411 REFERENCE · Wikipedia
राग हंसध्वनि
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
राग हंसध्वनि कनार्टक पद्धति का एक राग है जो आजकल उत्तर भारत मे भी काफी प्रचलित है। इसके थाट के विषय में दो मत हैं कुछ विद्वान इसे बिलावल थाट तो कुछ कल्याण थाट जन्य भी मानते हैं। इस राग में मध्यम तथा धैवत स्वर वर्जित हैं अत: इसकी जाति औडव-औडव मानी जाती है। सभी शुद्ध स्वरों के प्रयोग के साथ ही पंचम रिषभ,रिषभ निषाद एवम षडज पंचम की स्वर संगतियाँ बार बार प्रयुक्त होती हैं। इसके निकट के रागो में राग शंकरा का नाम लिया जाता है। गायन समय रात्रि का द्वितीय प्रहर है।
राग का संक्षिप्त परिचय
आरोह-सा रे, ग प नि सां
अवरोह-सां नि प ग रे, ग रे, नि (मन्द्र) प (मन्द्र) सा।
पकड़-नि प ग रे, रे ग प रे सा
स्रोत्र
बाहरी कड़ियाँ
श्रेणी
शास्त्रीय संगीत, राग, भारतीय शास्त्रीय संगीत
श्रेणी:राग