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२०२५ भारतीय चुनाव विवाद
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२०२५ भारतीय चुनाव विवाद en 2025 Indian electoral controversy शुक्रवार, 2025 08 01 – वर्तमान
विक्रम संवत् : श्रावण शुक्ल अष्टमी, २०८२ – वर्तमान
शक संवत् : श्रावण शुक्ल अष्टमी, १९४७ – वर्तमान
कलियुग संवत् : श्रावण शुक्ल अष्टमी, ५१२७ – वर्तमान हरियाणा, (मुख्य सन्दर्भ); राष्ट्रीय स्तर पर बहस 29.06 76.09 region:IN_type:event inline,title वोट चोरी, VOTE चोरी मतदाता सूची में कथित अनियमितताएँ; विदेशी तस्वीरों का दुरुपयोग राहुल गाँधी (कांग्रेस नेता द्वारा सार्वजनिक दावा) समाचार एवं मीडिया भारतीय निर्वाचन आयोग; राजनीतिक दल (कांग्रेस, भाजपा); स्थानीय प्रशासन; मीडिया जाँच‑माँग; सार्वजनिक और क़ानूनी विवाद; तस्वीर के दुरुपयोग पर क़ानूनी क़दम की सूचना मीडिया रिपोर्टों तथा सार्वजनिक दावों के प्रस्चत जाँच‑माँग और पूछताछ की माँग भारतीय निर्वाचन आयोग (आरोपित रूप से); भारतीय जनता पार्टी (आरोपित रूप से) eci.gov.in
शुक्रवार, १ अगस्त २०२५ en 2025 (श्रावण शुक्ल अष्टमी; विक्रम संवत् २०८२, शक संवत् १९४७, कलियुग संवत् ५१२७) को लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल राजीव गाँधी ने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने २०२४ (वि॰सं॰ २०८१, श॰सं॰ १९४६, क॰सं॰ ५१२६) के भारतीय आम चुनाव में निर्वाचन धोखाधड़ी के प्रमाण प्राप्त किए हैं। गुरुवार, ७ अगस्त २०२५ (श्रावण शुक्ल त्रयोदशी; वि॰सं॰ २०८२, श॰सं॰ १९४७, क॰सं॰ ५१२७) को उन्होंने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आ योग (ECI) द्वारा कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र en Mahadevapura Assembly constituency हेतु तैयार की गई मतदाता सूचियों में अनेक त्रुटियाँ हैं। उन्होंने आयोग पर “वोट चोरी” तथा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर संगठित धोखाधड़ी करने का अभियोग लगाया।
निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को अस्वीकार करते हुए उनसे आग्रह किया कि वे हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र के रूप में प्रस्तुत करें। रविवार, १७ अगस्त २०२५ (भाद्रपद कृष्ण द्वितीया, वि॰सं॰ २०८२, श॰सं॰ १९४७, क॰सं॰ ५१२७) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आरोपों को सात दिवस के भीतर शपथपत्र सहित प्रस्तुत करना आवश्यक है, अन्यथा उन्हें “निराधार एवं अमान्य” माना जाएगा। उन्होंने निर्वाचक पंजीकरण नियमावली, १९६० के नियम २०(३)(ख/B) का उल्लेख किया। किन्तु न तो राहुल गाँधी और न ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ऐसा कोई शपथपत्र प्रस्तुत किया।https://www.hindustantimes.com/india-news/taken-oath-of-constitution-rahul-gandhi-responds-to-election-commission-after-vote-theft-claim-101754638377165.html ‘Taken Constitution’s oath': Rahul Gandhi responds as spat with Election Commission over ‘vote theft’ intensifies 2025-08-08 Hindustan Times en 2025-12-01
तत्पश्चात्, कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने बिहार की मतदाता सूचियों के संशोधन के विरोध में प्रदर्शन तथा सामाजिक माध्यमों पर अभियान आयोजित किए। इन आरोपों के प्रत्युत्तर में भाजपा के अनेक सदस्य एवं सहयोगी आयोग का समर्थन करते हुए विपक्षी दलों पर ही निर्वाचन धोखाधड़ी में संलिप्त होने का प्रत्यारोप करने लगे।
पृष्ठभूमि
निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में परिवर्तन
निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग के सदस्य होते हैं। इन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा चयन समिति नामक त्रिसदस्यीय पैनल की संस्तुति पर बहुमत मत से नियुक्त किया जाता है। २०२३ से पूर्व समिति में भारत के प्रधानमन्त्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता सम्मिलित रहते थे। किन्तु मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें एवं पदावधि) अधिनियम, २०२३ ने विवादास्पद रूप से मुख्य न्यायाधीश के स्थान पर एक केन्द्रीय मन्त्री को सम्मिलित कर दिया। इस प्रकार सत्तारूढ़ सरकार को निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति में प्रमुख भूमिका प्राप्त हो गई।https://www.hindustantimes.com/india-news/taken-oath-of-constitution-rahul-gandhi-responds-to-election-commission-after-vote-theft-claim-101754638377165.html ‘Taken Constitution’s oath': Rahul Gandhi responds as spat with Election Commission over ‘vote theft’ intensifies 2025-08-08 Hindustan Times en 2025-12-01
पूर्व आरोप : निर्वाचन धोखाधड़ी
पूर्व में विपक्षी कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत करने तथा मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में धाँधली करने का अभियोग लगाया था।https://www.hindustantimes.com/india-news/taken-oath-of-constitution-rahul-gandhi-responds-to-election-commission-after-vote-theft-claim-101754638377165.html ‘Taken Constitution’s oath': Rahul Gandhi responds as spat with Election Commission over ‘vote theft’ intensifies 2025-08-08 Hindustan Times en 2025-12-01
आरोप
शुक्रवार, १ अगस्त २०२५ en 2025 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने २०२४ के भारतीय आम चुनाव में निर्वाचन धोखाधड़ी का अभियोग लगाया। उन्होंने प्रमाणों को “एटम बॉम्ब” (परमाणु बम) की संज्ञा दी और कहा कि सत्तारूढ़ दल के पास “छिपने का कोई स्थान नहीं रहेगा।”
बुधवार, ५ नवम्बर २०२५ (कार्तिक शुक्ल द्वादशी; वि॰सं॰ २०८२, श॰सं॰ १९४७, क॰सं॰ ५१२७) को राहुल गाँधी ने २०२४ हरियाणा विधानसभा चुनाव में मत धोखाधड़ी का अभियोग लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में २५ लाख से अधिक मतों की चोरी हुई। उन्होंने प्रमाण प्रस्तुत किए जिनमें मतदाता सूचियों में एक ही छायाचित्र का बारम्बार प्रयोग सम्मिलित था। उन्होंने एक ब्राज़ीली मॉडल की छवि का उदाहरण दिया, जो हरियाणा में अनेक मतदाता पहचान-पत्रों पर प्रयुक्त हुई थी।
राहुल गाँधी ने अपने आरोपों में उत्तरप्रदेश के एक भाजपा सरपंच का विशेष उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि २०२४ विधानसभा चुनावों में हज़ारों मतदाता हरियाणा और उत्तरप्रदेश दोनों में पंजीकृत थे, जो निर्वाचन विधियों का उल्लंघन है। इनमें उन्होंने भाजपा सरपंच दलचन्द का नाम लिया, जिनका नाम तथा उनके पुत्र का नाम उत्तरप्रदेश और हरियाणा दोनों की मतदाता सूचियों में था। राहुल ने कहा कि ऐसे द्विपंजीकृत मतदाता अधिकांशतः भाजपा समर्थक अथवा स्थानीय नेता थे।
+राज्यवार आँकड़ेराज्यप्रमाण एवं अभियोगकर्नाटक महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कपटपूर्ण मतदाताओं की वृद्धि: ११,९५६ पुनरावृत्त, ४०,००९ अमान्य पते, १०,४५२ सामूहिक पंजीकरण (उदा॰: एक छोटे घर में ८० व्यक्ति), ४,१३२ अमान्य छायाचित्र, तथा ३३,६९२ द्वारा प्रथम पंजीकरण हेतु प्रपत्र ६ का दुरुपयोग।
७० वर्षीया शकुनी देवी का द्विपंजीकरण, बेंगलूरु केन्द्रीय लोकसभा क्षेत्र में हेरफेर का प्रमाण; आन्तरिक सर्वेक्षणों में विजय की सम्भावना होने पर भी कांग्रेस पराजित हुई।
१०,४५२ सामूहिक पंजीकरण का उदाहरण : गृह संख्या ३५, पाँचवाँ क्रॉस, मुनी रेड्डी गार्डन, जयाराम रेड्डी का ११.१५ वर्ग मीटर (१२० वर्ग फुट) का एककक्षीय भवन; बिहार/ओडिशा से अल्पकालिक प्रवासी किरायेदारों ने पहचान हेतु किराये का उपयोग किया; बाद में बी॰एल॰ओ॰ ने “स्थानान्तरित” चिह्नित किया; निर्वाचन आयोग की जाँच में कोई भी स्थल पर नहीं मिला।
अमान्य पिता के नाम/गृह संख्या: व्यापक त्रुटियाँ, जिनसे कुल ६.५ लाख मतदाताओं में से लगभग १.२५ लाख की फुगावत हुई।हरियाणा ब्राज़ीली मॉडल के छायाचित्र अनेक मतदाता पहचान-पत्रों पर प्रकट हुए, और उनसे २२ बार मतदान किया गया।
भाजपा सरपंच दलचन्द तथा उनके पुत्र का नाम उत्तरप्रदेश और हरियाणा दोनों की मतदाता सूचियों में पाया गया।
आरोप : हरियाणा में २५ लाख कपटपूर्ण मतदाता जोड़े गए, ५.२१ लाख पुनरावृत्त, ९३,१७४ अमान्य, तथा १९.२६ लाख सामूहिक पंजीकृत।
भारत निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया
निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों को “निराधार” कहकर अस्वीकार किया और कहा कि कांग्रेस ने चुनावों से पूर्व मतदाता सूचियों के सम्बन्ध में कोई अपील अथवा आपत्ति प्रस्तुत नहीं की थी। आयोग ने राहुल गाँधी से आग्रह किया कि वे निर्वाचक पंजीकरण नियमावली, १९६० के नियम २०(३)(ख) के अनुसार आरोपों सहित लिखित घोषणा-पत्र प्रस्तुत करें।
आयोग ने विशेष मतदाता शकुनी रानी के द्विपयोग सम्बन्धी आरोप पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कार्यालय द्वारा की गई प्रारम्भिक जाँच में यह पुष्टि हुई कि उन्होंने केवल एक बार ही मतदान किया। आयोग ने आगे कहा कि मशीन-पठनीय मतदाता सूची की माँग को सर्वोच्च न्यायालय ने २०१९ (वि॰सं॰ २०७६, श॰सं॰ १९४१, क॰सं॰ ५१२१) में अस्वीकार कर दिया था। साथ ही, १,००,००० मतदान केन्द्रों की सी॰सी॰टी॰वी॰ फुटेज की समीक्षा “असम्भव” है। आयोग ने कहा कि यह फुटेज केवल तभी सुरक्षित रखी जाती है जब कोई पराजित प्रत्याशी चुनाव सम्पन्न होने के ४५ दिवस के भीतर सम्बन्धित उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर करता है।
महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने राहुल गाँधी को नोटिस जारी किया कि वे १० दिवस के भीतर औपचारिक घोषणा-पत्र प्रस्तुत करें, जिसमें उनके आरोप सम्मिलित हों कि निर्वाचन आयोग ने अयोग्य अथवा योग्य मतदाताओं को क्रमशः सम्मिलित अथवा बहिष्कृत किया।
१७ अगस्त २०२५ को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राहुल गाँधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यदि आरोप सात दिवस के भीतर शपथपत्र सहित प्रस्तुत नहीं किए जाते, तो उन्हें “निराधार एवं अमान्य” माना जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि राहुल गाँधी हस्ताक्षरित शपथपत्र प्रस्तुत करने को इच्छुक नहीं हैं, तो उन्हें अपने आरोपों के लिए “क्षमा याचना” करनी चाहिए।
विरोध एवं प्रतिक्रियाएँ
११ अगस्त २०२५ को लगभग २०० सांसदों एवं उनके समर्थकों ने बिहार में निर्वाचन आयोग द्वारा की गई विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन किया। वे नई दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय तक पदयात्रा करते हुए पहुँचे और इसे “वोट चोरी” की सरकारी षड्यन्त्र कहकर आरोप लगाया, जिससे मताधिकार से वंचन होगा। दिल्ली पुलिस ने अनेक प्रदर्शनकारियों को, जिनमें राहुल गाँधी भी सम्मिलित थे, निरुद्ध किया। विपक्ष द्वारा पश्चिम बंगाल में भी प्रदर्शन किए गए। भारत राष्ट्र समिति के अध्यक्ष कलवकुन्तला तारक रामा राव ने कांग्रेस पर २०२३ तेलंगाना राज्य चुनावों में वोट चोरी का अभियोग लगाया। कर्नाटक के राज्य मन्त्री एवं कांग्रेस नेता क्याथासान्द्र एन॰ राजन्ना en K. N. Rajanna ने निर्वाचन आयोग पर राहुल गाँधी की टिप्पणियों की निन्दा की। उन्हें अपने दल-नेता के विरुद्ध वक्तव्य देने के कारण मन्त्रिमण्डल से हटा दिया गया, जिससे उनके समर्थकों ने तुमकूर जनपद में विरोध प्रदर्शन किया।
१२ अगस्त २०२५ को कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने कथित निर्वाचन धोखाधड़ी के विरोध में ऐसे टी-शर्ट धारण किए जिन पर दरौण्डा विधानसभा क्षेत्र en Daraunda Assembly constituency की १२४ वर्षीय महिला मिंता देवी का चित्र अंकित था। प्रत्युत्तर में केन्द्रीय मन्त्री किरेन रिजिजू ने प्रदर्शनकारियों की आलोचना की कि वे मिंता देवी का उपहास कर रहे हैं और उन्हें १२४ वर्ष की बता रहे हैं। मिंता देवी, जिनकी वास्तविक आयु ३५ वर्ष बताई गई, ने बिना अनुमति उनके चित्र के प्रयोग की निन्दा की। जनपद प्रशासन ने पश्चात् में कहा कि यह त्रुटि लिपिकीय भूल के कारण हुई।
भाजपा के अनुराग ठाकुर ने इन आरोपों को कांग्रेस की चुनावी पराजय का बहाना तथा आगामी बिहार चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक उद्देश्य बताया। १३ अगस्त २०२५ को भाजपा ने विपक्षी दलों पर रायबरेली, वयनाड, डायमण्ड हार्बर तथा कन्नौज जैसी अनेक लोकसभा सीटों में निर्वाचन अनियमितताओं का प्रत्यारोप लगाया और सम्बन्धित विपक्षी सांसदों राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, अभिषेक बनर्जी तथा अखिलेश यादव से त्यागपत्र की माँग की। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रस्तुति में दल ने तमिलनाडु के कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र en Kolathur Assembly constituency (मुख्यमन्त्री एवं द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम प्रमुख मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन द्वारा प्रतिनिधित्व) तथा उत्तरप्रदेश के मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र (समाजवादी पार्टी नेता डिम्पल यादव द्वारा प्रतिनिधित्व) में भी अनियमितताओं का अभियोग लगाया। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर चुनावों में धाँधली करने का अभियोग लगाया और कहा कि विपक्ष अवैध बंगलादेशी प्रवासियों के अपने “वोट बैंक” की रक्षा कर रहा है।
१३ अगस्त २०२५ को राहुल गाँधी ने बिहार के सात ऐसे मतदाताओं से भेंट की जिनके नाम मतदाता सूची से मृत घोषित कर हटाए गए थे। १४ अगस्त २०२५ को उन्होंने आगे घोषणा की कि विपक्ष बिहार के सभी ३० जनपदों में तीन चरणों में प्रदर्शन करेगा, जो १७ अगस्त से आरम्भ होना था, किन्तु बाद में एक सप्ताह स्थगित कर दिया गया। १५ अगस्त २०२५ को कांग्रेस ने अपने सामाजिक माध्यमों पर “वोट चोरी से आज़ादी” अभियान आरम्भ किया और जनसाधारण से आग्रह किया कि वे अपने प्रदर्शन-चित्र बदलकर निर्वाचन आयोग के विरोध में उनके अभियान का समर्थन करें। १८ अगस्त २०२५ को समाचार माध्यमों में यह प्रकाशित हुआ कि भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबन्धन (INDIA) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है।
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विशेष गहन संशोधन en Special Intensive Revision (SIR)
सन्दर्भ
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