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पार्वती बांध (आंगई )
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पार्वती बांध (आंगई) पार्वती बांध का विहंगम दृश्य आंगई गाँव, धौलपुर जिला, राजस्थान पार्वती नदी मिट्टी और चिनाई (Earthen/Masonry) 223.41 मीटर (पूर्ण भराव क्षमता) सिंचाई, पेयजल आपूर्ति जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार
पार्वती बांध (Parvati Dam), जिसे स्थानीय रूप से आंगई बांध (Angai Dam) के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित एक प्रमुख बांध है। यह बांध धौलपुर जिले की पेयजल और सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जीवनरेखा (Lifeline) माना जाता है। यह सरमथुरा उपखंड के अंतर्गत आंगई गाँव के पास पार्वती नदी पर बना हुआ है।
भौगोलिक स्थिति
यह बांध धौलपुर शहर से लगभग 30-40 किलोमीटर दूर स्थित है। भौगोलिक रूप से यह विंध्यन कगार और डांग क्षेत्र (Dang Region) के अंतर्गत आता है।
नदी: यह बांध पार्वती नदी पर बनाया गया है, जो करौली जिले की पहाड़ियों से निकलती है।
गाँव: यह आंगई गाँव के समीप स्थित है, जहाँ रेलवे स्टेशन भी मौजूद है।
महत्व और उपयोग
पार्वती बांध धौलपुर जिले के लिए बहुउद्देशीय परियोजना है।
पेयजल आपूर्ति: यह बांध धौलपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत है। जब बांध में पानी कम हो जाता है, तो जिले में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।https://www.lsg.urban.rajasthan.gov.in/content/dam/raj/udh/organizations/ruidp/SafeguardPolicies/Water%20Supply%20Project%20of%20Dholpur.pdf Dholpur Water Supply Project Report Local Self Government Department, Rajasthan 1 February 2026
सिंचाई: इस बांध से निकाली गई नहरों के माध्यम से बाड़ी, बसेड़ी और धौलपुर तहसील के सैकड़ों गाँवों में सिंचाई की जाती है। यह रबी की फसल के लिए वरदान साबित होता है।
संरचना और क्षमता
इस बांध की कुल भराव क्षमता (Full Tank Level) 223.41 मीटर निर्धारित है।
गेट (Gates): मानसून के दौरान जब पानी की आवक बढ़ती है, तो इसके गेट खोलकर पानी को आगे पार्वती नदी में छोड़ा जाता है। भारी बारिश के दौरान अक्सर इसके 10 से अधिक गेट खोले जाते हैं।https://www.livehindustan.com/rajasthan/flood-crisis-in-50-villages-of-dholpur-10-gates-of-parvati-dam-opened-201724567010622.html धौलपुर के 50 गांवों में बाढ़ का संकट, पार्वती बांध के 10 गेट खोले Live Hindustan 1 February 2026
जल ग्रहण क्षेत्र: इसका जलग्रहण क्षेत्र करौली का डांग इलाका है। जब कैलादेवी और डांग क्षेत्र में भारी बारिश होती है, तो इस बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ता है।
पर्यटन
मानसून के मौसम (जुलाई-सितंबर) में यह बांध एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन जाता है।
जब बांध के गेट खोले जाते हैं, तो पानी का दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय पर्यटक और सैलानी यहाँ पहुँचते हैं।
इसके आसपास का हरा-भरा वातावरण और चट्टानी दृश्य इसे पिकनिक के लिए उपयुक्त बनाते हैं।https://www.patrika.com/dholpur-news/rajasthan-water-released-from-parvati-dam-for-tenth-time-twice-capacity-of-water-flowed-this-season-new-record-19999703 पार्वती बांध से पानी की निकासी, बना नया रिकॉर्ड Rajasthan Patrika 1 February 2026
आपदा प्रबंधन
चूंकि यह बांध एक बड़े क्षेत्र को प्रभावित करता है, इसलिए मानसून के दौरान जिला प्रशासन यहाँ विशेष निगरानी रखता है। बांध से पानी छोड़ने पर निचले इलाकों (Downstream) के लगभग 40-50 गाँवों में अलर्ट जारी किया जाता है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति से निपटा जा सके।https://www.amarujala.com/rajasthan/dholpur/dholpur-news-parvati-dam-filled-with-water-50-villages-in-danger-of-flood-2024-08-25 Dholpur News: पार्वती बांध की भराव क्षमता तक पहुंचा पानी, 50 गांव पर बाढ़ का संकट Amar Ujala 1 February 2026
आवागमन
रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन आंगई (Angai) है, जो धौलपुर-सरमथुरा नैरोगेज लाइन (अब ब्रॉडगेज परिवर्तन के अधीन) पर स्थित है।
सड़क मार्ग: यह धौलपुर-करौली राज्य राजमार्ग से जुड़ा हुआ है और यहाँ निजी वाहनों द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
पार्वती नदी (करौली)
धौलपुर
रामसागर बांध
श्रेणी:राजस्थान के बांध
श्रेणी:धौलपुर जिले का भूगोल
श्रेणी:भारत की नदी घाटी परियोजनाएँ