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अख्तर रज़ा खान
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सितंबर 2024
मुहम्मद अख़्तर रज़ा ख़ान अज़हरीPriyangi Agarwal First urs-e-tajusharia to be observed on July 9-10 https://m.timesofindia.com/city/bareilly/first-urs-e-tajusharia-to-be-observed-on-july-9-10/articleshow/69152358.cms 24 अगस्त 2020 The Times of India May 3, 2019 (2 फ़रवरी 1943 – 20 जुलाई 2018) जिन्हें ताजुशशरिया और अज़हरी मियाँ के नाम से भी जाना जाता है, भारत के इस्लाम विद्वान थे।Azahri miyan urs: अजहरी मियां के पहले उर्स का हुआ आगाज https://www.patrika.com/bareilly-news/azhari-miyan-urs-start-in-bareilly-4814418/ 24 अगस्त 2020 Patrika News hindi वो बरेलवी सुन्नी मसलक के मुफ्ती थे। उन्होंने अपनी सारी उम्र खत्म ए नवुवत पर पहरा दिया और मुनाफिकों के खिलाफ डटे रहे। वे बेरलवी आंदोलन के विशिष्ट संस्थापक इमाम अहमद रज़ा बरेलवी के चौथे पीढ़ी में थे।https://timesofindia.indiatimes.com/city/bareilly/first-urs-e-tajushariah-to-be-observed-on-july-9-10/articleshow/69152358.cms First urs-e-tajusharia to be observed on July 9-10 2019-05-03 द टाइम्स ऑफ़ इंडिया 2024-09-26 0971-8257
अख़्तर रज़ा ख़ान का जन्म उत्तर प्रदेश के बरेली जिला में हुआ था, और वे इमाम अहमद रज़ा के चौथे पीढ़ी के पोते थे, मौलाना हामिद रज़ा खान के पोते और मुफ़्ती आज़म हिन्द मुफ़्ती मुस्तफ़ा रज़ा खान बरेलवी के नाती और जानशीन थे! इन्हें फखर-ए-अज़हर पुरस्कार से सम्मममानित किया गया।https://timesofindia.indiatimes.com/city/bareilly/Bareilly-cleric-among-worlds-most-influential-Muslims/articleshow/53605128.cms Bareilly cleric among world’s most influential Muslims Bareilly News - Times of India Aug 8 Priyangi Agarwal / TNN / 2016 The Times of India en 2020-08-22 Ist 22:33 इनके करोड़ों अनुयायी थे।Priyangi Agarwal Noted Barelvi cleric Azhari Miyan dies https://timesofindia.indiatimes.com/city/bareilly/noted-barelvi-cleric-azhari-miyan-dies/articleshow/65075272.cms 22 अगस्त 2020 The Times of India en टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार के एक लेख के अनुसार 2016 तक unke 5 करोड़ मुरीद थे। न्यूज चैनल आज तक और अल जजीरा के मुताबिक मौलाना अख्तर राजा खान का जब इंतेकाल हुआ तो उनके जनाजे में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने शिरक़त की और नमाज-ए-जनाजा अदा की थी।
शिक्षा
उनकी प्रारंभिक शिक्षा इमाम अहमद रज़ा ख़ान बरेलवी द्वारा स्थापित मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम, बरेली में हुई और आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए विश्वप्रसिद्ध इस्लामिक विश्वविद्यालय जामिया अल-अज़हर मिस्र चले गये, और वहाँ से सालाना इम्तेहान में पहला स्थान ला कर पास हुए थे।
योग्यता
वो भारत के सबसे बड़े सुन्नी आलिम ए दीन में से एक थे, आप मोहद्दीस, मुफ़स्सिर, मुफ़्ती, मोलवी, मुसन्निफ़, अदीब व खतीब और सूफी थे, आप भारत के मुफ़्ती आज़म हिन्द और क़ाज़ी उल कज़्ज़ात फिल हिन्द (काज़ी ए हिन्द) थे, सन 2014 ई० में जारी होने वाली 500 बा'असर मुस्लिमों की लिस्ट में आप 22 वें नंबर पर थे!
मक़ाम व मर्तबा
मोहड्डीसुल हरमैन सैय्यद मोहम्मद बिन अलवी मालिकी ने ताजुश्शरियाह को मोहद्दीस ए हनफ़ी, मोहद्दीस ए अज़ीम और आलिम ए कबीर के लक़ब से याद किया, जबकि शैख़ जमील बिन आरिफ हुसैनी शाफ़ई (फ़िलिस्तीन) ने आपको शैख़ुल इस्लाम वल मुसलेमीन, आरिफ बिल्लाह और शैख़ क़ामिल जैसे अलक़ाब से याद किया।
किताबें
ताजुश्शरियाह अलैहे रहमा की चन्द किताबों के नाम यह हैं!
फतावा ताजुश्शरियाह (उर्दू)
अल्हक्कुल मोबीन (अरबी)
अज़हरुल फतावा (अंग्रेज़ी)
मिरातुल नजदिया बजवाबुल बरेलविया
हाशियतुल अज़हरी अलल सहीह अल बुख़ारी
अनवारुल मन्नान फ़ी तौहीदुल क़ुरआन
मिनहतुल बारी फ़ी सहीह अल बुख़ारी
सफ़ीना ए बख्शिश (दीवान ए शायरी)
निधन
ताजुश्शरियाह मुफ़्ती अख्तर रज़ा अज़हरी साहब का इंतेक़ाल 77 साल की उम्र में 20 जुलाई 2018 ई० को बरेली में हुआ , आपकी नमाज़ ए जनाज़ा आपके साहब ज़ादे अल्लामा असजद रज़ा खान साहब ने पढ़ाई। इनके जनाजे में लाखों लोग शामिल हुए थे।https://www.patrika.com/bareilly-news/azahari-miyan-janaze-mein-jan-sailaab-ki-photo-3140733/ अजहरी मियां के जनाजे में दिखा जो जनसैलाब, आपने कभी नहीं देखा होगा, देखें तस्वीरें यादव धीरेंद्र 22 Jul 2018 पत्रिका 24 अगस्त 2020 आपके आखिरी दीदार के लिए तकरीबन 1 करोड़ से ज्यादा लोग पूरी दुनिया से आये थे ।
इन्हें भी देखें
बरेली
सन्दर्भ
श्रेणी:1943 में जन्मे लोग
श्रेणी:बरेली के लोग
श्रेणी:२०१८ में निधन