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मैक्सिमिलियन रोबेस्पिएरे का पतन

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मैक्सिमिलियन रोबेस्पिएरे का पतन 1870 Max Adamo Der Sturz des Robespierre anagoria.jpg 27–28 जुलाई 1794 (9–10 थर्मिडोर, वर्ष II) पेरिस, फ़्रांस मैक्सिमिलियन रोबेस्पिएरे, नेशनल कन्वेंशन के सदस्य (पॉल बर्रास, जोसेफ फूशे, जीन-लैम्बर्ट टालियन) रोबेस्पिएरे की गिरफ्तारी और गिलोटिन द्वारा मृत्युदंड, 'आतंक के शासन' का अंत मैक्सिमिलियन रोबेस्पिएरे का पतन, जिसे फ्रांसीसी इतिहास में 9 थर्मिडोर की घटना या 'थर्मिडोरियन प्रतिक्रिया' के रूप में भी जाना जाता है, फ्रांसीसी क्रांति के दौरान 27 जुलाई 1794 को घटित एक अत्यंत निर्णायक राजनीतिक घटना थी।https://www.britannica.com/event/Thermidorian-Reaction Thermidorian Reaction Encyclopedia Britannica इस दिन फ्रांसीसी क्रांति के सबसे शक्तिशाली और कट्टरपंथी नेता मैक्सिमिलियन रोबेस्पिएरे को सत्ता से बेदखल कर गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप फ्रांस में चल रहे कुख्यात 'आतंक के शासन' का हमेशा के लिए अंत हो गया। रोबेस्पिएरे 'कमेटी ऑफ पब्लिक सेफ्टी' का प्रमुख था और उसने फ्रांस को आंतरिक और बाहरी दुश्मनों से बचाने के नाम पर पूरे देश में आतंक का एक खौफनाक माहौल स्थापित कर दिया था। 1793 से 1794 के बीच, क्रांति के हजारों कथित दुश्मनों को 'गिलोटिन' पर सिर काटकर मौत के घाट उतार दिया गया। जून 1794 में रोबेस्पिएरे द्वारा '22 प्राइरियल का कानून' पारित कराने के बाद यह आतंक अपने चरम पर पहुंच गया। इस कठोर कानून ने संदिग्धों के आत्मरक्षा के अधिकारों को समाप्त कर दिया और मुकदमों की प्रक्रिया को बेहद तेज कर दिया। जब रोबेस्पिएरे ने जॉर्जेस डैंटन जैसे अपने पूर्व सहयोगियों को भी मौत की सजा दे दी, तो नेशनल कन्वेंशन के अन्य राजनेताओं में यह दहशत फैल गई कि किसी भी दिन अगला नंबर उनका हो सकता है।https://www.history.com/this-day-in-history/robespierre-overthrown-in-france Robespierre overthrown in France HISTORY अंततः, 27 जुलाई 1794 (फ्रांसीसी रिपब्लिकन कैलेंडर के अनुसार 9 थर्मिडोर) को जब रोबेस्पिएरे नेशनल कन्वेंशन में भाषण देने के लिए खड़े हुए, तो सदस्यों ने उन्हें बोलने से रोक दिया और "तानाशाह मुर्दाबाद" के नारे लगाए। भारी हंगामे के बीच रोबेस्पिएरे, उनके भाई ऑगस्टिन, और उनके करीबी सहयोगियों (जैसे सेंट-जस्ट और कॉउथन) की गिरफ्तारी का आधिकारिक आदेश पारित कर दिया गया। हालांकि वे थोड़ी देर के लिए भागकर 'होटल डी विले' में छिप गए, लेकिन कन्वेंशन के वफादार सैनिकों ने रात में वहां धावा बोल दिया। इस झड़प में रोबेस्पिएरे के जबड़े में गोली लग गई (यह आज तक रहस्य है कि उन्होंने खुद को गोली मारी थी या किसी सैनिक ने उन्हें मारा था)।https://www.worldhistory.org/Thermidorian_Reaction/ Thermidorian Reaction World History Encyclopedia अगले ही दिन, 28 जुलाई 1794 (10 थर्मिडोर) को, बिना किसी न्यायिक मुकदमे के रोबेस्पिएरे और उनके 21 प्रमुख सहयोगियों को पेरिस के प्लेस डे ला रेवोल्यूशन (अब प्लेस डे ला कॉनकॉर्ड) में उसी गिलोटिन पर चढ़ा दिया गया, जिसके माध्यम से उन्होंने अनगिनत लोगों की जान ली थी। इस ऐतिहासिक घटना ने फ्रांसीसी क्रांति की दिशा को हमेशा के लिए बदल दिया और फ्रांस में एक अधिक उदारवादी सरकार की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। सन्दर्भ 29em बाहरी कड़ियाँ एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका पर 'थर्मिडोरियन प्रतिक्रिया' और रोबेस्पिएरे के पतन का इतिहास हिस्ट्री.कॉम (History.com) पर 27 जुलाई 1794 की घटना का विवरण वर्ल्ड हिस्ट्री एन्साइक्लोपीडिया पर रोबेस्पिएरे की गिरफ्तारी और मृत्यु की जानकारी श्रेणी:फ्रांस का इतिहास श्रेणी:यूरोप का इतिहास