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भूटान के वस्त्र
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भूटान के वस्त्र से आशय भूटान में प्रचलित पारंपरिक और राष्ट्रीय परिधानों के समग्र स्वरूप से है, जो देश की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक रीति-रिवाजों और परंपराओं को प्रतिबिंबित करते हैं। भूटान सरकार द्वारा प्रवर्तित आचार-संहिता ड्रिगलाम नमझा के अंतर्गत इन वस्त्रों को सरकारी समारोहों, विद्यालयों तथा औपचारिक अवसरों पर पहनना अनिवार्य है। ये वस्त्र केवल दैनिक पहनावे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भूटानी समाज में वर्ग-भेद, सामाजिक प्रतिष्ठा और सांस्कृतिक उत्तराधिकार की अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी माने जाते हैं।
डुमद्याम
डुमद्याम (Dumdyam) लेपचा महिलाओं का पारंपरिक परिधान है। यह टखने तक लंबा वस्त्र होता है, जो सामान्यतः चिकने सूती या रेशमी कपड़े के एक ही टुकड़े से बनाया जाता है और प्रायः एकरंगी होता है। इसे पहनते समय कपड़े को एक कंधे पर मोड़कर दूसरे कंधे पर पिन से बाँधा जाता है तथा कमर पर बेल्ट या टेगोर की सहायता से स्थिर किया जाता है, जिसके ऊपर अतिरिक्त कपड़ा लटका रहता है। इसके नीचे विपरीत रंग की लंबी बाँहों वाली ब्लाउज़ पहनी जा सकती है। औपचारिक और उत्सव के अवसरों पर इसे आधुनिक शैली में धारण किया जाता है।Plaisier Heleen 2007 A Grammar of Lepcha 5 Tibetan studies library: Languages of the greater Himalayan region Brill Leiden; Boston 978-90-04-15525-1 https://books.google.com/books?id=DpCXEc_9RWcC 4https://books.google.com/books?id=0ACBAAAAMAAJ Family, marriage, and social change on the Indian fringe S. M Dubey S. M. Dubey P. K. Bordoloi B. N. Borthakur Cosmo 1980 53, 56Himalayan Lepchas Rudranand Thakur Archives Publishers 1988 131Present Buddhist tribals and vihāras in West Bengal Chittaranjan Patra Sarkar & Co 1991 59
thumb|1860 में डुमद्याम पहने एक लेपचा महिला
डुमप्रा
डुमप्रा (Dumpra) लेपचा पुरुषों का पारंपरिक परिधान है। यह बहुरंगी हाथ-बुना कपड़ा होता है, जिसे एक कंधे पर पिन से बाँधा जाता है और गियाटोमु नामक कमरबंध से स्थिर किया जाता है। सामान्यतः इसे सफ़ेद शर्ट और पतलून के ऊपर पहना जाता है। इसके साथ पुरुष थैक्टुक नामक एक चपटी गोल टोपी पहनते हैं, जिसकी किनारी कठोर काले रेशम जैसी होती है और ऊपर के भाग में बहुरंगी डिज़ाइन होते हैं। बहुत कम अवसरों पर बाँस और बेंत से बनी शंकु-आकार की पारंपरिक टोपी का भी उपयोग किया जाता है।Plaisier Heleen 2007 A Grammar of Lepcha 5 Tibetan studies library: Languages of the greater Himalayan region Brill 4Family, marriage, and social change on the Indian fringe S. M Dubey 1980 53, 56Himalayan Lepchas Rudranand Thakur 1988 131Present Buddhist tribals and vihāras in West Bengal Chittaranjan Patra 1991 59
thumb|डुमप्रा पहने एक लेपचा पुरुष
घो
घो (Gho) भूटान में पुरुषों का पारंपरिक और राष्ट्रीय परिधान है। सत्रहवीं शताब्दी में ज़्हाबद्रुंग रिनपोछे ङावांग नामग्याल ने न्गालोप समुदाय को एक विशिष्ट पहचान देने के उद्देश्य से इस परिधान को प्रचलित किया। यह घुटनों तक लंबा, ढीला वस्त्र होता है, जिसे कमर पर केरा नामक कपड़े की पेटी से बाँधा जाता है। उत्सवों और औपचारिक अवसरों पर इसे काबने के साथ पहना जाता है।Bhutan https://archive.org/details/bhutan0000brow_m9s0 Lonely Planet 2007 49–52
भूटान सरकार ने सभी पुरुषों के लिए सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में कार्य करते समय घो पहनना अनिवार्य किया है। आधुनिक रूप में यह नियम 1989 में लागू हुआ, हालाँकि ड्रिगलाम नमझा की पोशाक-संहिता इससे कहीं अधिक प्राचीन है।
thumb|पुनाखा में एक उत्सव के दौरान घो पहने भूटानी बालक, नवंबर 2006
काबने
काबने (Kabney) भूटान में पुरुषों के राष्ट्रीय परिधान घो के साथ पहना जाने वाला रेशमी स्कार्फ़ है।
thumb|भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक, काबने पहने हुए
केरा
केरा (Kera) कपड़े की एक पेटी होती है, जो भूटान के पारंपरिक परिधानों का महत्वपूर्ण अंग है। इसका उपयोग घो और क़िरा को बाँधने के लिए किया जाता है। केरा सामान्यतः सूती, ऊनी या रेशमी आयताकार बुना हुआ कपड़ा होता है, जिसके दोनों सिरों पर झालर होती है। इसकी चौड़ाई प्रायः 30–45 सेंटीमीटर और लंबाई 180–240 सेंटीमीटर तक होती है।Barker David K. Designs of Bhutan https://archive.org/details/designsofbhutan0000bark 1985 121–122
क़िरा
क़िरा (Kira) भूटानी महिलाओं का राष्ट्रीय परिधान है। यह टखने तक लंबा आयताकार बुना हुआ कपड़ा होता है, जिसे शरीर के चारों ओर लपेटकर कंधों पर कोमा नामक चाँदी की ब्रोच से बाँधा जाता है और कमर पर पेटी से कस दिया जाता है। सामान्यतः इसके साथ वांजु और तोएगो पहना जाता है।Bhutan: Mountain Fortress of the Gods 1998 263
thumb|क़िरा पहने भूटानी महिलाएँ
तोएगो
तोएगो या तेगो (Toego) एक छोटी जैकेट-नुमा पोशाक है, जिसे क़िरा के ऊपर पहना जाता है। यह ड्रिगलाम नमझा के अंतर्गत निर्धारित भूटान की राष्ट्रीय पोशाक-संहिता का हिस्सा है।
वांजु
वांजु (Wonju) भूटानी महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली लंबी बाँहों वाली ब्लाउज़ है, जिसे क़िरा के नीचे पहना जाता है और यह भी राष्ट्रीय पोशाक-संहिता में शामिल है।
thumb|वांजु दिखाई देती हुई क़िरा पहने भूटानी बालिकाएँ
संदर्भ
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