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मुंग बीन डोसा
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पेसराअट्टू 250px पेसराअट्टू आंध्र प्रदेश का डेल्टा क्षेत्र, दक्षिण भारत आंध्र प्रदेश नाश्ता, स्नैक मूंग दाल (ग्रीन ग्राम)
मूंग बीन डोसा (या सामान्यतः पेसराअट्टू या पेसरा डोसा), रोटी की तरह पतली होती हैं एवं डोसा के समान होती है। इसमें मूंग की दाल का घोल इस्तेमाल होता हैं लेकिन डोसा के विपरीत इसमें उड़द की दाल का प्रयोग नहीं होता है। http://www.theguardian.com/cities/2014/oct/23/real-street-food-pesarattu-chennai-india रियल स्ट्रीट फ़ूड - No २: पेसरट्टु फ्रॉम चेन्नई २३ अक्टूबर २०१४ डी गार्डियन गार्डियन मीडिया ग्रुप २६ नवम्बर २०१४ https://web.archive.org/web/20170205185627/https://www.theguardian.com/cities/2014/oct/23/real-street-food-pesarattu-chennai-india 5 फ़रवरी 2017 live पेसरा अट्टू को नाश्ते में और स्नैक के रूप में भी खाया जाता हैं एवं यह भारत के आंध्र प्रदेश और राजस्थान में काफी लोकप्रिय है। यह आमतौर पर अदरक या इमली की चटनी के साथ परोसा जाता है। हरी मिर्च, अदरक और प्याज का प्रयोग इस नाश्ते के विभिन्न प्रारूपों में किया जाता है।
एम एल ए पेसरा अट्टू
पेसरा अट्टू की एक किस्म जो उपमा के साथ परोसी जाती हैं उससे एम एल ए पेसरा अट्टू के नाम से जाना जाता हैं , यह हैदराबाद के विधायकों के रेस्टोरेंट्स में ज्यादातर परोसा जाता था तब से लोगों के बीच जाना जाने लगा। यह विधायक आवासों में आंध्र प्रदेश के भोजन का एक प्रमुख हिस्सा था। उपमा पेसरा अट्टू तटीय आंध्र क्षेत्र में विशेष रूप से गुंटूर, कृष्णा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी जिलों में एक पसंदीदा व्यंजन है। यह काफी लोगों के द्वारा पसंद किया जाता है।
अन्य प्रारूप
इस व्यंजन के अन्य प्रारूप उत्तर भारतीय भोजन में पाए जाते हैं जिन्हें मूंग दाल का चीला या बेसन का चीला नाम से जाना जाता हैं। राजस्थान में वे आमतौर पर चील्डो के रूप में जाना जाता है।
तैयारी
पेसराअट्टू की तैयारी बहुत मुश्किल नहीं है लेकिन वांछित स्वाद को प्राप्त करने के लिए इसमे बहुत बारीकी की जरुरत होती हैं। तैयारी के पहले चरण में मूंग दाल को कम से ४ घंटे एवं अधिकतम ७ घंटे पानी में भिंगोना पड़ता हैं। १५० मिलीलीटर मूंग दाल के घोल से ४ माध्यम आकर के पेसराअट्टू तैयार किये जा सकते हैं। पानी में फूलकर भींगे हुए इन दालों को कुछ हरी मिर्च, अदरक एवं नमक मिलाकर काफी बारीक पीसा जाता हैं। आवश्यकता के अनुसार इस मिश्रण में फिर पानी डाला जाता है फिर इस मिश्रण को कुछ देर तक अच्छी तरह हिलाते हैं ताकि अनाज के भीतरी भागों पूरी तरह से पानी से भीग जाए।
अब इस मिश्रण को गर्म तवे पर डाला जाता है। अगर तैयारी बहुत सटीक ढंग से की गयी हैं तो पेसराअट्टू धीरे-धीरे खस्ता होने लगता हैं एवं इसके किनारे खुद बा खुद निकलने लगते हैं। पेशेवर खाना पकाने के दौरान पैन के उच्च तापमान के कारण, आमतौर पर पेसराअट्टू को दुसरे तरफ पलटने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन घरेलू कुकिंग के दौरान पेसराअट्टू को आमतौर पर तवे पर पलट दिया जाता है ताकि यह पूरी तरह से पक जाए।
बारीक कटे हुए प्याज एवं मिर्च भी कभी कभी इस घोल में मिलाया जाता हैं ताकि इसके स्वाद में और बढोतरी हो जाए। कुछ स्थानों में उपमा और प्याज दोनों पेसराअट्टू में मिलाया जाता हैं।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
दक्षिण भारतीय पेसराअट्टू
श्रेणी:भोजन