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रतले जलविद्युत संयंत्र
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रतले बाँध India 33 10 37.55 N 75 48 29.53 E type:landmark inline,title भारत द्राबशाला, किश्तवाड़ जिला, जम्मू और कश्मीर P UC
Investment= 5282 करोड़ रूपये 2021 2026 (अनुमानित) NHPC लिमिटेड गुरुत्व बांध चेनाब नदी 133 m ft on 10000000 m3 acre.ft on रतले जलविद्युत संयन्त्र 33 9 9.21 N 75 45 05.68 E type:landmark 4 x 205 मेगावाट्, 1 x 30 MW फ्रांसिस टरबाइन 100.39 m ft on 850 MW
रतले जलविद्युत संयंत्र चेनाब नदी पर बन रहा एक जलविद्युत संयन्त्र है। यह जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में है,
इस परियोजना में 133 मीटर ऊँचा एक गुरुत्व बाँध बनाया जाएगा तथा एक-दूसरे से सटे दो विद्युत संयन्त्र बनेंगे। इसके मुख्य संयन्त्र में 205 मेगावाट की चार फ्रांसिस टर्बाइन लगेंगी जबकि इसके सहायक संयन्त्र में 30 मेगावाट की एक फ्रांसिस टर्बाइन लगेगी। इस प्रकार दोनों संयन्त्रों की कुल विद्युत-उत्पादन क्षमता 850 मेगावाट होगी।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 जनवरी, 2021 को इसके लिए 5281.94 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी प्रदान की थी।रतले जलविद्युत परियोजना यह निवेश राष्ट्रीय जल विद्युत निगम (एनएचपीसी) और जम्मू-कश्मीर राज्य विद्युत विकास निगम लिमिटेड (जेकेएसपीडीसी) की क्रमशः 51% और 49% हिस्सेदारी वाली एक नई ‘संयुक्त उद्यम कंपनी’ द्वारा किया जाएगा। इसके पहले 25 जून 2013 को तत्कालीन प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह ने इसके बाँध का उद्घाटन किया था।
रतले पनबिजली परियोजना को 60 माह की अवधि के भीतर चालू किया जाएगा। इस परियोजना से उत्पन्न बिजली ग्रिड को संतुलित रखने में सहायक होगी और इसके साथ ही इससे बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा, केंद्र -शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर 5289 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली पाने के साथ-साथ 40 वर्षों के परियोजना जीवन चक्र के दौरान रतले पनबिजली परियोजना से 9581 करोड़ रुपये के जल उपयोग शुल्क के माध्यम से लाभान्वित होगा।पाक के एतराज के बावजूद रतले पनबिजली परियोजना का काम रहेगा जारी
सन्दर्भ
श्रेणी:भारत की जलविद्युत परियोजनाएँ