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रीवा
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रीवा Rewa,लैंड ऑफ़ व्हाइट टाइगर Keoti falls in Rewa, Madhya Pradesh.jpg रीवा का केवटी जलप्रपात रीवा India Madhya Pradesh 24.53 N 81.30 E inline, title मध्य प्रदेश में स्थिति प्रान्त मध्य प्रदेश ज़िला रीवा ज़िला राजवंश बघेल राजपूत महाराजा विक्रमादित्य सिंह जू देव बहादुर नगर निगम रीवा नगर निगम 69 146 304 235654 2011 भाषाएँ प्रचलित हिन्दी,बघेली भारतीय मानक समय +5:30 पिनकोड 486001 HPO 486002, 486003 दूरभाष कोड 07662 MP-17 www.rewa.nic.in IN-MP
रीवा (Rewa) भारत के मध्य प्रदेश राज्य के रीवा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है और राज्य की राजधानी, भोपाल, से 420 km mi पूर्वोत्तर में और जबलपुर से 230 km mi उत्तर में स्थित है। इस से दक्षिण में कैमूर पर्वतमाला है और इस क्षेत्र में विन्ध्याचल की पहाड़ियाँ भी स्थित हैं।"Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh https://web.archive.org/web/20190703183559/https://books.google.com/books?id=X6XNCwAAQBAJ 3 जुलाई 2019," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172"Tourism in the Economy of Madhya Pradesh," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293
विवरण
right|thumb|280px|रीवा का अरविन्द आश्रम
रीवा शहर मध्य प्रदेश प्रांत के विंध्य पठार का एक हिस्से का निर्माण करता है और टोंस,बीहर.,बिछिया नदी एवं उसकी सहायता नदियों द्वारा सिंचित है। इसके उत्तर में उत्तर प्रदेश राज्य, पश्चिम में सतना, पूर्व में मऊगंज एवं पूर्व तथा दक्षिण में सीधी जिले स्थित हैं। इसका क्षेत्रफल २,५०९ वर्ग मील है। यह पहले एक बड़ी बघेल वंश की रियासत थी। यहाँ के निवासियों में गोंड एवं कोल जनजातियों तथा ब्राह्मण एवम विभिन्न क्षत्रिय व वैश्य जाति के लोग भी शामिल हैं जो पहाड़ी भागों के साथ-साथ मुख्य नगर में रहते हैं। जिले में जंगलों की अधिकता है, जिनसे लाख, लकड़ी एवं जंगली पशु प्राप्त होते हैं। रीवा के जंगलों में ही सफेद बाघ की नस्ल पाई गई हैं। जिले की प्रमुख उपज धान है। जिले के ताला नामक जंगल में बांधवगढ़ का ऐतिहासिक किला है।
रीवा मूल रूप से गोंड,कोल आदिवासियों का निवास स्थान रहा है।बाद में जब बाहरी गुजरात से सोलंकी राजपूत मध्य प्रदेश आयें,तब इनके साथ कुछ परिहार राजपूत एवं कुछ मुस्लिम भी आये परन्तु कुछ समय पश्चात सोलंकी राजा व्याघ्र देव ने सोलंकी से बघेल तथा परिहार से वरग्राही (श्रेष्ठता को ग्रहण करने वाला) वंश की स्थापना की। बघेल तथा वरग्राही परिहार आज बड़ी संख्या में संपूर्ण विंध्य क्षेत्र में पाए जाते हैं, जो प्रारंभ से एक दूसरे के अति विश्वस्त हैं। प्राचीन इतिहास के अनुसार रीवा राज्य के वर्ग्राही परिहारो ने रीवा राज्य के लिए अनेक युद्ध लड़े जिनमें- नएकहाई युद्ध, बुंदेलखंडी युद्ध, लाहौर युद्ध, चुनार घाटी मिर्जापुर युद्ध, कोरिया युद्ध, मैहर युद्ध, कृपालपुर युद्ध, प्रमुख हैं।
बघेल वंश की स्थापना व्याघ्र देव ने की जिसके कारण इन्हें व्याघ्र देव वंशज भी कहा जाता है। चूँकि इन दोनों वंश की स्थापना होने के बाद इन दोनों राजपूतो का ज्यादा विस्तार नही हो पाया, जिसके कारण इन वंशो के बारे में ज्यादा जानकरी प्राप्त नही हुई। इन्हें अग्निकुल का वंशज माना जाता है।
भूतपूर्व रीवा रियासत की स्थापना लगभग १४०० ई. में बघेल राजपूतों द्वारा की गई थी। मुगल सम्राट अकबर द्वारा बांधवगढ़ नगर को ध्वस्त किए जाने के बाद रीवा महत्त्वपूर्ण बन गया और १५९७ ई, में इसे भूतपूर्व रीवा रियासत की राजधानी के रूप में चुना गया। सन १९१२ ई. में यहाँ के स्थानीय शासक ने ब्रिटिश सत्ता से समझौता कर अपनी सम्प्रभुता अंग्रेज़ों को सौंप दी। यह शहर ब्रिटिश बघेलखण्ड एजेंसी की राजधानी भी रहा।यहाँ विश्व का सबसे पहला सफेद शेर मोहन पाया गया। जिसकी मृत्यु हो चुकी है।
रीवा जिले के निकट 13 किलोमीटर (निपानिया-तमरा मार्ग) महाराजा मार्तण्ड सिंह बघेल व्हाइट टाइगर सफारी एवं चिड़ियाघर मुकुंदपुर का निर्माण किया गया है- जहाँ सफेद शेरों को संरक्षण दिया जा रहा है।
रीवा जिले में बघेली एक प्रमुख भाषा है। हाल ही में यहाँ पर कृष्णा राज कपूर ऑडीटोरियम का निर्माण कराया गया है ।
भौगोलिक स्थिति
रीवा 24° 18' और 25° 12' उत्तरी अक्षांश और 81° 2' और 82° 18' के बीच स्थित है।[1] यह जिला उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व और दक्षिण-पूर्व में सीधी, दक्षिण में शहडोल और पश्चिम में सतना से घिरा है। रीवा जिला रीवा डिवीजन का हिस्सा है और इसका क्षेत्रफल 6,240 किमी 2 है |https://rewa.nic.in/ District Rewa
रीवा के पर्यटन एवं दार्शनिक स्थल
गोविंदगढ़ का किला, रीवा
रीवा का किला, रीवा
बघेल संग्रहालय, रीवा किला
रायपुर करचुलियां रीवा
पुरवा जलप्रपात, रीवा
गोविंदगढ़ झील, रीवा
भैरोबाबा की प्रतिमा, गुढ़, रीवा
सिटी संग्रहालय, रीवा
वेंकट भवन, रीवा
चिराहुलानाथ मंदिर, रीवा
रानी तलाब, रीवा
मुकुंदपुर जंगल सफारी, रीवा
रीवा जिले मे पर्यटन की डदृष्टि से काफी संभावनाए हैं, और सरकार लगातार इस क्षेत्र मे अपना प्रयास कर रही हैं, जिससे रीवा मे पर्यटन स्थलो को बढ़ाए जाए।देश का हृदय मध्य प्रदेश पर्यटन अग्रवाल रोहित ओम साईटेक बुक्स पब्लिशर और डिस्ट्रीब्यूटर 2019 9789389004021 नई दिल्ली-2
यातायात
thumb|280px|इन्दौर-रीवा रेलमार्ग
रेल
रीवा रेल मार्ग से देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा है जिससे की रीवा आसानी से पंहुचा जा सकता है। जैसे- दिल्ली,राजकोट, सूरत,नागपुर,जबलपुर,कानपुर,प्रयागराज,इंदौर,भोपाल,मैहर,बिलासपुर इत्यादि। रीवा रेेेेल्वे स्टेशन हैं, जहा सेे भोपाल, इंदौर,दिल्ली,जबलपुर,बिलासपुर,चिरमिरी,राजकोट,नागपुर केे लिए ट्रेन चलती हैै|
सड़क
रीवा सड़क मार्ग से निम्न शहरों से आसानी से पहुँचा जा सकता है और नियमित बसों का संचालन: भोपाल,इंदौर,जबलपुर,नागपुर,बिलासपुर,रायपुर,ग्वालियर,इलाहाबाद(प्रयागराज),बनारस,अमरकंटक,शहडोल,मैहर, सतना आदि शहरों से है।
वायु
रीवा में हवाई अड्डा है जिससे विंध्य क्षेत्र भी व्यापार और पर्यटन स्थलों को टूटिस्ट आसानी से दर्शन कर सकेंगे। रीवा से दिल्ली तक
रीवा से इन्दोर तक
जनसंख्या
2024 में रीवा शहर की वर्तमान अनुमानित जनसंख्या 333,000 है | भारत की जनगणना की अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार, 2011 में रीवा की जनसंख्या 235,654 है। https://www.census2011.co.in/census/city/291-rewa.html Rewa Population 2024
चित्र दीर्घा
centre horizontal रीवा का सफ़ेद बाघ ,कयोति जल प्रपात एवं बहुति जल प्रपात । White-tiger-2407799 1280.jpg 130 Keoti Fall.JPG 130 Image Bahuti Falls 1.jpg 130
उल्लेखनीय पूर्व व्यक्ति
महाराजा मार्तंड सिंह जू देव बहादुर
श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी
इन्हें भी देखें
रीवा ज़िला
सन्दर्भ
श्रेणी:मध्य प्रदेश के शहर
श्रेणी:रीवा ज़िला
श्रेणी:रीवा ज़िले के नगर
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