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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

विधि पर प्रवचन

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डिस्कोर्स ऑन द मेथड Descartes Discours de la Methode.jpg रेने देकार्त फ़्रांस / नीदरलैंड (लीडेन में प्रकाशित) फ़्रांसीसी दर्शनशास्त्र, ज्ञानमीमांसा, वैज्ञानिक पद्धति दार्शनिक ग्रंथ / आत्मकथात्मक निबंध 1637 78 (मूल संस्करण) डिस्कोर्स ऑन द मेथड, जिसका पूरा नाम डिस्कोर्स ऑन द मेथड ऑफ़ राइटली कंडक्टिंग वन्स रीज़न एंड ऑफ़ सीकिंग ट्रुथ इन द साइंसेज़ (सत्य की खोज और अपनी बुद्धि के सही संचालन की विधि पर प्रवचन) है, एक विश्वप्रसिद्ध दार्शनिक और आत्मकथात्मक ग्रंथ है। इसकी रचना महान फ़्रांसीसी दार्शनिक और गणितज्ञ रेने देकार्त ने 1637 में की थी। इस पुस्तक को आधुनिक पश्चिमी दर्शनशास्त्र और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति के विकास में सबसे प्रभावशाली कार्यों में से एक माना जाता है। इसी पुस्तक में देकार्त ने अपना वह अमर दार्शनिक सूत्र दिया था: "मैं सोचता हूँ, इसलिए मैं हूँ" (फ़्रांसीसी: Je pense, donc je suis; लैटिन: Cogito, ergo sum)।Descartes René Discourse on Method and Meditations on First Philosophy https://archive.org/details/discourseonmetho00desc Hackett Publishing 1998 978-0872204201 18-20 Donald A. CressBurns William E. The scientific revolution: an encyclopedia https://archive.org/details/scientificrevolu0000burn 2001 ABC-CLIO 978-0-87436-875-8 Santa Barbara, Calif. भाषा और प्रकाशन का उद्देश्य देकार्त के युग में यूरोप के अधिकांश दार्शनिक और वैज्ञानिक ग्रंथ केवल लैटिन भाषा में लिखे जाते थे, जो केवल चर्च के पादरियों और विश्वविद्यालय के विद्वानों तक ही सीमित थी। देकार्त ने जानबूझकर अपनी इस कृति को आम बोलचाल की 'फ़्रांसीसी भाषा' में लिखा। उनका मानना था कि सामान्य ज्ञान दुनिया में समान रूप से वितरित है, और यदि कोई व्यक्ति बिना किसी पूर्वाग्रह के केवल अपने 'तर्क' का उपयोग करे, तो वह भी सत्य तक पहुँच सकता है। इस प्रकार उन्होंने ज्ञान को चर्च और मठों के एकाधिकार से बाहर निकालकर आम जनता तक पहुँचाने का क्रांतिकारी कार्य किया।Cottingham John The Cambridge Companion to Descartes Cambridge University Press 1992 978-0521366960 45-48http://oregonstate.edu/instruct/phl302/texts/hobbes/leviathan-c.html#CHAPTERXIII Oregon State University oregonstate.edu https://web.archive.org/web/20100528165112/http://oregonstate.edu/instruct/phl302/texts/hobbes/leviathan-c.html#CHAPTERXIII May 28, 2010 thumb|right विधि के चार नियम इस ग्रंथ के दूसरे भाग में, देकार्त ने ज्ञान प्राप्त करने और सत्य की खोज के लिए एक नई 'वैज्ञानिक पद्धति' प्रस्तुत की, जो पारंपरिक 'स्कोलैस्टिक' दर्शन के पूर्णतः विपरीत थी। उन्होंने इसके लिए चार बुनियादी नियम निर्धारित किए:Garber Daniel Descartes' Method and the Role of Experiment A Companion to Descartes 2007 234-238 Blackwell Publishing संदेह का नियम: किसी भी बात को तब तक सत्य न मानें जब तक कि वह आपके मन और बुद्धि के सामने पूरी तरह स्पष्ट और असंदिग्ध न हो। विश्लेषण का नियम: किसी भी जटिल समस्या को समझने और सुलझाने के लिए उसे छोटे-छोटे और सरल हिस्सों में विभाजित करें। संश्लेषण का नियम: अपने विचारों को एक क्रम में व्यवस्थित करें; सबसे सरल और आसानी से समझ में आने वाली वस्तुओं से शुरुआत करके धीरे-धीरे सबसे जटिल ज्ञान की ओर बढ़ें। समीक्षा का नियम: अंत में पूरी प्रक्रिया की इतनी व्यापक और सतर्क समीक्षा करें कि यह सुनिश्चित हो जाए कि कुछ भी छूटा नहीं है। 'कार्तीय संदेह' और "मैं सोचता हूँ, इसलिए मैं हूँ" पुस्तक के चौथे भाग में, देकार्त ज्ञान की एक अटल नींव खोजने का प्रयास करते हैं। इसके लिए वे 'पद्धतिगत संदेह' का सहारा लेते हैं। वे कहते हैं कि हमारी इंद्रियां अक्सर हमें धोखा देती हैं, इसलिए हम उस हर चीज़ पर संदेह कर सकते हैं जिसे हमने देखा या सुना है। यहाँ तक कि हम इस दुनिया के अस्तित्व पर भी संदेह कर सकते हैं।Descartes Rene https://archive.org/details/discourseonmeth00desc Discourse on Method and Meditations The Liberal Arts Press Laurence J. Lafleur (trans) 1960 लेकिन, जब देकार्त हर चीज़ पर संदेह कर रहे थे, तो उन्होंने महसूस किया कि एक चीज़ ऐसी है जिस पर संदेह नहीं किया जा सकता-वह है उनका स्वयं का 'संदेह करना' या 'सोचना'। यदि वे सोच रहे हैं, तो इसका अर्थ है कि सोचने वाले का अस्तित्व अवश्य है। यहीं से उनका प्रसिद्ध निष्कर्ष निकला: "मैं सोचता हूँ, इसलिए मैं हूँ"। यह सूत्र आधुनिक बुद्धिवाद का मूल आधार बना।Williams Bernard Descartes: The Project of Pure Enquiry Routledge 2014 978-1138019188 65-68https://oll.libertyfund.org/titles/1747#Montaigne_0963-06_212 Essays of Montaigne, vol. 6 - Online Library of Liberty libertyfund.orghttps://oll.libertyfund.org/titles/1747#Montaigne_0963-06_213 Essays of Montaigne, vol. 6 - Online Library of Liberty libertyfund.org ऐतिहासिक प्रभाव देकार्त के इस ग्रंथ ने पश्चिमी विचार जगत में एक भूचाल ला दिया। इसने पुरानी अरस्तूवादी और मध्ययुगीन परंपराओं को खारिज करके विज्ञान और दर्शन दोनों को एक नई 'गणितीय और तार्किक' दिशा प्रदान की। विज्ञान को अंधविश्वासों से मुक्त करने और उसे प्रयोगात्मक तथा तर्क-आधारित बनाने में इस छोटी सी पुस्तक का योगदान अतुलनीय है।https://plato.stanford.edu/entries/descartes-epistemology/ Descartes' Epistemology Stanford Encyclopedia of Philosophy सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ प्रोजेक्ट गुटेनबर्ग पर 'डिस्कोर्स ऑन द मेथड' श्रेणी:ज्ञानमीमांसा