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संगम (फ़िल्म)
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संगम संगम.jpg संगम का पोस्टर राज कपूर राज कपूर शंकर-जयकिशन इंदर राज आनंद राज कपूर, वैजयंतीमाला, राजेन्द्र कुमार राज कपूर 238 मिनट 18 जून, 1964 भारत हिन्दी
संगम 1964 में बनी हिन्दी भाषा की रूमानी फिल्म है। इसका निर्देशन राज कपूर ने किया और इसमें वो स्वयं वैजयंतीमाला और राजेन्द्र कुमार के साथ मुख्य चरित्रों को निभाए हैं। यह राज कपूर की पहली रंगीन फिल्म थी इसे कभी-कभी राज कपूर की शानदार और प्रसिद्ध रचना भी माना जाता है, क्योंकि यह उनके सबसे अच्छे कामों में से एक है। जारी होने पर ये वर्ष की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। यह अत्यंत लंबी होने के लिये भी प्रतिष्ठित थी जिसके कारण इसे सिनेमाघर में दो विराम (interval) के साथ दिखाया गया था।राजकपूर, संगम और यादों के 50 साल... https://aajtak.intoday.in/gallery/raj-kapoors-love-saga-sangam-completes-50-glorious-years-1-7540.html आज तक 24 दिसम्बर 2018 hi 14 अक्टूबर 2014 https://web.archive.org/web/20181225030813/https://aajtak.intoday.in/gallery/raj-kapoors-love-saga-sangam-completes-50-glorious-years-1-7540.html 25 दिसंबर 2018 live
संक्षेप
सुन्दर (राज कपूर), गोपाल (राजेन्द्र कुमार) और राधा (वैजयंतीमाला) बचपन से दोस्त रहते हैं। बड़े होने के बाद राधा से सुन्दर प्यार करने लगता है, पर वो गोपाल को पसंद करते रहती है। जब सुन्दर अपने प्यार के बारे में गोपाल को बताता है तो गोपाल अपने प्यार को मन में ही दबा देता है।
सुन्दर भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाता है और उसे कश्मीर में एक मिशन पर जाना होता है। वो जाने से पहले गोपाल से वादा लेता है कि वो किसी को भी राधा और उसके बीच नहीं आने देगा और ऐसा बोल कर वो चले जाता है। इसके बाद उसका विमान नष्ट होने की खबर आती है, जिससे सभी मान लेते हैं कि उसकी मौत हो चुकी है। सुन्दर के मर जाने के बाद, राधा से अपने दिल की बात कहने के लिए गोपाल एक प्रेम पत्र लिखता है, और वो उस पत्र को लेकर अपने पास कहीं छुपा लेती है। दोनों शादी करने की सोचते रहते हैं कि तभी सुन्दर पूरी तरह सुरक्षित और अच्छे हालत में वापस आ जाता है। सुन्दर को देख कर गोपाल फिर से अपने प्यार को मन में ही दबा लेता है। सुन्दर वापस आने के बाद वो राधा को शादी के लिए मनाने की कोशिश करते रहता है और बाद में उन दोनों की शादी भी हो जाती है।
शादी के बाद सुन्दर बहुत खुश रहता है, क्योंकि उसका सपना अब हकीकत बन चुका है। राधा भी अपने दिमाग से गोपाल को निकाल देती है और उससे बोलती है कि वो उसके और उसके पति से दूर रहे, ताकि उसके पास रहने से उसे कष्ट होता है। दोनों की शादीशुदा जिंदगी अच्छी चल रही होती है कि एक दिन सुन्दर को बिना दस्तखत किया हुआ एक प्रेम पत्र मिलता है, जो गोपाल ने लिखा था। उस प्रेम पत्र को देख कर सुन्दर के पैरों तले जमीन खिसक जाती है, उसे लगता है कि राधा का किसी और के साथ चक्कर चल रहा है। वो बंदूक निकाल लेता है और उससे उसके प्रेमी का नाम पुछने लगता है, जिससे कि वो उस प्रेमी को मार सके, पर राधा उसे बताने से इंकार कर देती है।
सुन्दर के मन में उस पत्र को लिखने वाले की खोज करने का जुनून सवार रहता है और उसके कारण राधा का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। वो गोपाल से इस बारे में मदद मांगती है। सुन्दर भी उस लेखक को ढूंढने में मदद के लिए गोपाल से मदद मांगने जाता है। तीनों एक ही जगह पर मिलते हैं और गोपाल ये मान लेता है कि वो पत्र उसी ने राधा के लिए लिखा था। गोपाल को इस समस्या से बाहर निकालने का कोई रास्ता नहीं सूझता है और वो सुन्दर की बंदूक ले कर खुद को गोली मार लेता है। अंत में राधा और सुन्दर वापस एक हो जाते हैं।
मुख्य कलाकार
राज कपूर — सुन्दर खन्ना
रणधीर कपूर - जूनियर सुन्दर खन्ना
राजेन्द्र कुमार — गोपाल वर्मा
वैजयंतीमाला — राधा
इफ़्तेख़ार — भारतीय वायुसेना अधिकारी
राज मेहरा — जज मेहरा
नाना पालसिकर — नत्थू
ललिता पवार — श्रीमती वर्मा
हरि शिवदासानी — कैप्टन
अचला सचदेव — कैप्टन की पत्नी
संगीत
गीत गायक शंकर-जयकिशन ओ महबूबा तेरे दिल मुकेश 5:04 हसरत जयपुरी बोल राधा बोल मुकेश, वैजयंतीमाला 4:21 शैलेन्द्र ये मेरा प्रेम पत्र मोहम्मद रफी 4:25 हसरत जयपुरी मैं का करूँ राम लता मंगेश्कर 3:45 हसरत जयपुरी ओ मेरे सनम लता मंगेश्कर, मुकेश 4:28 शैलेन्द्र हर दिल जो प्यार करेगा मुकेश, लता मंगेश्कर, महेन्द्र कपूर 4:45 शैलेन्द्र दोस्त दोस्त ना रहा मुकेश 5:46 शैलेन्द्र
नामांकन और पुरस्कार
पुरस्कार श्रेणी नामित व्यक्ति नतीजा टिप्पणी सन्दर्भफ़िल्मफ़ेयर पुरस्कारसर्वश्रेष्ठ फ़िल्मराज कपूर आर॰ के॰ फिल्म्स की ओर से सर्वश्रेष्ठ निर्देशकसर्वश्रेष्ठ अभिनेतासर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रीवैजयंतीमालासर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेताराजेन्द्र कुमार rowspan="5" सर्वश्रेष्ठ कथाइंदर राज आनंद सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशकशंकर-जयकिशन सर्वश्रेष्ठ गीतकारशैलेन्द्र"दोस्त दोस्त ना रहा" के लिये सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायकमुकेश
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
0058547 संगम
श्रेणी:1964 में बनी हिन्दी फ़िल्म
श्रेणी:शंकर–जयकिशन द्वारा संगीतबद्ध फिल्में