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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

आरा नागरी प्रचारिणी सभा

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thumb|Eastern Nagari Manuscript|350px|पूर्वी नागरी पांडुलिपिा ब्रिटिश हुकूमत में जब हिन्दी की उपेक्षा की जा रही थी तब नागरी लिपि के प्रचार और हिन्दी साहित्य के विस्तार के लिए उतर भारत में दो स्थानों पर नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना की गयी। एक काशी (उत्तर प्रदेश) और दूसरा आरा (बिहार) में। आरा में नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना 12 अक्टूबर 1901 ई. को स्व. पं॰ सकल नारायण शर्मा, जय बहादुर, राम कृष्ण अग्रवाल, देव कुमार जैन, जैनेन्द्र किशोर जैन, राय साहब हर्षू प्रसाद सिंह आदि साहित्य प्रेमियों के सहयोग से हुई। सभा किराये के मकान में 1928 तक रहा। इसके बाद सन् 1928 में सरकार द्वारा रमना मैदान के उत्तर-पूर्व कोने पर भू-अर्जन के बाद दो कमरों का निर्माण कराया गया। सभा द्वारा 3 मार्च 1950 ई. को राष्ट्रपति डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद को अभिनंदन ग्रंथ समर्पित किये जाने के अवसर पर बिहार सरकार की ओर से 25 हजार की नकद राशि सभा को उपलब्ध करायी। इस राशि से ही वर्तमान भवन की नींव पड़ी। सभा द्वारा 'नवरस', 'आरा पुरातत्व', 'सिख-गुरुओं का इतिहास', 'मैथिल कोकिल विद्यापति' आदि पच्चीसों ग्रंथों का प्रकाशन हुआ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, खान अब्दुल गफ्फार खान, मदन मोहन मालवीय, हरिऔध, डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद, संत निहाल सिंह आदि महानुभावों का अभिनंदन तथा अभिनंदन ग्रंथों के प्रकाशन का श्रेय सभा को प्राप्त है। बहुत पहले सभा की ओर से 'नागरी हितैषी' साहित्यिक पत्रिका निकलती थी, जिसका प्रकाशन वर्षो से बंद है। अब सिर्फ वार्षिक 'शोध' पत्रिका प्रकाशित होती है। अर्थाभाव में सभा का भवन जर्जर हो गया था। इसका जीर्णोद्धार वर्ष 1964 में भूतपूर्व बिहार विधान परिषद के सदस्य व सभा के सचिव स्व. रणजीत बहादुर सिंह के प्रयास से हुआ। सभागार की बुकिंग के अलावे इसकी 26 दुकानें आय के मुख्य स्रोत है। सभा के स्थापना काल से छोटे स्तर पर इसकी लाइब्रेरी थी। वर्तमान में जिला केन्द्रीय पुस्तकालय शहर में आकर्षण का केन्द्र है। यहां वर्तमान समय में लगभग 25 हजार पुस्तकें हैं, जिसमें कई ऐतिहासिक व दुर्लभ पुस्तकें हैं। प्रत्येक माह पुस्तकालय में लगभग ढाई दर्जन पत्र-पत्रिकाएं आती हैं। पुस्तकालय को प्रति वर्ष 22 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त होता है। सभा की भूमि का लीज वर्ष 2007 में समाप्त हो गया है। इसके नवीनीकरण के लिए आवेदन दिया गया है। लेकिन अभी तक इसका नवीनीकरण नहीं हो पाया है। इन्हें भी देखें काशी नागरीप्रचारिणी सभा श्रेणी:हिन्दीसेवी संस्थाएँ श्रेणी:हिन्दी