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आर्द्रभूमि
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thumb|250px|right|संयुक्त राज्य के फ्लोरिडा का ऍवरग्लेडस, सबसे बड़ा आर्द्रभूमि
आर्द्रभूमि (wetland) ऐसा भूभाग होता है जहाँ के पारितंत्र का बड़ा हिस्सा स्थाई रूप से या प्रतिवर्ष किसी मौसम में जल से संतृप्त (सचुरेटेड) हो या उसमें डूबा रहे। ऐसे क्षेत्रों में जलीय पौधों का बाहुल्य रहता है और यही आर्द्रभूमियों को परिभाषित करता है। Butler S. Macquarie Concise Dictionary 5th 2010 Macquarie Dictionary Publishers Sydney, Australia 978-1-876429-85-0 Official page of the Ramsar Convention 2011-09-25 http://www.ramsar.org/cda/en/ramsar-pubs/main/ramsar/1-30_4000_0__ https://web.archive.org/web/20110925162620/http://www.ramsar.org/cda/en/ramsar-pubs/main/ramsar/1-30_4000_0__ 25 सितंबर 2011 live जैवविविधता की दृष्टि से आर्द्रभूमियाँ अत्यंत संवेदनशील होती हैं क्योंकि विशेष प्रकार की वनस्पति व अन्य जीव ही आर्द्रभूमि पर उगने और फलने-फूलने के लिये अनुकूलित होते हैं। Keddy P.A. Wetland ecology : principles and conservation 2010 Cambridge University Press New York 978-0521519403 https://books.google.com/?id=eVeaSqFy2VgC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false 2nd
ईरान के रामसर शहर में १९७१ में पारित एक अभिसमय (convention) के अनुसार आर्द्रभूमि ऐसा स्थान है जहाँ वर्ष में आठ माह पानी भरा रहता है। रामसर अभिसमय के अन्तर्गत वैश्विक स्तर पर वर्तमान में कुल १९२९ से अधिक आर्द्रभूमियाँ हैं।http://www.ens-newswire.com/ens/apr2002/2002-04-15-06.asp संग्रहीत प्रति 14 दिसंबर 2010 https://web.archive.org/web/20110622014430/http://www.ens-newswire.com/ens/apr2002/2002-04-15-06.asp 22 जून 2011 dead
भारत में आर्द्रभूमि
भारत सरकार में शुष्क भूमि को भी रामसर आर्द्रभूमियों के अंतर्गत ही शामिल किया है। वर्तमान में भारत में कुल 89 रामसर आर्द्रभूमियाँ अधिसूचित हैं। रामसर आर्द्रभूमि के रजिस्टर मॉण्ट्रक्स रिकॉर्ड्स के तहत उन आर्द्रभूमियों को शामिल किया जाता है, जो खतरे में हैं अथवा आ सकती हैं। इसके अनुसार भारत में केवलादेव (राजस्थान) और लोकटक झील (मणिपुर) खतरे में पड़ी आर्द्रभूमियाँ हैं। चिल्का झील (उड़ीसा) को इस रिकॉर्ड से बाहर कर दिया गया है।
आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन अधिनियम 2010(भारत)
वर्ष 2011 में भारत सरकार ने आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन अधिनियम 2010 की अधिसूचना जारी किया है। इस अधिनियम के तहत आर्द्रभूमियों को निम्नलिखित आठ वर्गों में बाँटा गया है।
अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियाँ।
पर्यावरणीय आर्द्रभूमियाँ। यथा- राष्ट्रीय उद्यान, गरान आदि।
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल आर्द्रभूमियाँ।
समुद्रतल से २५०० मीटर से कम ऊँचाई की ऐसी आर्द्रभूमियाँ जो ५०० हेक्टेयर से अधिक का क्षेत्रफल घेरती हों।
समुद्रतल से २५०० मीटर से अधिक ऊँचाई किंतु ५ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल।
ऐसी आर्द्रभूमियाँ जिनकी पहचान प्राधिकरण ने की हो।
इस अधिनियम के तहत केंद्रीय आर्द्रभूमि विनियामक प्राधिकरण की स्थापना की गयी है। इस प्राधिकरण में अध्यक्ष सहित कुल 12 सदस्य होंगे। इसी अधिनियम के तहत 38 नयी आर्द्रभूमियाँ पहचानी गयी हैं।
इन्हें भी देखें
दलदल
शुष्कभूमि
बाहरी कड़ियाँ
भारत में आर्द्रभूमि संरक्षण, संरक्षण विभाग, पर्यावरण और वन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली (अंग्रेज़ी में)
सन्दर्भ
श्रेणी:भौतिक भूगोल
श्रेणी:पर्यावरण
श्रेणी:पारिस्थितिकी
श्रेणी:जलवायु परिवर्तन
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