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411 समाचार
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लक्ष्मण सिंह (संरक्षणवादी)

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लक्ष्मण सिंह (जन्म : ) भारत के एक संरक्षणवादी हैं जो जल संरक्षण के लिये जागरूकता फैलाते हैं। वे लापोडिया ग्राम में "ग्राम विकास नवयुवक मण्डल" नामक एक अलाभ संस्था के संस्पक भी हैं। उन्हें भारत सरकार से पद्मश्री का सम्मान दिया गया है। उन्होंने जिस 'चौका तकनीक' क्या है पद्मश्री लक्ष्मण सिंह की इजाद की हुई चौका तकनीक जिससे गांवों में नहीं होती चारे-पानी की कमी?से तालाबों को रिचार्ज किया और चारागाहों को पुनर्जीवित किया, उससे 50 से अधिक गांवों की तस्वीर बदल गई। लक्ष्मण सिंह ने जल संरक्षण के लिए जो आंदोलन शुरू किया, उसने आज 68 गांवों को नई दिशा दे दी है। मात्र 18 साल की उम्र में लक्ष्मण सिंह ने यह ठान लिया था कि गांव और धरती को बचाना है। वर्ष 1977 में उन्होंने जल संरक्षण के लिए श्रमदान शुरू किया और 1987 से 'धरती जतन यात्रा' के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया, जो आज भी जारी है। लक्ष्मण सिंह ने अपने गांव लापोड़िया से 'चौका तकनीक' की शुरुआत की। इस तकनीक के तहत वर्षाजल को संरक्षित करने के लिए भूमि को विशेष आकार में तैयार किया जाता है, जिससे पानी धीरे-धीरे जमीन में समा जाए। सबसे पहले उन्होंने अपने गांव के तालाब में यह तकनीक अपनाई, जिससे वहां का चारागाह हरा-भरा हो गया। इसका असर यह हुआ कि आस-पास के गांवों में भी यह मॉडल लोकप्रिय होने लगा। लक्ष्मण सिंह ने 'नवयुवक मंडल लापोड़िया' के माध्यम से पानी बचाने और चारागाहों के विकास का संदेश फैलाया। उन्होंने न केवल जन-जागरूकता अभियान चलाया, बल्कि स्वयं श्रमदान कर गांवों को जोड़ने की पहल की। उनकी यह पहल एक आंदोलन बन गई जिसने ग्रामीणों को जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। लक्ष्मण सिंह ने राजस्थान के करीब 100 गांवों को हरा-भरा कर दिया। 'चोका सिस्टम' की शुरूआत करने वाले गांव में किसान हर घर में सिर्फ दूध के कारोबार से प्रतिमाह 10 से 50 हजार रुपए तक कमा रहे हैं। उनके गांव लापोड़िया में 350 घर हैं, जिसकी आबादी करीब 2000 लोगों की है। यहां पानी की समस्या काफी हद तक कम हुई है। किसान साल में कई फसलें उगाते हैं। पशुपालन करते हैं। और पैसा कमाते हैं। स्थानीय भाषा में लापोड़ को फेंकने वाला या पागल भी कहा जाता है, लेकिन लक्ष्मण सिंह गांव के नाम पर इस तरह के कलंक को कब का मिटा चुके हैं। 100 गांव हरे-भरे किए, 50 में खोले स्कूल...इजराइल को सिखाई खेती, पद्मश्री पाने वाले लक्ष्मण की कहानी सन्दर्भ श्रेणी:संरक्षण कार्यकर्ता