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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

बेक़रार

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बेक़रार (अर्थ: व्याकुल) सन् १९५० की एक पाकिस्तानी फ़िल्म है, जिसका निर्देशन और सह-निर्माण नज़ीर अजमेरी ने फ़िल्मसाज़ प्रोडक्शन के बैनर तले किया था। इस फ़िल्म में रागिनी, एस॰ गुल, माजिद, शम्मी, चार्ली और इर्शाद बेग़म ने अभिनय किया। फ़िल्म के संगीत निर्देशक ग़ुलाम हैदर थे। यह फ़िल्म अजमेरी की पाकिस्तान में प्रवास के बाद की पहली फ़िल्म थी। यद्यपि यह उस वर्ष की असफल फ़िल्मों में गिनी जाती है, परंतु इसका संगीत अत्यंत लोकप्रिय हुआ। फ़िल्म का विषय देश के लिए अधिकतम अनाज उत्पादन पर केंद्रित था, जिसे बीबीसी ने "अपने समय से आगे" की संज्ञा दी थी। == कथानक == फ़िल्म की कहानी एक ग़रीब किसान के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे गेहूँ की बेहतर पैदावार हेतु सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाता है। इस सफलता से ईर्ष्यावश गाँव के ज़मींदार का क्रूर पुत्र उसका प्रतिद्वंद्वी बन जाता है। यह प्रतिस्पर्धा तब और गहराती है जब दोनों एक ही लड़की से प्रेम करने लगते हैं तथा उसका दिल जीतने का प्रयास करते हैं। == कलाकार == रागनी एस॰ गुल शम्मी इरशाद बेग़म माजिद नज़ीर बेदी जी॰ एन॰ बट माया देवी चार्ली == संगीत == फ़िल्म का संगीत ग़ुलाम हैदर ने तैयार किया था। गीतों के बोल अर्श लखनवी और तुफ़ैल होशियारपुरी ने लिखे। प्रमुख गीत: "दिल को लगाके कहीं ठोकर न खाना" — मुनव्वर सुल्ताना और अली बख़्श ज़हूर "ओ परदेसिया, भूल न जाना" — मुनव्वर सुल्ताना "बेदर्द ज़माने से कभी प्यार न करना" — पुखराज पप्पू "मेरे दिल की दुनिया उजड़ गई" — मुनव्वर सुल्ताना "उल्फ़त भरी नज़र के इशारे बदल गए" — अली बख़्श ज़हूर == प्रदर्शन == बेक़रार का प्रदर्शन १७ जुलाई १९५० को हुआ। यह फ़िल्म कराची के सिनेमाघरों में १८ सप्ताह तक चली, परंतु व्यावसायिक रूप से असफल रही। इसके बावजूद, मास्टर ग़ुलाम हैदर द्वारा रचित संगीत और फ़िल्म के गीत अत्यंत लोकप्रिय हुए। == सन्दर्भ == == बाहरी कड़ियाँ == बेक़रार इंटरनेट मूवी डेटाबेस पर