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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

प्यारीचाँद मित्र

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अंगूठाकार प्यारीचाँद मित्र (24 जुलाई 1814 – 23 नवम्बर 1883) लेखक, पत्रकार, सांस्कृतिक कार्यकर्ता तथा उद्यमी थे। वे बांग्ला साहित्य के प्रथम उपन्यासकार थे। उनका छद्मनाम 'टेकचाँद ठाकुर' था। वे 'युवा बंगाल समूह' के एक सदस्य थे जिसने सरल बांगला गद्य में लिखकर बंगाल के पुनर्जागरण में अग्रगण्य भूमिका निभायी। उनका 'आलालेर घरे दुलाल' (१८५८) बहुत प्रसिद्ध हुआ। इसी परम्परा का निर्वहन बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय एवं अन्य लेखकों ने किया। साहित्य रचना आलालेर घरेर दुलाल (उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति है जो बंगाली साहित्य का प्रथम उपन्यास भी है।)। 1858 ईस्वी में प्रकाशित इस उपन्यास के प्रमुख पात्रों में से एक 'ठकचाचा' है। उल्लेखनीय है कि यहाँ उन्होंने जिस बोलचाल की भाषा का उपयोग किया था, वह 'आलाली भाषा' के रूप में प्रसिद्ध हुई। इस पुस्तक का अंग्रेजी में भी The Spoiled Child के नाम से अनुवाद किया गया था। मद खावा बड़ो दाय, जात थाकार की उपाय (1859): उनकी इस पुस्तक में विलक्षण कल्पना दर्शनीय है। अभेदी (1871) आध्यात्मिका (1880) The Zemindar and Ryots: इस पुस्तक ने उस समय काफी हलचल मचा दी थी। क्योंकि इसे 'स्थायी बंदोबस्त' (Permanent Settlement) प्रणाली के खिलाफ लिखा गया था। यत्किंचित (1865) रामारंजिका (1860) वामातोषिणी (1871) गीतांकुर (1861) कृषि पाठ (1861) डेविड हेयरर जीवनचरित (1878) एतद्देशीय स्त्रीलोकदिगेर पूर्वावस्था (1879) श्रेणी:बांग्ला साहित्यकार