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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नाइट्रो यौगिक

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right|thumb|250px|नाइत्रो समूह की संरचना हाइड्रोकार्बनों का एक, या एक से अधिक, हाइड्रोजन जब नाइट्रो (- NO2) समूह या समूहों से विस्थापित होता है तब ऐसे यौगिकों को नाइट्रो यौगिक (नाइट्रो कम्पाउण्ड) कहते हैं। नाइट्रो यौगिकों में नाइट्रोजन परमाणु, कार्बन परमाणु से सीधे संबद्ध रहता है। एक दूसरे प्रकार के यौगिक नाइट्रस अम्ल एस्टर होते हैं। इनमें भी नाइट्रो समूह रहते हैं पर इनमें नाट्रोजन परमाणु, ऑक्सीजन परमाणु द्वारा कार्बन परमाणु से संबद्ध रहता है। रसायनज्ञों ने नाइट्रो यौगिक बौर दूसरे को ऐरोमैटिक नाइट्रो यौगिक कहते हैं। सर्वप्रथम नाइट्रो पैराफिन विक्टरमेयर और ओटो स्टुबर द्वारा १८७२ ई. में तैयार हुआ था। हाइड्रोकार्बन आयोडाइड पर सिल्वर नाइट्राइट की क्रिया से नाइट्रोपैराफिन प्राप्त होते हैं। सीधे नाइट्रिक अम्ल की क्रिया से नाइट्रो पैराफिन साधारणतया नहीं बनते। १९४० ई. में उच्च ताप ३०० डिग्री - ५०० डिग्री सेल्सियस पर नाइट्रिक अम्ल और हाइड्रोकार्बनों के वाष्पों की क्रिया से कुछ नाइट्रोपैराफिन प्राप्त हुए थे। नाइट्रोपैराफिन के निम्नतर सदस्य वर्णहीन द्रव होते हैं। इनमें मंद गंध होती है। ये विषाक्त और जल में अल्पविलेय होते हैं। विलायक के रूप में इनका व्यवहार व्यापक रूप से होता है। अपचयन से नाइट्रो समूह, ऐमिनो समूह में परिणत हो जाता है। क्लोरीन से यह क्लोरोनाइट्रो यौगिक बनाता है। ऐसा एक यौगिक, क्लोरोपिक्रिन, कृमिनाशक के रूप में व्यवहृत होता है। बेंजीन वलयवाले ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बनों को नाइट्रिक अम्ल से उपचारित करने से ऐरोमेटिक नाइट्रोयौगिक प्राप्त होता है। सर्वप्रथम मिटशरले ने १८३४ ई. में नाइट्रोबेंजीन प्राप्त किया था। सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में नाइट्रेटीकरण शीघ्रता से होता है और नाइट्रो यौगिकों की उपलब्धि अच्छी होती है। यह क्रिया ढलवे लोहे के बड़े-बड़े पात्रों में संपन्न होती है और बहुत बड़ी मात्रा में नाइट्रोबेंज़ीन, नाइट्रोटॉलूईन, नाइट्रोनैपथलीन इत्यादि, नाइट्रो यौगिक इस प्रकार तैयार होते हैं। इनका उपयोग अनेक रंजकों, विस्फोटकों, ओषधियों और सुगंधित द्रव्यों के निर्माण में होता है। विलायक के रूप में भी इनका उपयोग व्यापक रूप से होता है। फोटो और रबर रसायनक भी इनसे बनते हैं। नाइट्रो यौगिकों के अपचयन से अनेक यौगिक बनते हैं, जिनमें ऐमिनो यौगिक बहुत महत्व के हैं। ऐनिलीन ऐसा ही ऐमिनो यौगिक है, जिससे अनेक ऐनिलीन रंजक तैयार हुए हैं। श्रेणी:नाइट्रो यौगिक