411 REFERENCE · Wikipedia
कंफ़र्ट वुमन
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
अंग्रेज़ी जुलाई 2026
कम्फर्ट विमेन उन महिलाओं और लड़कियों को कहा जाता है जिन्हें दूसरे विश्व युद्ध से पहले और उसके दौरान जापानी सेना ने अपने कब्ज़े वाले क्षेत्रों में जबरन यौन दासता में धकेल दिया था। यह शब्द जापानी शब्द 'इआनफू' का अनुवाद है, जिसका शाब्दिक अर्थ "सांत्वना या आराम देने वाली महिला" होता है।'कम्फर्ट विमेन' कौन थीं? - कम्फर्ट स्टेशनों की स्थापना http://www.awf.or.jp/e1/facts-01.html www.awf.or.jp 27 जून 2026 EN 7 अगस्त 2014 https://web.archive.org/web/20140807180256/http://www.awf.or.jp/e1/facts-01.html bot: unknown
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सैनिकों ने ऑस्ट्रेलिया, बर्मा (वर्तमान म्यांमार), चीन, नीदरलैंड, फिलीपींस, जापान, कोरिया, इंडोनेशिया, पूर्वी तिमोर, न्यू गिनी और अन्य क्षेत्रों की हज़ारों महिलाओं को जबरन सैन्य वेश्यालयों में काम करने के लिए मजबूर किया। इनमें सबसे बड़ी संख्या कोरियाई महिलाओं और लड़कियों की थी।
'कम्फर्ट विमेन' का मुद्दा आज भी पूर्वी एशिया में एक संवेदनशील ऐतिहासिक और राजनीतिक विषय बना हुआ है, क्योंकि पीड़ितों और उनके समर्थकों ने लंबे समय तक न्याय, माफी और आधिकारिक स्वीकार्यता की मांग की है।
'कम्फर्ट वीमेन' सिस्टम की रूपरेखा
जापानी सेना द्वारा स्थापना
जापान में वेश्यावृत्ति बड़े पैमाने पर और संगठित तरीके से होती थी, इसलिए जापानी सेना में भी सैन्य वेश्यावृत्ति का होना स्वाभाविक था। इंपीरियल जापानी सेना के अंदर हुए पत्राचार से पता चलता है कि 'कम्फर्ट स्टेशन' (आरामगाह) बनाने के पीछे ये मकसद थे: जापानी सैनिकों द्वारा किए जाने वाले बलात्कार के अपराधों को कम करना या रोकना ताकि जापान-विरोधी भावनाएं और न बढ़ें; जापानी सैनिकों में यौन रोगों को कम करना; और जापानी अधिकारियों के संपर्क में रहने वाले आम नागरिकों द्वारा सैन्य राज़ लीक होने से रोकना।
रूपरेखा
1904-1905 के रूस-जापान युद्ध के दौरान जापानी सेना ने मंचूरिया में निजी रूप से संचालित वेश्यालयों की कड़ी निगरानी की।तनाका Yuki जापान की 'कम्फर्ट विमेन' https://books.google.com/books?id=mV5dymPXNBgC Routledge 28 जून 2026 en 29 अगस्त 2003
1932 की शंघाई घटना के बाद, जब जापानी सैनिकों ने बड़ी संख्या में चीनी महिलाओं के साथ बलात्कार किया, तब उसके जवाब में शंघाई में सबसे पहले "कम्फर्ट हाउस" (यौन-शोषण केंद्र) स्थापित किए गए। शंघाई में चीफ ऑफ स्टाफ यासुजी ओकामूरा ने आगे होने वाले बलात्कारों को रोकने के उद्देश्य से इन कम्फर्ट हाउसों की स्थापना का आदेश दिया।
1937 के नानजिंग नरसंहार के दौरान जापानी सैनिकों द्वारा अनेक चीनी महिलाओं के साथ बलात्कार किए जाने के बाद, जापानी सेना ने चीन के अपने कब्ज़े वाले क्षेत्रों में कई स्थानों पर "कम्फर्ट स्टेशन" स्थापित करने की नीति अपनाई। यह नीति जापानी सैनिकों द्वारा पीड़ित चीनी महिलाओं के प्रति सहानुभूति के कारण नहीं, बल्कि इस आशंका के कारण अपनाई गई थी कि इस तरह की घटनाएँ चीनी नागरिकों में जापानी शासन के प्रति और अधिक घृणा तथा विरोध को जन्म देंगी।
सन्दर्भ
जुलाई 2026