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महान जीवित चोल मंदिर

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महान जीवित चोल मंदिर 300px|गंगईकोण्डा चोलपुरम में पाषाण शिल्प सांस्कॄतिक i, ii, iii, iv 250 एशिया-प्रशांत 1987 11वाँ 2004 http://whc.unesco.org/en/list/250 महान जीवित चोल मन्दिर (Great Living Chola Temples) भारत के तमिल नाडु राज्य में चोल साम्राज्य काल के कुछ हिन्दू मन्दिरों की सूची है जिन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित करा गया है। यह 11वीं और 12वीं शताब्दी में निर्मित हुए थे और इस सूची में बृहदीश्वर मन्दिर, तंजावूर, बृहदीश्वर मन्दिर, गंगैकोण्ड चोलपुरम और ऐरावतेश्वर मन्दिर, कुंभकोणम सम्मिलित हैं।Ayyar, P.V. Jagadisa (1993). South Indian Shrines. New Delhi: Asian Educational Services. ISBN 81-206-0151-3.Chaitanya, Krishna (1987). Arts of India. Abhinav Publications.Balasubrahmanyam, S.R. (1979). Later Chola Temples. Thomson Press. OCLC 6921015.Balasubrahmanyam, S.R. (1975). Middle Chola Temples. Thomson Press. ISBN 978-9060236079. इतिहास बॄहदेश्वर मन्दिर को युनेस्को द्वारा 1987 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था। ऐरावतेश्वर मन्दिर, दारासुरम को सन् 2004 में इस सूची में जोड़ा गया था। इस स्थल को अब "महान जीवित चोल मन्दिर" नाम दिया गया है। विवरण बृहदेश्वर अथवा बृहदीश्वर मन्दिर तमिलनाडु के तंजौर में स्थित एक हिंदू मंदिर है जो 11वीं सदी के आरम्भ में बनाया गया था। इसे तमिल भाषा में बृहदीश्वर के नाम से जाना जाता है। इसका निर्माण 1003-1010 ई. के बीच चोल शासक राजाराज चोल १ ने करवाया था। उनके नाम पर इसे राजराजेश्वर मन्दिर का नाम भी दिया जाता है। यह अपने समय के विश्व के विशालतम संरचनाओं में गिना जाता था। इसके तेरह (13) मंजिले भवन (सभी हिंदू अधिस्थापनाओं में मंजिलो की संख्या विषम होती है।) की ऊँचाई लगभग 66 मीटर है। मंदिर भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। यह कला की प्रत्येक शाखा - वास्तुकला, पाषाण व ताम्र में शिल्पांकन, प्रतिमा विज्ञान, चित्रांकन, नृत्य, संगीत, आभूषण एवं उत्कीर्णकला का भंडार है। यह मंदिर उत्कीर्ण संस्कृत व तमिल पुरालेख सुलेखों का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इस मंदिर के निर्माण कला की एक विशेषता यह है कि इसके गुंबद की परछाई पृथ्वी पर नहीं पड़ती। शिखर पर स्वर्णकलश स्थित है। जिस पाषाण पर यह कलश स्थित है, अनुमानत: उसका भार 2200 मन (80 टन) है और यह एक ही पाषाण से बना है। मंदिर में स्थापित विशाल, भव्य शिवलिंग को देखने पर उनका वृहदेश्वर नाम सर्वथा उपयुक्त प्रतीत होता है। मंदिर में प्रवेश करने पर गोपुरम्‌ के भीतर एक चौकोर मंडप है। वहां चबूतरे पर नन्दी जी विराजमान हैं। नन्दी जी की यह प्रतिमा 6 मीटर लंबी, 2.6 मीटर चौड़ी तथा 3.7 मीटर ऊंची है। भारतवर्ष में एक ही पत्थर से निर्मित नन्दी जी की यह दूसरी सर्वाधिक विशाल प्रतिमा है। तंजौर में अन्य दर्शनीय मंदिर हैं- तिरुवोरिर्युर, गंगैकोंडचोलपुरम तथा दारासुरम्‌। चित्रदीर्घा 190 190 File:Brihadeeswara.jpg बृहदीश्वर मन्दिर, तंजावूर बृहदीश्वर मन्दिर, तंजावूर File:Brihadeeswarar Temple 02.jpg बृहदीश्वर मन्दिर का गोपुरम बृहदीश्वर मन्दिर का गोपुरम File:Temple Tangore 3.jpg बृहदीश्वर मन्दिर का रथ बृहदीश्वर मन्दिर का रथ इन्हें भी देखें बृहदीश्वर मन्दिर, तंजावूर बृहदीश्वर मन्दिर, गंगैकोण्ड चोलपुरम ऐरावतेश्वर मन्दिर, कुंभकोणम चोल साम्राज्य सन्दर्भ UNESCO की विश्व धरोहर स्थल घोषित चोल मन्दिर सन्दर्भ महान चोला मंदिर श्रेणी:भारत के विश्व धरोहर स्थल श्रेणी:तमिल नाडु में हिन्दू मन्दिर श्रेणी:चोल वास्तुकला श्रेणी:ग्रेनाइट स्थापत्य