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411 समाचार
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पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल

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पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल Gadgil Commission Report.jpg गाडगिल आयोग की रिपोर्ट कस्तूरीरंगन आयोग पर्यावरण विज्ञान पश्चिमी घाट अध्यक्ष माधव गाडगिल पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल को गाडगिल आयोग के नाम से भी जाना जाता है। इसके अध्यक्ष माधव गाडगिल थे। यह भारत के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा नियुक्त एक पर्यावरण अनुसंधान आयोग था। 31 अगस्त 2011 को आयोग ने भारत सरकार को रिपोर्ट सौंपी। पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल की मुख्य सिफारिशें पूरे पश्चिमी घाट क्षेत्र को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) घोषित करने की सिफारिश और नए विशेष आर्थिक क्षेत्रों और नए हिल स्टेशनों की स्थापना पर प्रतिबंध की सिफारिश की।Report of the Western Ghats Ecology Expert Panel https://ruralindiaonline.org/en/library/resource/report-of-the-western-ghats-ecology-expert-panel/ 23 अगस्त 2026 en 31 अगस्त 2011 पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल की रिपोर्ट पैनल ने एक राष्ट्रीय स्तर के प्राधिकरण पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी प्राधिकरण बनाने की भी सिफारिश की। गाडगिल आयोग के रिपोर्ट की आलोचना इसलिए की गई क्योंकि यह बहुत ज़्यादा पर्यावरण अनुकूल थी। यूनेस्को ने इस रिपोर्ट पर विचार करते हुए पश्चिमी घाट के 39 क्रमिक स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल किया। विरोध केरल में कुछ लोगों ने इस रिपोर्ट को लागू करने का कड़ा विरोध किया क्योंकि ज़्यादातर किसान वायनाड के पहाड़ी इलाकों से अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं।‘Church’s stand on Gadgil report wrong’ http://www.newindianexpress.com/states/kerala/%E2%80%98Church%E2%80%99s-stand-on-Gadgil-report-wrong%E2%80%99/2013/05/05/article1575590.ece द न्यू इंडियन एक्सप्रेस 23 अगस्त 2026 en गाडगिल रिपोर्ट पर चर्च का रुख गलत 7 जून 2014 https://web.archive.org/web/20140607010932/http://www.newindianexpress.com/states/kerala/%E2%80%98Church%E2%80%99s-stand-on-Gadgil-report-wrong%E2%80%99/2013/05/05/article1575590.ece dead 20वीं सदी के दौरान बहुत बड़ी संख्या में लोग दक्षिणी केरल से चले गए और वायनाड और दूसरे इलाकों में जंगल की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया। गाडगिल आयोग की रिपोर्ट की आलोचना इस आधार पर की गई कि यह ज़रूरत से ज़्यादा पर्यावरण-अनुकूल थी और ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाती थी। कस्तूरीरंगन रिपोर्ट कस्तूरीरंगन आयोग ने 2012 में पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल की गाडगिल रिपोर्ट में सुझाए गए पर्यावरण नियमों को कुछ नरम करके विकास और पर्यावरण संरक्षण की दो चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। कस्तूरीरंगन रिपोर्ट में पश्चिमी घाट के केवल 37% हिस्से को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र को दायरे में लाने का प्रस्ताव है जबकि गाडगिल रिपोर्ट में 64% हिस्से को इसके तहत लाने का सुझाव दिया गया था।Why India must protect the Western Ghats from getting lost https://www.hindustantimes.com/india/why-india-must-protect-the-western-ghats-from-getting-lost/story-gvb5C0b1PJAZlw211YUxOM.html हिंदुस्तान टाइम्स 23 अगस्त 2026 en 2 फरवरी 2014 भारत को पश्चिमी घाट को खत्म होने से क्यों बचाना चाहिए इन्हें भी देखें ब्रंटलैण्ड आयोग संधारणीय विकास संधारणीयता सन्दर्भ श्रेणी:पर्यावरण श्रेणी:पर्यावरण भूगोल श्रेणी:संधारणीयता श्रेणी:२०११ में भारत श्रेणी:भारत के विश्व धरोहर स्थल