411 REFERENCE · Wikipedia
भूरी छाती वाला तीतर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
भूरी छाती वाला तीतर VU iucn3.1 100600212 Arborophila mandellii BirdLife International 2012 ३१ अगस्त २०१३ MandellisTreePartridge.jpg जंतु रज्जुकी पक्षी गॉलिफ़ॉर्मिस फ़ॅसिनिडी पर्डिसिनी आर्बोरोफ़िला ए. मॅन्डॅली आर्बोरोफ़िला मॅन्डॅली ह्यूम, १८७४ भूरी छाती वाले तीतर का आवास क्षेत्र.jpg आवास का क्षेत्र
भूरी छाती वाला तीतर (Chestnut-breasted Partridge) (Arborophila mandellii) तीतर परिवार का एक पक्षी है जो ब्रह्मपुत्र के उत्तर में स्थित पूर्वी हिमालय का मूल निवासी है और भारत के अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम तथा पश्चिम बंगाल (केवल दार्जीलिंग के क्षेत्र में) में, भूटान में, तथा दक्षिण-पूर्वी तिब्बत में जाना जाता है।
नाम
मिशमी भाषा (अरुणाचल प्रदेश की एक भाषा) में इसको पाओ-अर कहते हैं।anonymous Indian Bird Names ENVIS centre BNHS http://www.archive.org/details/IndianBirdNames Open Library ३१ अगस्त २०१३ ६९ https://web.archive.org/web/20130403214820/http://archive.org/details/IndianBirdNames 3 अप्रैल 2013 live
आवास
जब यह पक्षी पहली बार पहचाना गया था तो यह मान्यता थी कि यह केवल भूटान और दोआर के इलाकों में ही पाया जाता है, Hume A.O. Marshall C.H.T. Game Birds of India, Burmah and Ceylon १८८० A.O. Hume and C.H.T. Marshall Calcutta II ८३ लेकिन और शोध के बाद इसके आवास का क्षेत्र और विस्तृत पाया गया और यह पाया गया कि यह न सिर्फ़ भूटान और दोआर में वरन् अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम तथा पश्चिम बंगाल (केवल दार्जीलिंग के क्षेत्र में) में तथा दक्षिण-पूर्वी तिब्बत में भी पाया जाता है। यह सदाबहार वनों, जिसमें बांस के वन भी शामिल हैं, में उगी झाड़ में रहता है और शायद ३५० मी. से लेकर २,५०० मी. की ऊँचाई तक रहता है, लेकिन हाल के शोधों से यह तय है कि १,७०० से २,००० मी. की ऊँचाई तक तो निश्चित ही पाया जाता है।
विवरण
भूरी छाती वाला तीतर.ogg बोली भूरी छाती वाले तीतर की बोली ogg left
इस जाति के बारे में जानकारी की कमी है लेकिन पुराने नमूनों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि इसकी लंबाई अमूमन २१.६ से.मी. होती है और नर और मादा में कोई ज़्यादा अन्तर नहीं होता है। इसके गले में एक सफ़ेद रंग का त्रिकोण होता है और उसके नीचे एक काली पड़ी लकीर होती है जिसके नीचे छाती भूरी-लाल होती है। पंख, पीठ और अन्य जगहों में थोड़ा हरापन होता है जिसकी वजह से ऊँची घास में इसका दिखना लगभग असंभव हो जाता है।
इन्हें भी देखें
तीतर
सन्दर्भ
श्रेणी:भारत के पक्षी
श्रेणी:तीतर