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दरभंगा जिला
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दरभंगा जिला𑂠𑂩𑂦𑂁𑂏𑂰 𑂔𑂱𑂪𑂰 Bihar district location map Darbhanga.svg दरभंगा 2,279 39,21,971 2011 1,700 विधानसभा सीटें 12 हिन्दी
दरभंगा जिला भारत के बिहार राज्य का एक जिला है। इसका मुख्यालय दरभंगा है।"Bihar Tourism: Retrospect and Prospect https://web.archive.org/web/20170118113423/https://books.google.com/books?id=dSZ987-0Fb8C 18 जनवरी 2017," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999"Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810
विवरण
उत्तरी बिहार में दरभंगा प्रमंडल के अन्तर्गत दरभंगा एक जिला है। दरभंगा को मिथिला की राजधानी भी कहा जाता है। जिले तथा प्रमंडल का मुख्यालय दरभंगा शहर में है। समझा जाता है कि दरभंगा शब्द फारसी भाषा के दर-ए-बंग यानि "बंगाल का दरवाजा" का मैथिली में कई सालों तक चलनेवाले स्थानीयकरण का परिणाम है। सन 1875 में तिरहुत से अलग कर दरभंगा को जिला बनाया गया था। मिथिला क्षेत्र का यह जिला अपनी प्राचीन संस्कृति, संस्कृत और बौद्धिक परम्परा के लिये विख्यात रहा है। मिथिला संस्कृति का केंद्र रहा यह जिला आम, मखाना मछली तथा मिथिला चित्रकला के लिए भी प्रसिद्ध है।
दरभंगा जिले का गठन 1 जनवरी १८७५ को हुआ। इसके उत्तर में मधुबनी जिला, दक्षिण में समस्तीपुर जिला, पूरब में सहरसा जिला तथा पश्चिम में सीतामढ़ी एवं मुजफ्फरपुर जिले हैं। इस जिले का भौगौलिक क्षेत्रफल २२७९.29 वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में यह जिला तीन अनुमंडलों के अंतर्गत 18 प्रखंडो /अंचलों में बंटा हुआ है।
वैदिक स्रोतों के अनुसार आर्यों की विदेह शाखा ने अग्नि के संरक्षण में सरस्वती तट से पूरब में सदानीरा (गंडक) की ओर कूच किया और विदेह राज्य की स्थापना की। विदेह के राजा 'मिथि' के नाम पर यह प्रदेश मिथिला कहलाने लगा। रामायणकाल में मिथिला के एक राजा जो जनक कहलाते थे, उनकी पुत्री सीता से राम का विवह हुआ। विदेह राज्य का अंत होने पर यह प्रदेश वैशाली गणराज्य का अंग बना। इसके पश्चात यह मगध के मौर्य, शुंग, कण्व और गुप्त शासकों के महान साम्राज्य का हिस्सा रहा। १३वीं सदी में पश्चिम बंगाल के मुसलमान शासक हाजी शम्सुद्दीन इलियास के समय मिथिला एवं तिरहुत क्षेत्रों का बँटवारा हो गया। उत्तरी भाग जिसके अन्तर्गत मधुबनी, दरभंगा एवं समस्तीपुर का उत्तरी हिस्सा आता था, सुगौना के ओईनवार राजा कामेश्वर सिंह के अधीन रहा। ओईनवार राजाओं को कला, संस्कृति और साहित्य का बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। कुमारिल भट्ट, मंडन मिश्र, गदाधर पंडित, शंकर, वाचास्पति मिश्र, विद्यापति, नागार्जुन आदि महान विद्वानों के लेखन से इस क्षेत्र ने प्रसिद्धि पाई। ओईनवार राजा शिवसिंह के पिता देवसिंह ने लहेरियासराय के पास देवकुली की स्थापना की थी। शिवसिंह के बाद यहाँ पद्मसिंह, हरिसिंह, नरसिंहदेव, धीरसिंह, भैरवसिंह, रामभद्र, लक्ष्मीनाथ, कामसनारायण राजा हुए। शिवसिंह तथा भैरवसिंह द्वारा जारी किए गए सोने एवं चाँदी के सिक्के यहाँ के इतिहास ज्ञान का अच्छा स्रोत है।
दरभंगा शहर १६वीं सदी में दरभंगा राज की राजधानी थी। १८४५ इस्वी में ब्रिटिश सरकार ने दरभंगा सदर को अनुमंडल बनाया और १८६४ ईस्वी में दरभंगा शहर नगर निकाय बन गया। १८७५ में स्वतंत्र जिला बनने तक यह तिरहुत के साथ था। १९०८ में तिरहुत के प्रमंडल बनने पर इसे पटना प्रमंडल से हटाकर तिरहुत में शामिल कर लिया गया। भारत की स्वतंत्रता के पश्चात १९७२ में दरभंगा को प्रमंडल का दर्जा देकर मधुबनी तथा समस्तीपुर को इसके अंतर्गत रखा गया।
भौगोलिक स्थिति
क्षेत्रफल- 2,279 वर्ग कि०मी०
जनसंख्या- 2001 की जनगणना के अनुसार इस जिला की कुल जनसंख्या 32,85,493 है जिसमें शहरी क्षेत्र तथा देहाती क्षेत्र की जनसंख्या क्रमश: 2,66,834 एवं 30,18,639 है।
स्त्री-पुरूष अनुपात- 910/ 1000
जन्म के समय जीवन प्रत्याशा- 47.6 वर्ष
साक्षरता दर- 35.42% (पुरूष-45.32%, स्त्री- 24.58%)
प्रशासनिक विभाजन
दरभंगा जिले के अंतर्गत तीन अनुमंडल, 18 प्रखंड, 329 पंचायत, 1,269 गांव एवं 23 थाने हैं।
इन्हें भी देखें
दरभंगा
बिहार
बिहार के जिले
बाहरी कड़ियाँ
दरभंगा जिले की ताज़ा खबरे
कला-संस्कृति का द्वार था दरभंगा
सन्दर्भ
श्रेणी:बिहार के जिले
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