411 REFERENCE · Wikipedia
मेदिनीपुर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
मेदिनीपुर মেদিনীপুর मिदनापुर शहर एवं नगरपालिका Midnapore-Gate.jpg मेदिनीपुर कॉलेजिएट स्कूल 22.424 N 87.319 E region:IN-WB inline,title India West Bengal right पश्चिम बंगाल में स्थिति देश भारत राज्य पश्चिम बंगाल ज़िला पश्चिम मेदिनीपुर महकमा मेदिनीपुर सदर नगरपालिका स्थापना 1 अप्रैल 1865 23 169264 2011 auto मेदिनीपुरिया पिन कोड 721101, 721102 टेलीफोन कोड +91 3222 WB-33, WB-34
मेदिनीपुर (अंग्रेज़ी: Midnapore या Medinipur) भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय और एक ऐतिहासिक शहर है। यह शहर कंगसाबती नदी (कांसाई) के उत्तरी तट पर स्थित है। समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, प्राचीन मंदिरों और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान के लिए मेदिनीपुर का विशेष ऐतिहासिक महत्व है।"Lonely Planet West Bengal: Chapter from India Travel Guide," Lonely Planet Publications, 2012, ISBN 9781743212202"Kolkata and West Bengal Rough Guides Snapshot India," Rough Guides, Penguin, 2012, ISBN 9781409362074
नामकरण
मेदिनीपुर के नामकरण को लेकर ऐतिहासिक एवं लोककथाओं से जुड़े दो मुख्य विवरण मिलते हैं:
एक ऐतिहासिक मान्यता के अनुसार, इस शहर की स्थापना बारहवीं से चौदहवीं शताब्दी के मध्य विख्यात कोषकार 'मेदिनीकर' (जिन्होंने प्रसिद्ध संस्कृत ग्रंथ मेदिनीकोश की रचना की थी) द्वारा की गई थी और उन्हीं के नाम पर इसका नाम 'मेदिनीपुर' पड़ा। महामहोपाध्याय हरप्रसाद शास्त्री ने भी इस मत का समर्थन किया था।
एक अन्य स्थानीय लोक-आस्था के अनुसार, शहर का नामकरण स्थानीय कुलदेवी "मेदिनीमाता" (शक्ति स्वरूपा, जगत की माता) के नाम पर हुआ है, जिनका प्राचीन मंदिर नगर के निकट गोप क्षेत्र में स्थित है।
इतिहास
मध्यकालीन एवं औपनिवेशिक काल
मेदिनीपुर क्षेत्र प्राचीन काल में ताम्रलिप्त सभ्यता और बाद में गौड़ तथा कलिंग (ओडिशा) के साम्राज्यिक प्रभाव क्षेत्र में रहा। मध्यकाल में यह क्षेत्र मुगलों और बंगाल के नवाबों के अधीन आया।
अठारहवीं सदी के मध्य में जब बंगाल में मराठा अभियानों (बरगी) का दौर चला, तब नवाब अलीवर्दी ख़ान और मराठों के बीच इस क्षेत्र को लेकर कई संघर्ष हुए। वर्ष 1757 में प्लासी की लड़ाई के बाद, 1760 में मीर कासिम ने कंपनी के समर्थन के बदले मेदिनीपुर, बर्दवान और चटगांव का दीवानी नियंत्रण ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिया।
औपनिवेशिक शासन स्थापित होने के बाद यह शहर स्थानीय जमींदारों, विशेष रूप से मल्लिक जमींदारों और कर्णगढ़ राजघराने के प्रभाव में रहा।
स्वाधीनता संग्राम में भूमिका
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में मेदिनीपुर की भूमिका स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। यहाँ के क्रांतिकारी आंदोलनों ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी:
चुआर विद्रोह: 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में स्थानीय आदिवासियों और किसानों ने रानी शिरोमणि के नेतृत्व में अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों के विरुद्ध ऐतिहासिक 'चुआर विद्रोह' का बिगुल फूंका।
क्रांतिकारी धारा: बीसवीं सदी के आरंभ में मेदिनीपुर क्रांतिकारी राष्ट्रवाद का मुख्य गढ़ बना। अमर शहीद खुदीराम बोस, सत्येंद्रनाथ बोस और हेमचंद्र कानूनगो जैसे अमर सेनानियों का संबंध इसी भूमि से रहा।
औपनिवेशिक काल में 1930 के दशक के दौरान मेदिनीपुर में क्रांतिकारियों ने तीन लगातार ब्रिटिश जिला मजिस्ट्रेटों (जेम्स पेडी, रॉबर्ट डगलस और बर्नार्ड बर्ज) का वध किया था, जिसने ब्रिटिश प्रशासन को स्तब्ध कर दिया था।
भूगोल
मेदिनीपुर 22.424° उत्तर अक्षांश और 87.319° पूर्व देशांतर पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी औसत ऊँचाई लगभग 23 मीटर (75 फीट) है। यह शहर कंसावती (कांसाई) नदी के किनारे बसा हुआ है। निकटवर्ती औद्योगिक शहर खड़गपुर और मेदिनीपुर मिलकर एक बड़े शहरी समूह (मेदिनीपुर-खड़गपुर विकास प्राधिकरण) का निर्माण करते हैं।
जनसांख्यिकी
2011 की भारत की जनगणना के अनुसार, मेदिनीपुर नगरपालिका क्षेत्र की कुल जनसंख्या 1,69,264 थी।
लिंगानुपात: कुल जनसंख्या में 84,977 पुरुष और 84,287 महिलाएँ थीं, जिससे यहाँ का लिंगानुपात संतुलित (प्रति 1000 पुरुषों पर लगभग 992 महिलाएँ) दर्ज किया गया।
साक्षरता दर: मेदिनीपुर शहर की औसत साक्षरता दर 88.99% थी, जो राज्य और राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। इसमें पुरुष साक्षरता 92.53% और महिला साक्षरता 85.44% थी।
भाषा: शहर में प्रमुख रूप से बंगाली बोली जाती है। इसके अलावा हिन्दी, संथाली और उर्दू भाषी समुदाय भी यहाँ निवास करते हैं।
शिक्षा
मेदिनीपुर दक्षिण-पश्चिम बंगाल का एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र रहा है:
विद्यासागर विश्वविद्यालय: उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए 1981 में स्थापित यह विश्वविद्यालय शहर का प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है।
मेदिनीपुर कॉलेज: 1873 में स्थापित यह ऐतिहासिक कॉलेज राज्य के सबसे पुराने और स्वायत्त (Autonomous) महाविद्यालयों में से एक है।
मेदिनीपुर कॉलेजिएट स्कूल: 1834 में स्थापित यह विद्यालय बंगाल के सबसे प्राचीन विद्यालयों में गिना जाता है, जहाँ ऋषि राजनारायण बसु जैसे महान सुधारकों ने अपनी सेवाएँ दीं।
इसके अतिरिक्त शहर में मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और कई अन्य तकनीकी व सामान्य डिग्री कॉलेज स्थित हैं।
संस्कृति एवं प्रमुख स्थल
सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक संगम के लिए विख्यात मेदिनीपुर में विभिन्न धर्मों के प्राचीन स्थल मौजूद हैं:
जोड़ा मस्जिद: मीर बाज़ार में स्थित यह ऐतिहासिक मस्जिद वार्षिक उर्स शरीफ़ के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ हर वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
जगन्नाथ मंदिर (नूतन बाज़ार): 1851 में निर्मित यह मंदिर ओडिशा की कलिंग स्थापत्य शैली का अद्भुत उदाहरण है।
कर्णगढ़: शहर से कुछ दूरी पर स्थित कर्णगढ़ में महामाया और दांडेश्वर के प्राचीन मंदिर तथा रानी शिरोमणि के किले के अवशेष स्थित हैं।
पाथरा (मंदिरों का गाँव): शहर के बाहरी इलाके में कंसावती नदी के किनारे स्थित पाथरा में 34 से अधिक प्राचीन हिंदू मंदिरों का समूह है, जिनका संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किया जा रहा है।
परिवहन
रेलवे: मेदिनीपुर रेलवे स्टेशन (MDN) दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र के खड़गपुर मंडल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। यहाँ से हावड़ा, आसनसोल, बाँकुड़ा और ओडिशा की ओर सीधी रेल सुविधा उपलब्ध है।
सड़क मार्ग: यह शहर राष्ट्रीय राजमार्ग 14 (NH-14) और राज्य राजमार्गों के माध्यम से कोलकाता, खड़गपुर, बाँकुड़ा और पुरुलिया जैसे प्रमुख शहरों से भली-भाँति जुड़ा हुआ है।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
पश्चिम मेदिनीपुर ज़िला आधिकारिक पोर्टल
श्रेणी:पश्चिम बंगाल के शहर
श्रेणी:पश्चिम मेदिनीपुर ज़िला
श्रेणी:पश्चिम मेदिनीपुर ज़िला
श्रेणी:पश्चिम बंगाल के शहर
श्रेणी:पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले के नगर