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अनुच्छेद 329 (भारत का संविधान)
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भारत का संविधान भाग 15 निर्वाचन अनुच्छेद 330 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 328 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी :श्रेणी:संविधान 1949 प्रकाशित
भारत के संविधान का अनुच्छेद 329 लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता, निरंतरता और स्थिरता को सुनिश्चित करने वाला एक महत्त्वपूर्ण प्रावधान है। यह अनुच्छेद विशेष रूप से निर्वाचन प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाओं को निर्धारित करता है,भारतीय निर्वाचन आयोग https://www.nextias.com/blog/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97/ nextias.com 21 अप्रैल 2024 ताकि चुनावों का संचालन बिना अनावश्यक बाधाओं के सुचारु रूप से संपन्न हो सके।Bar to interference by courts in electoral matters https://www.constitutionofindia.net/articles/article-329-bar-to-interference-by-courts-in-electoral-matters/ 2025-12-16 भारत का संविधान en-US इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न विवादों का समाधान न कि तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप के माध्यम से बल्कि एक निर्धारित विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत ही हो।सचिव, भारत सरकार डॉ. जी. नारायण राजू भारत का संविधान https://surveyofindia.gov.in/documents/coi-hindi.pdf 9 नवम्बर 2015 भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग) राजभाषा खण्ड 227
पृष्ठभूमि
संविधान-निर्माताओं के समक्ष यह चुनौती थी कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को कैसे सुनिश्चित किया जाए, साथ ही यह भी कि न्यायिक हस्तक्षेप के कारण चुनाव प्रक्रिया बाधित न हो। यदि प्रत्येक चरण पर न्यायालयों में चुनौती दी जाती, तो चुनावों का समयबद्ध आयोजन कठिन हो सकता था। इसी कारण अनुच्छेद 329 को संविधान में सम्मिलित किया गया, ताकि चुनावों से संबंधित विवादों को एक विशिष्ट और पृथक विधिक तंत्र के अंतर्गत निपटाया जा सके।
इस प्रावधान का उद्देश्य यह था कि चुनाव प्रक्रिया एक बार प्रारंभ हो जाने के बाद उसे बिना व्यवधान के पूर्ण किया जाए, और उसके पश्चात ही विवादों का समाधान न्यायालयों में किया जाए।मिश्रा हिमांशु चुनावी मामलों में अदालतों के हस्तक्षेप पर रोक: संविधान का अनुच्छेद 329 https://hindi.livelaw.in/know-the-law/prohibition-of-interference-of-courts-in-electoral-matters-article-329-of-the-constitution-253545 27 मार्च 2024 livelaw.in
अनुच्छेद 329 को संविधान के अन्य निर्वाचन संबंधी प्रावधानों, विशेषतः अनुच्छेद 324 (निर्वाचन आयोग की शक्तियाँ) और जनप्रतिनिधित्व से संबंधित विधियों के साथ जोड़कर देखा जाता है। यह स्पष्ट करता है कि चुनावों की निगरानी और संचालन का दायित्व निर्वाचन आयोग पर है, जबकि चुनाव परिणामों को चुनौती देने का एकमात्र माध्यम निर्वाचन याचिका है।
मूल पाठ
(क) किसी निर्वाचन क्षेत्र के परिसीमन या उस हेतु सीटों के आवंटन से संबंधित किसी विधि की वैधता को किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जाएगा;
(ख) संसद या राज्य विधानमंडल के किसी सदन के लिए किसी निर्वाचन को केवल ऐसे निर्वाचन याचिका के माध्यम से ही प्रश्नगत किया जा सकेगा, जैसा कि संबंधित विधि द्वारा विनिर्दिष्ट किया गया है।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र 1957 52 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/२८७सचिव, भारत सरकार डॉ० रीटा वशिष्ट भारत का संविधान https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s380537a945c7aaa788ccfcdf1b99b5d8f/uploads/2023/05/2023050186.pdf 26 नवम्बर 2021 भारत सरकार विधि और न्याय मंत्रालय (विधायी विभाग) 188
(a) the validity of any law relating to the delimitation of constituencies or the allotment of seats to such constituencies, made or purporting to be made under article 327 or article 328, shall not be called in question in any court;
(b) no election to either House of Parliament or to the House or either House of the Legislature of a State shall be called in question except by an election petition presented to such authority and in such manner as may be provided for by or under any law made by the appropriate Legislature.भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र 1957 52 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/२८६
संदर्भ
टिप्पणी
अनुच्छेद 329 भारतीय लोकतंत्र की स्थिरता और विश्वसनीयता का एक सुदृढ़ स्तंभ है। यह सुनिश्चित करता है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक न्यायिक हस्तक्षेप से बचा जाए, जिससे चुनाव समय पर और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें। साथ ही, यह विवादों के समाधान के लिए एक स्पष्ट और सुव्यवस्थित विधिक मार्ग प्रदान करता है।भारत का संविधान (25 मार्च, 2014 को यथाविद्यमान) https://www.google.co.th/books/edition/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4_%E0%A4%95%E0%A4%BE_%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE/acGM0AYUDwAC भारत सरकार, विधि और न्याय मंत्रालय, विद्या विभाग 2014
हालाँकि, यह प्रावधान न्यायिक समीक्षा को पूर्णतः समाप्त नहीं करता, बल्कि उसे उचित समय और विधि तक सीमित करता है। इस प्रकार अनुच्छेद 329 लोकतांत्रिक प्रक्रिया और न्यायिक संतुलन के बीच एक समुचित समन्वय स्थापित करता है, जो भारतीय चुनाव प्रणाली को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बाहरी कड़ियाँ
भारत का संविधान
श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद