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411 समाचार
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चिकित्सकीय परीक्षण

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right|thumb|300px|विल्हेल्म रोएन्टजन द्वारा लिया गया अल्बर्ट फॉन कोल्लिकर के हाथ का एक्स-रे आयुर्विज्ञान में मानव शरीर का स्वास्थ्य और उपचार मुख्यतः देखा जाता है। इसके लिये शरीर के कई परीक्षण किये जाते हैं। इन्हें चिकित्सकीय परीक्षण (Medical test) कहा जाता है। ये कई प्रकार के होते हैं: नाक और गले के सबसे ऊपरी हिस्से के लिए नेजोस्कोपी, स्वरयंत्र यानी लैरिंग्स के लिए डायरेक्ट लैरिंगोस्कोपी, सांस की नली के लिए ब्रोंकोस्कोपी, छाती के बीच में दिल, धमनियों आदि की जंच के लिए मीडियास्टिनोस्कोप, खाने की नली के ऊपरी हिस्से की जांच के लिए इसोफेगोस्कोपी, आमाशय के निचले सिरे को देखने के लिए गेस्ट्रोडियोडिनोस्कोपी पेंक्रियास और पूरे बाइल सिस्टम को देखने के लिए एआरसीपी स्कोप का प्रयोग किया जाता है। प्रोक्टोस्कोप रेक्टम के लिए, सिग्मोयडोस्कोप बड़ी आंत के आखिरी सिरे की जांच के लिए और कोलोनोस्कोप कोलोन की जांच के लिए की जाती है। इनके अलावा भी कई अन्य परीक्षण किये जाते हैं। इनमें रक्त और मूत्र परीक्षण, एक्सरे और ईसीजी, कॉलेस्ट्रॉल के लिए लिपिड प्रोफाइल, ग्लूकोज स्तर परीक्षण, ईसीजी, सोनोग्राफी आदि आते हैं। अधिक आयु होने पर परीक्षण कराने पर भविष्य में स्वस्थ रह सकते हैं। जीवन शैली के कारण होने वाले रोगों की रोकथाम में सहायक होते हैं। इस बारे में सभी को पता होना चाहिये किस आयु में कौन-से परीक्षण कराएं, ताकि गंभीर रोगों के होने की आशंका खत्म की जा सके। आयु जनित परीक्षण ३० वर्ष रक्त और मूत्र परीक्षण, चेस्ट एक्सरे और ईसीजी। कॉलेस्ट्रॉल के लिए लिपिड प्रोफाइल, ग्लूकोज लेवल परीक्षण, ईसीजी, सोनोग्राफी। कारण: ये परीक्षण तनाव जनित रोगों जैसे रक्तचाप और मधुमेह की सटीक सूचना देने में सक्षम होते हैं। लाभ: सोनोग्राफी, पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम की सूचना देगी, जिससे वजन में बढ़ोतरी मासिक में अनियमितता का समय पर इलाज हो सकता है। फेफड़ों के कैंसर, टीबी और एम्फीसिमा एक्सरे से जल्दी पकड़ में आता है। ३५ वर्ष ३० वर्ष की आयु में कराए गए सभी परीक्षण। इनके अलावा महिलाओं के लिए: पैप स्मीयर, मैमोग्राफी, रक्त परीक्षण, रक्तचाप। लाभ: थायरॉइड परीक्षण, थायरॉइड के डिसऑर्डर हाइपोथायराइडिज्म और हाइपर थायरॉइडिज्म का पता करने में मदद करता है। पैप स्मीयर परीक्षण सर्वाइकल कैंसर को आरंभिक स्तर में ही बता कर सचेत कर देता है। ४० वर्ष ३५ वर्ष की आयु में कराए जाने वाले सारे परीक्षण और आंखों की जांच। महिलाओं के लिए: पैप स्मीयर, पेट की सोनोग्राफी, मैमोग्राम। कारण: इस आयु में लोग कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप और मधुमेह के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाते हैं। लाभ: दृष्टि कम होने के कारण सिरदर्द, थकान और अन्य परेशानियां हो सकती हैं। महिलाओं के लिए रजोनिवृत्ति के निकट होने के कारण सोनोग्राफी कराना ठीक रहता है, इससे एब्डोमन के सभी अंग लिवर, तिल्ली, किडनी, पैंक्रियाज की भी स्क्रीनिंग हो जाती है। ४५ वर्ष रक्त, मूत्र, छाती एक्सरे, ईसीजी, लिपिड प्रोफाइल, रक्त शूगर, सोनोग्राफी, कार्डियक स्ट्रेस परीक्षण। महिलाओं के लिए: बोन डेसिटोमीट्री और मैमोग्राम। कारण: इस आयु में ह्वदय रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। लाभ: टू डी इको ह्वदय के फंक्शन की जानकारी देता है। रजोनिवृत्ति पूर्व की इस अवस्था में महिलाओं के ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। ये इसकी रोकथाम में मदद करते हैं। ५० वर्ष रक्त, मूत्र, ईसीजी, लिपिड प्रोफाइल, रक्त शर्करा, सोनोग्राफी, कार्डियक स्ट्रेस परीक्षण। महिलाओं के लिए: गर्भाशय की सोनोग्राफी और ओवरी स्ट्रेस परीक्षण। कारण: ज्यों-ज्यों आयु बढ़ती जाती है, ह्वदय रोग होने की आशंका बढ़ती जाती है। लाभ: समय से परीक्षण कराने पर कैंसर की शुरूआती अवस्था मे पहचान होने पर इलाज संभव है। कार्डियक स्ट्रेस परीक्षण कोरोनरी आर्टरी डिजीज की उपस्थिति और होने की संभावना बता देता है। ५५ वर्ष प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन परीक्षण कारण: पीएसए एक तरह का रक्त परीक्षण है, जो प्रोस्टेट कैंसर की पहचान बताता है। यदि रक्त में इसकी मात्रा अधिक होती है, तो बायोप्सी करानी चाहिए। लाभ: समय से जांच पर कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है और प्रभावी इलाज संभव है। सन्दर्भ इन्हें भी देखें नैदानिक परीक्षा (शिक्षा) बाहरी कड़ियाँ कब कराएं मेडिकल टेस्ट (पत्रिका.कॉम) श्रेणी:चिकित्सकीय परीक्षण