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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मुहम्मद बिन अल-अरबी अल-अलावी

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मुहम्मद बिन अल-अरबी अल-अलावी محمد بن العربي العلوي सन् 1880 एम'दघरा (ताफिलाल्त), मोरक्को सन् 1964 रबात, मोरक्को मोरक्की इस्लामी विद्वान, राजनीतिज्ञ, न्यायाधीश, सुधारक शेख अल-इस्लाम मोरक्को का राष्ट्रीय आंदोलन, सलाफी सुधारवाद इस्लाम Q16664942 मुहम्मद बिन अल-अरबी अल-अलावी (अरबी: محمد بن العربي العلوي; जन्म: सन् 1880 – निधन: सन् 1964) मोरक्को के एक इस्लामी विद्वान, न्यायाधीश और राजनीतिज्ञ थे। मोरक्को के इतिहास में उन्हें शेख अल-इस्लाम की उपाधि से भी जाना जाता है। बीसवीं सदी के दौरान मोरक्को में हुए धार्मिक सुधारों और फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन के खिलाफ चले राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलनों में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने अपने कार्यों में पारंपरिक इस्लामी शिक्षाओं और आधुनिक विचारों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया।https://ma3lama.com/%d9%85%d8%ad%d9%85%d8%af-%d8%a8%d9%86-%d8%a7%d9%84%d8%b9%d8%b1%d8%a8%d9%8a-%d8%a7%d9%84%d8%b9%d9%84%d9%88%d9%8a-%d8%b4%d9%8a%d8%ae-%d8%a7%d9%84%d8%a5%d8%b3%d9%84%d8%a7%d9%85-%d9%88%d8%b1%d8%a7%d8%a6/ محمد بن العربي العلوي.. شيخ الإسلام ورائد السلفية الوطنية - معلمة معلمة 2023-08-23 ma3lama.com ar 2026-03-13 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा मुहम्मद बिन अल-अरबी अल-अलावी का जन्म 1880 के आसपास मोरक्को के ताफिलाल्त क्षेत्र में स्थित एम'दघरा में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा एक पारंपरिक इस्लामी परिवेश में हुई। उनके परिवार का जुड़ाव दरकाविया सूफी संप्रदाय से था। इस सूफी पृष्ठभूमि का उनके शुरुआती जीवन और चिंतन पर प्रभाव पड़ा।https://www.arrabita.ma/%d9%85%d9%86-%d8%a3%d8%b9%d9%84%d8%a7%d9%85-%d8%a7%d9%84%d8%af%d8%b1%d9%82%d8%a7%d9%88%d9%8a%d8%a9-%d8%a7%d9%84%d9%85%d8%af%d8%ba%d8%b1%d9%8a%d8%a9-%d9%85%d8%ad%d9%85%d8%af-%d8%a8%d9%86-%d8%a7%d9%84/ من أعلام الدرقاوية المدغرية: محمد بن العربي العلوي المدغري (ت1384ھ) – بوابة الرابطة المحمدية للعلماء ar 2026-03-13 अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के उद्देश्य से वे मोरक्को के ऐतिहासिक शहर फेस चले गए। वहाँ उन्होंने प्रसिद्ध अल-क़रवियिन विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। इस विश्वविद्यालय में उन्होंने इस्लामी न्यायशास्त्र, हदीस साहित्य, और कुरान की व्याख्या का अध्ययन किया। अपनी शिक्षा के दौरान, वे मध्य पूर्व के कई सुधारवादी विचारकों, जैसे जमालुद्दीन अफ़ग़ानी और मुहम्मद अब्दुह द्वारा लिखे गए साहित्य के संपर्क में आए। इन विचारकों के लेखों ने उनके सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण को व्यापक रूप से प्रभावित किया।https://www.arrabita.ma/%d8%af%d9%88%d8%b1-%d8%b9%d9%84%d9%85%d8%a7%d8%a1-%d8%a7%d9%84%d9%82%d8%b1%d9%88%d9%8a%d9%8a%d9%86-%d9%81%d9%8a-%d9%85%d9%82%d8%a7%d9%88%d9%85%d8%a9-%d8%a7%d9%84%d8%a7%d8%b3%d8%aa%d8%b9%d9%85%d8%a7-5/ دور علماء القرويين في مقاومة الاستعمار 5 – بوابة الرابطة المحمدية للعلماء ar 2026-03-13 धार्मिक और सुधारवादी विचार अल-अलावी को मोरक्को में सलाफी सुधारवाद के प्रसार में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उनका मानना था कि समाज में प्रचलित कई मान्यताएं और प्रथाएं मूल इस्लामी शिक्षाओं से अलग हो गई हैं, और इसलिए समाज में बौद्धिक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अल-क़रवियिन विश्वविद्यालय में एक शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए शिक्षा प्रणाली में सुधार की वकालत की। उन्होंने पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और तार्किक चिंतन को अपनाने पर जोर दिया। मोरक्की लेखक और दार्शनिक मुहम्मद आबेद अल-जाबरी ने अपनी पुस्तकों में उल्लेख किया है कि मोरक्को के बुद्धिजीवी वर्ग के विकास में अल-अलावी के सुधारवादी विचारों का सीधा प्रभाव रहा है।محمد عابد الجابري (Mohammed Abed al-Jabri) تطور الأنتلجانسيا المغربية. الأصالة والتحديث في المغرب دار الطليعة، بيروت 28 ar अल-कराउयिन में अपने अध्यापन के दौरान, उन्होंने कई ऐसे छात्रों को पढ़ाया जो आगे चलकर मोरक्को की राजनीति और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय नेता बने। उनके विद्यार्थियों में अल्लाल अल-फ़ासी, मुख्तार अस-सौसी और मेहदी बेन बरका जैसे व्यक्ति शामिल थे। राष्ट्रवादी आंदोलन और फ्रांसीसी प्रशासन का विरोध 1930 में फ्रांसीसी औपनिवेशिक प्रशासन द्वारा बर्बर दाहिर नामक एक कानून लागू किया गया। इस कानून का उद्देश्य मोरक्को की न्यायिक प्रणाली में अरब और बर्बर समुदायों के लिए अलग-अलग नियम स्थापित करना था। अल-अलावी ने इस कानून का विरोध किया। उन्होंने इसे मोरक्को के समाज को विभाजित करने की एक राजनीतिक चाल माना। उन्होंने इसके खिलाफ फतवा जारी किया और आम जनता को इस कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान वे तत्कालीन सुल्तान मुहम्मद पंचम के सलाहकारों में शामिल हो गए थे।https://revues.imist.ma/index.php/bahtheyya/article/download/25523/13544 محمد بلعربي العلوي والتأصيل للنضال الوطني السياسي المغربي revues.imist.ma Mohammed Belarbi Al-Alaoui and the Rooting of the Moroccan National Political Struggle 2026-03-13 अगस्त 1953 में, फ्रांसीसी अधिकारियों ने सुल्तान मुहम्मद पंचम को सत्ता से हटाकर निर्वासित कर दिया और मोहम्मद बेन अराफा को सुल्तान घोषित कर दिया। अल-अलावी ने बेन अराफा को वैध शासक मानने से इनकार कर दिया। फ्रांसीसी प्रशासन के खिलाफ इस रुख के परिणामस्वरूप, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और मोरक्को के दक्षिणी शहर तिज़नित में निर्वासित कर दिया गया।شيخ الإسلام محمد العربي العلوي مجلة البيان https://web.archive.org/web/20171006000000/http://www.alBayan.co.uk/ 2017-10-06 ar https://albayan.co.uk/article2.aspx?ID=2473 2026-03-13 स्वतंत्रता के बाद का जीवन और राजनीतिक गतिविधियाँ 1956 में मोरक्को को फ्रांस से पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त हुई। सुल्तान मुहम्मद पंचम के सत्ता में लौटने के बाद, अल-अलावी को मुकुट मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। कुछ समय बाद उन्हें देश का न्याय मंत्री भी बनाया गया। हालाँकि, उन्होंने लंबे समय तक इन पदों पर कार्य नहीं किया। जब उन्हें लगा कि नवगठित सरकार की कुछ नीतियां उनके सिद्धांतों से मेल नहीं खाती हैं, तो उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार से अलग होने के बाद, उन्होंने मोरक्को की वामपंथी राजनीतिक शक्तियों, विशेष रूप से नेशनल यूनियन ऑफ पॉपुलर फोर्सेज का समर्थन किया। इस पार्टी का नेतृत्व उनके पूर्व छात्र मेहदी बेन बरका कर रहे थे। वे अपने जीवन के अंतिम वर्षों तक राजनीतिक अधिकारों और सामाजिक सुधारों के पक्ष में बोलते रहे।http://www.ahewar.org/debat/show.art.asp?aid=343202 فؤاد الهيلالي - الحلقة الثانية: -حول بعض القضايا التنظيمية في خط منظمة - إلى الأمام -- الجزء الثامن. الحوار المتمدن 2026-03-13 विरासत और निधन मुहम्मद बिन अल-अरबी अल-अलावी का निधन 1964 में रबात शहर में हुआ। मोरक्को के इतिहास में उन्हें एक ऐसे विद्वान के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने धार्मिक ज्ञान का उपयोग सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए किया। उनके विचारों का असर केवल मोरक्को तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अल्जीरिया और अन्य पड़ोसी देशों के सुधारवादी आंदोलनों पर भी देखा गया।الشيخ محمد بن العربي العلوي وصلته بالجزائر رابطة أدباء الشام 2014-05-03 https://web.archive.org/web/20150425000000/http://www.odabasham.net/ 2015-04-25 ar http://www.odabasham.net/%D8%AA%D8%B1%D8%A7%D8%AC%D9%85/29053-%D8%A7%D9%84%D8%B4%D9%8A%D8%AE-%D9%85%D8%AD%D9%85%D8%AF-%D8%A8%D9%86-%D8%A7%D9%84%D8%B9%D8%B1%D8%A8%D9%8A-%D8%A7%D9%84%D8%B9%D9%84%D9%88%D9%8A-%D9%88%D8%B5%D9%84%D8%AA%D9%87-%D8%A8%D8%A7%D9%84%D8%AC%D8%B2%D8%A7%D8%A6%D8%B1- वर्तमान समय में भी रबात की राष्ट्रीय लाइब्रेरी और मोरक्को के विभिन्न अकादमिक संस्थानों में उनके जीवन, राजनीतिक कार्यों और बौद्धिक योगदान पर संगोष्ठियां और चर्चाएं आयोजित की जाती हैं।http://www.amrh.ma/?p=5723 إصدار جديد لمركز محمد بن سعيد أيت يدر: شيخ الإسلام محمد بن العربي العلوي، السلفية المستنيرة 2015-08-29 Association Marocaine pour La Recherche Historique ar 2026-03-13محمد حجي (Mohamed Hajji) موسوعة أعلام المغرب 9 233 دار الغرب الإسلامي، بيروت arمعلمة المغرب (Ma'almat al-Maghrib) 18 6164 ar इन्हें भी देखें लल्ला हनीला बिन्त मामून सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ श्रेणी:1880 में जन्मे लोग श्रेणी:1964 में निधन श्रेणी:मोरक्को के राजनीतिज्ञ श्रेणी:मोरक्को के इस्लामी विद्वान श्रेणी:अरब राष्ट्रवादी श्रेणी:2026 विकि लव्ज़ रमजान प्रतियोगिता के लेख