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411 समाचार
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फसलों का त्यौहार

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एआई के सम्पादनों को सुधारने दिसम्बर 2025 अंगूठाकार|रॉकटन वर्ल्ड फेयर में पुरस्कार स्वरूप मक्का, हैमिल्टन, ओंटारियो, कनाडा में एक वार्षिक फसल उत्सव फसलों का त्यौहार (Harvest Festival) एक वार्षिक उत्सव है जो किसी क्षेत्र में मुख्य फसल की कटाई के समय मनाया जाता है। चूँकि दुनिया भर में जलवायु और फसलें अलग-अलग होती हैं, इसलिए फसल त्यौहार विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग समय पर मनाए जाते हैं। इन त्यौहारों में आमतौर पर परिवार और समाज द्वारा एकत्रित भोज का आयोजन किया जाता है, जिसमें ताज़ी फसलों से बने खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। ब्रिटेन और यूरोप ब्रिटेन में सफल फसल की प्राप्ति के लिए धन्यवाद देने की परंपरा पैगन काल से चली आ रही है। फसल त्यौहार सितंबर या अक्टूबर में मनाए जाते हैं। आधुनिक उत्सवों में भजन गाना, प्रार्थना करना और चर्चों को फलों एवं अनाज की टोकरी से सजाना शामिल है। इसे "हार्वेस्ट फेस्टिवल", "हार्वेस्ट होम", "हार्वेस्ट थैंक्सगिविंग" जैसे नामों से जाना जाता है। ब्रिटिश और कैरेबियाई चर्चों व विद्यालयों में लोग अपने बगीचे या खेत से उपज लाकर चर्च को अर्पित करते हैं। बाद में यह भोजन गरीबों और बुजुर्गों में बाँटा जाता है या चर्च और दान कार्यों के लिए धन एकत्र करने में प्रयुक्त होता है। अफ्रीका और एशिया में इथियोपिया के ओरोमो समुदाय इरीचा (Irreecha) मनाते हैं, जो वर्षा ऋतु के अंत और फसल के आरंभ का प्रतीक है। यह कृतज्ञता और सामुदायिक एकता का उत्सव है। चीन में मिड-ऑटम फेस्टिवल (中秋節) सबसे प्रसिद्ध फसल त्योहारों में से एक है। ईरान में मेहरगान प्राचीन काल में पर्सेपोलिस में बड़े पैमाने पर मनाया जाता था। यह न केवल फसल का समय था, बल्कि कर वसूलने और साम्राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से राजा को उपहार प्रस्तुत करने का अवसर भी होता था। भारत में फसलों के त्योहारों की एक समृद्ध परंपरा है। इनमें प्रमुख हैं: मकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण, लोहड़ी और बिहू (जनवरी), होली (फरवरी–मार्च), बैसाखी (अप्रैल), ओणम (अगस्त–सितंबर)। ये सभी त्योहार कृषि, ऋतु परिवर्तन और सामाजिक सामंजस्य से जुड़े हैं। यहूदी परंपरा यहूदी धर्म में शरद ऋतु में सुक्कोत नामक सप्ताह भर चलने वाला फसल त्यौहार मनाया जाता है। इसमें लोग अस्थायी झोपड़ी (सुक्का) बनाते हैं और उसी में भोजन, प्रार्थना व निवास करते हैं। यह प्रथा प्राचीन इज़राइली किसानों की स्मृति है, जो फसल कटाई के दौरान अस्थायी टेंट में रहते थे और अपनी उपज का हिस्सा येरूशलम स्थित मंदिर में अर्पित करते थे। रीति-रिवाज़ और परंपराएँ (अंग्रेज़ी-भाषी दुनिया में) अंग्रेज़ी परंपरा में प्रारंभिक फसल उत्सव लैमस (Lammas) कहलाता था, जो 1 अगस्त को मनाया जाता था। किसान ताज़ी गेहूँ की रोटी बनाकर चर्च को अर्पित करते थे। 16वीं शताब्दी तक कई प्रथाएँ स्थापित हो चुकी थीं, जैसे: अंतिम फसल के साथ गाड़ियों का जुलूस, "Hooky, Hooky" का नारा लगाना, प्रमुख काटने वाला किसान विशेष वेशभूषा धारण कर "लॉर्ड ऑफ द हार्वेस्ट" बनता था और दर्शकों से दान माँगता था। थॉमस नैश के नाटक समर्स लास्ट विल एंड टेस्टामेंट (1592) में इन परंपराओं का उल्लेख मिलता है। इसमें "हार्वेस्ट" का पात्र दरांती और रीपर्स (कटाई करने वाले) के साथ मंच पर आता है और गीत गाता है। कई स्थानों पर "हॉकी" या "हॉर्की" नाम से त्योहार जाना जाने लगा। उत्सव के दौरान कामगारों में विशेष केक बाँटा जाता था, जिसकी परंपरा धार्मिक सुधार आंदोलन (Reformation) से पहले की बताई जाती है। उत्तरी अमेरिका में प्रारंभिक अंग्रेज़ उपनिवेशवादियों ने यह फसल-धन्यवाद की परंपरा उत्तर अमेरिका में भी पहुँचाई। सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है 1621 का थैंक्सगिविंग उत्सव, जिसे अमेरिकी इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। संदर्भ