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शैफाली वर्मा
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शैफाली वर्मा का (जन्म 28 जनवरी 2004 मे हरियाणा) एक स्वर्णकार परिवार में हुआ था। लेकिन इनका पुस्तैनी गांव राजस्थान के अलवर(खैरथल) जिले की मुंडावर तहसील का जालावास गांव है। वहा से इनके परदादा जी के निधन होजाने के बाद इनकी परदादी अपने गांव रोहतक हरियाणा में आ गई उसके बाद वहां शैफाली के दादा का जन्म हुआ और इसी तरह समय निकलता गया और शैफाली का जन्म हुआ और धीरे धीरे शैफाली का लगाव क्रिकेट की तरफ हुआ और आखिरकार शैफाली और उसके परिवार सालो का सपना हुआ की शैफाली भारतीय क्रिकेट टीम में बतौर बल्लेबाज शामिल हुई।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की क्रिकेटर हैं। शैफाली वर्मा ने सचिन तेंदुलकर के 30 साल पुराने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया जो सचिन ने 16 साल की उम्र में पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाने के साथ अपने नाम किया था। 15 साल की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक बनाने के साथ ही यह शैफाली वर्मा सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक लगाने वाली क्रिकेटर बन गईं।
== व्यक्तिगत जीवन ==
नवंबर 2013 में 9 साल की उम्र में वर्मा ने अपने पिता के साथ दिल्ली के पास रोहतक के स्टेडियम में सचिन का आखिरी रणजी ट्रॉफ़ी मैच देखा था। शैफाली के मुताबिक तेंदुलकर को मुम्बई को जीत दिलाते देख वो क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित
शेफाली वर्मा का जन्म स्वर्णकार सुनार परिवार में हुआ था। वर्मा कई इंटरव्यू में तेंदुलकर को अपना आदर्श बता चुकी हैं। शेफाली ने अपनी स्कूल की शिक्षा मनदीप सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की है।
शैफाली के मुताबिक उनके भाई जिस स्थानीय क्लब क्रिकेट क्लब में खेलते थे। वो उन्हें खेलने का मौका नहीं देते थे क्योंकि उन्हें अपनी टीम में कोई लड़की नहीं चाहिए थी।
वर्मा के पिता ने इसका बहुत ही रचनात्मक समाधान निकाला। उन्होंने वर्मा के बाल कटवाए जिससे उनके लड़का होने का भ्रम पैदा किया जा सके।
एक दिन वर्मा का भाई बीमार हो गया और उन्होंने स्थानीय क्लब में अपने भाई की जगह ले ली। टीम के लिए खेलते हुए वर्मा पहले ‘मैन ऑफ़ द मैच’ फिर टूर्नामेंट में "मैन ऑफ़ द सिरीज़" बनीं।
== करियर ==
क्रम में शैफाली महज कुछ अंकों के फासले से तीसरे स्थान पर है। शैफाली वर्मा ने सितंबर 2019 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ महिला टी20 मैच के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की। तब वे महज 15 साल की थीं।
नवंबर 2019 में, वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने सबसे कम उम्र में अर्धशतक जमाने का रिकॉर्ड कायम किया। वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ पांच टी20 मैचों की इसी सिरीज़ में 158 रन के साथ शैफाली ‘प्लयेर ऑफ़ द सिरीज़’ भी चुनी गईं।
जनवरी 2020 में शैफाली को ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह दी गई। उसी साल बीसीसीआई (बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया) ने उन्हें केंद्रीय अनुबंध में भी शामिल किया।
वर्ल्ड कप में शैफाली 161 के स्ट्राइक रेट के साथ तीसरी सर्वाधिक रन बनाने वाली क्रिकेटर रहीं। टूर्नामेंट में उनके इस प्रदर्शन के बाद ही भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें रॉक स्टार का नाम दिया।
आईसीसी की महिला टी20 क्रिकेटर्स की ताज़ा वरीयता में तीसरे स्थान पर हैं।
== सन्दर्भ ==