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विग्रह पाल
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विग्रहपाल 870–871 ई॰ पाल राजा गोपाल द्वितीय नारायण पाल पाल चेदी लज्जादेवीमिश्रा विजयकांता Cultural Heritage of Mithila https://books.google.com/books?id=8FBuAAAAMAAJ 1979 मिथिला प्रकाशन 39 नारायण पाल यहपाल बौद्ध धर्म
विग्रहपाल (शासनकाल 870–871)Laha Gopal 2017 Revised Genealogy, Chronology & Regnal Years of the Kings of the Pala Dynasty in the Light of the Latest Discoveries, Decipherment and Presentation (750-1200 A.d) https://www.jstor.org/stable/26906092 Proceedings of the Indian History Congress 78 257 2249-1937 भारतीय उपमहाद्वीप के बंगाल क्षेत्र में पाल वंश का एक शासक थे। वो छठे पाल राजा थे। संन्यास लेने से पहले उन्होंने कुछ समय तक शासन किया। वो धर्मपाल के छोटे भाई और वाकपाल के पौते एवं जयपाल के पुत्र थे। उनके बाद उनके पुत्र नारायणपाल ने पद सम्भाला।
तपस्वी बनने से पहले उन्होंने कुछ समय तक शासन किया। विग्रहपाल धर्मपाल के छोटे भाई वाकापाल के पोते और जयपाल के पुत्र थे। उनके बाद उनके बेटे नारायणपाल ने राजगद्दी संभाली।
वंशावली
पहले इतिहासकार मानते थे कि शूरपाल और विग्रहपाल एक ही व्यक्ति के दोनाम थे। हालांकि सन् 1970 में मिर्ज़ापुर जिले में एक ताम्रपत्र मिला जिसने स्थापित किया कि ये दोनों चचेरे भाई थे। उन्होंने या तो एक ही समय पर अलग-अलग क्षेत्रों में शासन किया है या वो एक दूसरे (क्रम स्पष्ट नहीं) के उत्तराधिकारी हैं।https://books.google.com/books?id=xLA3AAAAIAAJ&pg=PA32 The "Påala-Sena" Schools of Sculpture Susan L. Huntington 1 जनवरी 1984 ब्रिल आर्काइव 90-04-06856-232–37 यदि वो उत्तराधिकारी थे तो यह सम्भावना अधिक है कि शूरपाल के उत्तराधिकारी विग्रहपाल थे क्योंकि विग्रहपाल प्रथम और उनके वंशजों ने अखंड उत्तराधिकार में शासन किया। विग्रहपाल ने या तो शूरपाल को पदच्युत कर दिया या सिंहासन के किसी प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति में शांतिपूर्वक इयह स्थान प्राप्त कर लिया।https://books.google.com/books?id=N2tlKzxwhY8C&pg=PA27 Ancient India, History and Archaeology Dilip Kumar Ganguly 1 January 1994 Abhinav Publications 978-81-7017-304-5 29
उनके और उनके पूर्वजों के बारे में जानकारी उनके पुत्र नारायणपाल के भागलपुर ताम्रपत्र शिलालेख में मिलती है।https://books.google.com/books?id=gYO25eaDrqUC&pg=PA188 Dynastic History Of Magadha George E. Somers 1 जनवरी 1977 अभिनव पब्लिकेशन्स 978-81-7017-059-4 188–
शासनकाल
विभिन्न अभिलेखों और ऐतिहासिक अभिलेखों की विभिन्न व्याख्याओं के आधार पर, विभिन्न इतिहासकारों ने विग्रहपाल के शासनकाल का अनुमान इस प्रकार लगाया है:32–37
इतिहासकारगोपाल शासन का अनुमानित समयआरसी मजुमदार (1971)850–853 (शूरपाल प्रथम के साथ)एएम चौधरी (1967)861–866 (शूरपाल प्रथम के साथ)बीपी सिन्हा (1977)860–865 (शूरपाल प्रथम के साथ)डीची सरकार (1975–76)858–860
विग्रहपाल शांतिपूर्ण स्वभाव के थे और उन्होंने अपने पुत्र नारायणपाल के लिए सिंहासन त्याग दिया।https://books.google.com/books?id=9_48AAAAIAAJ&pg=PA144 The Cambridge Shorter History of India CUP Archive 144– GGKEY:2W0QHXZ7K40
सन्दर्भ
पाल साम्राज्य 9वीं सदी गोपाल द्वितीय नारायण पाल
श्रेणी:पाल राजवंश
श्रेणी:९वीं शताब्दी के भारतीय शासक