411 REFERENCE · Wikipedia
विस्मयादिबोधक
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
विस्मयादिबोधक (Interjection) ऐसे शब्द या अभिव्यक्ति होते हैं, जो अपने आप में उच्चारित होकर किसी भाव, परिस्थिति या प्रतिक्रिया को स्वतः व्यक्त करते हैं। Holt Bloomfield Leonard Language https://archive.org/details/language0000unse_p0r2 registration New York 1933A dictionary of linguistics & phonetics Crystal, David 2003 Blackwell Pub 9780631226642 5th Malden, MA 49824714 यह एक विविध श्रेणी है, जिसमें कई प्रकार आते हैं जैसे कि - उद्गार (आह!, वाह!), शाप (धत्!, च्!) अभिवादन (नमस्ते!, अलविदा!), प्रतिक्रिया सूचक (ठीक है, अरे!, हूँ, क्या?), झिझक सूचक (उह, अं, हम्म), तथा अन्य शब्द (रुकिए!, बहुत बढ़िया!)। अपने विविध स्वभाव के कारण यह श्रेणी आंशिक रूप से गाली-गलौज, वाक्यचिह्न और फिलर्स जैसी अन्य श्रेणियों से मिलती-जुलती है। विस्मयादिबोधक के प्रयोग और उन पर भाषाई चर्चा को यूनानी और लैटिन परंपरा से लेकर मध्ययुगीन (Modistae) तक इतिहास में देखा जा सकता है।
ऐतिहासिक वर्गीकरण
यूनानी और लैटिन विद्वानों के साथ-साथ मध्ययुगीन ने भी भाषा में विस्मयादिबोधक के विभिन्न दृष्टिकोण दिए हैं।
यूनानी विद्वानों का मानना था कि विस्मयादिबोधक क्रिया विशेषण की श्रेणी में आते हैं और वे क्रिया को उसी प्रकार संशोधित करते हैं जैसे कि क्रिया विशेषण।
लैटिन विद्वान इस दृष्टिकोण से भिन्न थे। उनका मानना था कि विस्मयादिबोधक क्रिया पर निर्भर नहीं होते, बल्कि वे स्वतन्त्र रूप से भावनाओं और अमूर्त विचारों को व्यक्त करते हैं। इसलिए उन्होंने इसे अलग शब्द भेद माना।
लैटिन व्याकरणकार किसी भी छोटे गैर-शब्दीय उच्चारण को भी विस्मयादिबोधक मानते थे।
बाद में 13वीं-14वीं शताब्दी के मध्ययुगीन में मतभेद देखने को मिला। कुछ जैसे थॉमस ऑफ़ एर्फ़र्ट यूनानियों से सहमत थे, जबकि सिगर ऑफ़ कोर्ट्राई जैसे अन्य विद्वानों ने इसे लैटिन दृष्टिकोण की तरह स्वतन्त्र शब्द भेद माना।
अर्थ और प्रयोग
सामान्य शब्दों और वाक्यों के विपरीत, अधिकांश विस्मयादिबोधकों का कार्य किसी विचार या अवधारणा का प्रतिनिधित्व करने के बजाय भावना व्यक्त करना है।Goddard, C. (2014). Interjections and emotion (with special reference to “surprise” and “disgust”). Emotion Review, 6(1), 53-63
इन्हें तीन प्रकार के अर्थों में बाँटा जा सकता है:
आज्ञार्थक (Volitive) - आज्ञा या निर्देश देने हेतु (जैसे चुप! = "शांत रहो!"; धप्प! डराने हेतु)।
भावात्मक (Emotive) - भावनाएँ प्रकट करने हेतु (जैसे छिः! घृणा हेतु, धिक्कार है! तिरस्कार हेतु)।
संज्ञानात्मक (Cognitive) - जानकारी या सोच प्रकट करने हेतु (जैसे हम्म सोचने या भ्रम की स्थिति में)।
आधुनिक वर्गीकरण
प्राथमिक और द्वितीयक विस्मयादिबोधक
प्राथमिक - वे जो मूल रूप से केवल विस्मयादिबोधक हैं (अरे!, वाह!, ओह!)।
द्वितीयक - वे जो किसी अन्य शब्द भेद से विस्मयादिबोधक बने (धत्!, हे भगवान!, धिक्कार!)।Völkerpsychologie: Eine Untersuchung der Entwicklungsgesetze von Sprache, Mythus und Sitte https://archive.org/details/b28118996 Wundt Wilhelm 1904 Engelmann 2nd LeipzigWharton Tim 2003 Interjections, language, and the 'showing/saying' continuum http://www.phon.ucl.ac.uk/publications/WPL/00papers/wharton.pdf Pragmatics & Cognition 11 1 175 10.1075/pc.11.1.04wha 5 June 2015मई 2026 InternetArchiveBot
अन्य भाषाओं में विस्मयादिबोधक
भाषा और संस्कृति के अनुसार इनके रूप और अर्थ बदलते हैं। जैसे अंग्रेज़ी का gee या wow पोलिश में नहीं मिलता। इसी प्रकार गालियाँ और शाप भाषानुसार भिन्न होते हैं। 10.1016/0378-2166(92)90050-L 0378-2166 18 2–3 159–192 Wierzbicka Anna The semantics of interjection https://archive.org/details/sim_journal-of-pragmatics_1992-09_18_2-3/page/159 Journal of Pragmatics September 1992
वैश्विक स्तर पर कुछ विस्मयादिबोधक (जैसे क्या?, अरे!) लगभग सार्वभौमिक माने जाते हैं। 10.1371/journal.pone.0078273 8 11 –78273 Dingemanse Mark Torreira Francisco Enfield N. J. Is "Huh?" a universal word? Conversational infrastructure and the convergent evolution of linguistic items PLOS ONE 2013 24260108 3832628 2013PLoSO...878273D free
अंग्रेज़ी से उदाहरण
Ahem (ध्यान आकर्षित करने हेतु)
Ouch (दर्द सूचक - आह!)
Wow (आश्चर्य - वाह!)
Shh (चुप! कहने हेतु)
Ugh (घृणा सूचक - छिः!)
Uh-oh (त्रुटि या गलती का संकेत - ओह!)
संदर्भ
collapsed
Category:शब्द भेद
Category:विस्मयादिबोधक