मार्ग की खोज के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम ने भी इसकी पुष्टि की थी। यह स्थान पन्ना जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर पटना तमोली क्षेत्र में है, जिसे सिद्धनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहीं अगस्त ऋषि का आश्रम आज भी मौजूद है। यहां वे तपस्या किया करते थे। अगस्त मुनि पन्ना जिले के पटना तमोली ग्राम के पास स्थित सिद्धनाथ क्षेत्र में आए थे और यहां उन्होंने तपस्या की थी। संत वेल कुडी का कहना है कि बाल्मीकी रामायण में भी इसका वर्णन मिलता है। तमिल भाषा संस्कृत के समकक्ष है और इसका प्रकाशन भी अगस्त मुनि ने किया था। बोधिगयी पहाड़ दक्षिण में है और वहां भी अगस्त जी ने तपस्या की थी। इसके बाद वे भारत की यात्रा पर निकले और उन्होंने पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोया। दक्षिण भारत के प्रसिद्ध ग्रंथ आडिंवार में भी अगस्त मुनि का वर्णन मिलता है और यहां दर्शन कर हम लोग धन्य होते हैं। सिद्धनाथ का मंदिर 6 ठी शताब्दी में बनाया गया था। अनोखी शिल्प कला के इस मंदिर के साथ कभी यहां 108 कुंडीय भव्य मंदिर भी हुआ करता था जिसके प्रमाण साफ देखे जा सकते हैं। बाघ आरक्षित क्षेत्र पन्ना में एक बाघ आरक्षित क्षेत्र है, जिसे पन्ना राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।Namdev Sanjana Leopard trapped in trap set for hunting, rescue team of Panna Tiger Reserve reached the spot and did the rescue. Bhaskar Hindi, Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर) Hindi 20 November 2023 https://www.bhaskarhindi.com/city/panna/leopard-trapped-in-trap-set-for-hunting-rescue-team-of-panna-tiger-reserve-reached-the-spot-and-did-the-rescue-975288 hi 20 November 2023 पन्ना में बाघों की देख-रेख हाल के वर्षों में गिर गई है, और प्राकृतिक बाघों की आबादी के आंकड़े विवादास्पद हैं। यहाँ 2009 में योजना बना कर दो बाघों को स्थानांतरित किया गया, लेकिन एक नर बाघ गायब हो गया।http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2009-03-28/india/28031044_1_panna-tiger-reserve-male-tiger-kanha-national-park संग्रहीत प्रति 14 दिसंबर 2017 https://web.archive.org/web/20130629155739/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2009-03-28/india/28031044_1_panna-tiger-reserve-male-tiger-kanha-national-park 29 जून 2013 live फिर वहाँ पुन: एक नर बाघ को वहां स्थानांतरित किया गया। पुनर्स्थापित बाघों में से एक ने यहाँ 2010 में तीन शावकों को जन्म दिया।http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2010-05-09/flora-fauna/28275615_1_translocated-panna-reserve-madhya-pradesh-s-panna संग्रहीत प्रति 14 दिसंबर 2017 https://web.archive.org/web/20121102091611/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2010-05-09/flora-fauna/28275615_1_translocated-panna-reserve-madhya-pradesh-s-panna 2 नवंबर 2012 live उद्योग पन्ना में हीरे की महत्त्वपूर्ण ख़ानें हैं, जिनमें 17वीं शताब्दी से खुदाई हो रही है। यह भारत में हीरा उत्पादन करने वाला एकमात्र खदान क्षेत्र है। पन्ना कृषि उत्पादों, इमारती लकड़ियों और वस्त्र व्यापार का केंद्र है; हथकरघा व बुनाई यहाँ के मुख्य उद्योग हैं। चावल, गेहूं, ज्वार और तिलहन यहाँ की मुख्य फ़सलें हैं। यहाँ कई मत्स्यपालन केंद्र भी हैं। पन्ना में अमानगंज और सिमरिया के बीच स्थित ग्राम पुरैना में जेके सीमेंट फैक्ट्री से एक बड़े उद्योग की स्थापना हुई है। इस फैक्ट्री के कारण पन्ना में पाए जाने वाले चूने के पत्थर का उपयोग सीमेंट बनाने में हो रहा है ,और स्थानीय लोगों को रोजगार के कई साधन मिले है । पन्ना जिले के महेबा में भी एक और सीमेंट फैक्ट्री प्रस्तावित है। पन्ना टाइगर रिजर्व के कारण ग्राम मंडला और हिनौता में पर्यटन उद्योग से भी रोजगार बड़ी संख्या में मिला है । महाविद्यालय पन्ना में महाराजा छत्रसाल बुंदेला बुन्देलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर से संबद्ध छत्रसाल बुंदेला महाविद्यालय हैं। इसे अब प्रधानमंत्री श्री (पीएम श्री) छत्रसाल महाविद्यालय के नाम से जाना जाता है । इसमें कला, विज्ञान विषयों की पढ़ाई होती है। इसके अलावा शासकीय महाविद्यालय जिले के अमानगंज, पवई और खोरा (धरमपुर) में संचालित है। पन्ना नगर में निजी महाविद्यालय विधि और नर्सिंग विषय से जुड़े है। जनसंख्या 2011 में, पन्ना की जनसंख्या 1,016,520 थी, जिसमें पुरुष और महिलाएँ क्रमशः 533,480 और 483,040 थीं। 2024 में पन्ना की अनुमानित जनसंख्या 1.210,000 है |https://www.census2011.co.in/census/district/293-panna.html Panna District - Population 2011-2024 पन्ना के लोग ऋषिकेश पांडेय - संगीतकार एवं फिल्म निर्माता बृजेंद्र प्रताप सिंह - स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश मुकेश पाण्डेय - आबकारी उपनिरीक्षक के रूप में पन्ना में पदस्थ श्री पाण्डेय बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। आप लेखन, इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व, पर्यटन और फोटोग्राफी आदि में सिद्धहस्त है। धीरेंद्र प्रताप सिंह परमार - पन्ना के मूल निवासी श्री परमार सर्वोच्च न्यायालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता है । कपिल देव मिश्रा - पन्ना में जन्मे श्री मिश्रा दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के विधायक है । और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान रखते है । इन्हें भी देखें पन्ना राष्ट्रीय उद्यान पन्ना ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:पन्ना ज़िला श्रेणी:मध्य प्रदेश के शहर श्रेणी:पन्ना ज़िले के नगर *