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411 समाचार
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नवजीवन (इंडिया)

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navjivan logo.svg नवजीवन हिंदी नई दिल्ली भारत १९४७ महात्मा गाँधीजवाहरलाल नेहरू नेशनल हेराल्ड के प्रकाशकों ने १ नवंबर १९४७ को दैनिक नवजीवन का प्रकाशन शुरु किया। इससे पहले नवजीवन नाम से एक अखबार महात्मा गांधी निकालते थे, इसलिए दैनिक नवजीवन का प्रकाशन शुरु करने से पहले उनकी अनुमति ली गयी, जिसे गांधी ने सहर्ष प्रदान कर दिया।https://www.patrika.com/lucknow-news/national-herald-navjeevan-and-quomi-awaz-to-be-publish-from-september-1387755/ अंग्रेजी अखबार नेशनल हेराल्ड और उर्दू अखबार कौमी आवाज की तर्ज पर ही दैनिक नवजीवन भी महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों और पंडित जवाहर लाल नेहरू के आधुनिक भारत के नजरिए को आम लोगों तक पहुंचाने के मकसद से शुरु किया गया। अखबार का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन के गांधी के मूल्यों, आधुनिक, जनतांत्रिक, इंसाफ-पसंद, उदारवादी और सामाजिक समरसता वाले राष्ट्र के निर्माण को गति देना था। दैनिक नवजीवन और उर्दू अखबार कौमी आवाज ने अपने प्रभावशाली तेवरों से एक ऐसा राष्ट्र बनाने की कोशिशों को आवाज दी जो विश्व शांति, वैज्ञानिक और तार्किक कसौटी पर खरा उतरने को कृतसंकल्प था।http://www.tribuneindia.com/news/nation/national-herald-navjivan-to-resume-publication/288549.html National Herald, Navjivan to resume publication 6 जुलाई 2018 https://web.archive.org/web/20160902193626/http://www.tribuneindia.com/news/nation/national-herald-navjivan-to-resume-publication/288549.html 2 सितंबर 2016 live दैनिक नवजीवन का प्रकाशन दि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड कंपनी करती है और बदलते हालात और आधुनिक तकनीक के दौर में मजबूत डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मल्टीमीडिया आउटलेट के साथ इसके डिजिटल और समाचार पत्र स्वरूप का फिर से प्रकाशन शुरु हुआ है। नवजीवन वेबसाइट की शुरूआत २८ अगस्त, २०१७ को हुई।AJL announces launch of website of Navjivan in Hindi दि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड ऐसी कंपनी है जो कंपनी से होने वाले किसी भी फायदे को अपने सदस्यों में नहीं बांटती है क्योंकि कंपनी का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि पत्रकारिता के उच्च मापदंडों को अपनाते हुए आम लोगों के मुद्दों को सामने लाना है। नवजीवन की वेबसाइट पर सत्ता प्रतिष्ठान से कड़े सवाल पूछने वाले लेख प्रकाशित होते हैं माना जाता है कि जिसके लिए गाँधी परिवार को सत्ता प्रतिष्ठान की ओर से क़ानूनी हमलों का सामना करना पड़ता है। सन्दर्भ श्रेणी:हिन्दी समाचार पत्र