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शिव की आरती
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शिव जी की आरतीhttps://shivjikiaarti.com/ शिव जी की आरती के बोल हिंदी और अंग्रेजी में २०२३-०६-०६ hi-IN २०२२-०६-०८ 31 अगस्त 2019 https://web.archive.org/web/20190831060836/https://www.hindirasayan.com/religion/worship/aarti-sangrah/shiv-aarti-om-jai-shiv-omkara-hindi-lyrics-18889 dead हिन्दू धर्म में संहार के देवता शिव की स्तुति है। इसकी रचना पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी ने थी।विस्मृत हो चुके हैं भगवान शिव की आरती ओम जय जगदीश... के रचयिता http://hindi.business-standard.com/storypage_hin.php?autono=163722 बिज़नेस स्टैंडर्ड ३० सितम्बर २०१३ १७ अप्रैल २०१४http://www.bhaskar.com/article/MAT-PUN-AMR-c-100-254472-NOR.html पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी भारतीय संस्कृति के महान प्रचारक : प्रोफेसर दरबारी लाल शिव आरती ‘ॐ जय शिव ओंकारा’: भक्ति में डूबें और भोले बाबा की कृपा पाएं १ अक्टूबर २०१४ दैनिक भास्कर https://web.archive.org/web/20140419014300/http://www.bhaskar.com/article/MAT-PUN-AMR-c-100-254472-NOR.html 19 अप्रैल 2014 १७ अप्रैल २०१४ dead
वास्तव में यह आरती त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, एवं शिव) की एकरूप स्तुति है। यहां यह बताया गया है कि ॐ में तीनों का रूप एक ही है।
आरती
अंगूठाकार|260x260पिक्सेल|शिव
ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे। शिव पंचानन राजे।
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ हर हर हर महादेव.॥
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। प्रभु दस भुज अति सोहे।
तीनों रूप निरखते। त्रिभुवन मन मोहे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी। शिव मुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद चंदा, सोहे त्रिपुरारी॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। शिव बाघम्बर अंगे।
ब्रह्मादिक सनकादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता। शिव कर में त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगहर्ता जगपालनकर्ता॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका। स्वामी जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे। प्रभु प्रेम सहित गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥
सन्दर्भ
४। शिव आरती ‘ॐ जय शिव ओंकारामई 2026 InternetArchiveBot ’: भक्ति में डूबें और भोले बाबा की कृपा पाएंhttps://aajtaknavbharat.com/shiv-aarti-om-jai-shiv-omkara-immerse-yourself-in-devotion-and-get-the-blessings-of-bhole-baba/ शिव आरती ‘ॐ जय शिव ओंकारा’: भक्ति में डूबें और भोले बाबा की कृपा पाएं Advait Hindi News Desk 2025-08-26 आजतक नवभारत Aaj Tak Navbharat en-US 2025-10-01मई 2026 InternetArchiveBot
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