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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

बजरंग मुनि

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बजरंग मुनि बजरंग लाल अग्रवाल (जन्म एवं राजकीय नाम)बजरंग बाबू (स्थानीय लोकप्रिय नाम) Bajrang_Muni.jpg बजरंग मुनि (बजरंग लाल अग्रवाल) बजरंग लाल अग्रवाल 25 दिसंबर 1939 रामानुजगंज, बलरामपुर-रामानुजगंज जिला (तत्कालीन सरगुजा), छत्तीसगढ़, भारत भारतीय संवैधानिक चिंतक, लेखक, समाज सुधारक ज्ञान यज्ञ आश्रम (रामानुजगंज), मार्गदर्शक भारत का संविधान (395 अनुच्छेदों का वैकल्पिक प्रारूप, 1987), लोक स्वराज्य एवं ग्राम सभा सशक्तिकरण अभियान भारत का संविधान (1987), मौलिक भारत का संविधान (2015), लोक स्वराज्य बजरंग मुनि (जन्म एवं राजकीय नाम: बजरंग लाल अग्रवाल; स्थानीय लोकप्रिय नाम: बजरंग बाबू; जन्म: 25 दिसंबर 1939) छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज (तत्कालीन सरगुजा जिला, वर्तमान बलरामपुर-रामानुजगंज जिला) से संबंधित एक भारतीय संवैधानिक चिंतक, लेखक और सामाजिक-राजनीतिक विचारक हैं।राम बहादुर राय (2021), भारतीय संविधान : अनकही कहानी, प्रभात प्रकाशन, नई दिल्ली, ISBN 978-93-90900-96-1, पृष्ठ 12–13 (पूर्ण पुस्तक पीडीएफ व पाठ)। वे 1980 के दशक से भारतीय संविधान की समीक्षा, सत्ता के विकेंद्रीकरण, 'ग्राम सभा सशक्तिकरण' और 'लोक स्वराज्य' के विषय पर शोध, लेखन और जन-जागरण अभियान चला रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के अध्यक्ष पद्मभूषण राम बहादुर राय ने अपनी पुस्तक भारतीय संविधान : अनकही कहानी (प्रभात प्रकाशन, 2021) में स्वतंत्रता के बाद भारत में तैयार किए गए चार प्रमुख वैकल्पिक संविधान प्रारूपों में रामानुजगंज के 'ज्ञान यज्ञ आश्रम' द्वारा प्रकाशित 395 अनुच्छेदों के भारत का संविधान (1987) को प्रथम स्थान पर सूचीबद्ध किया है तथा बजरंग लाल अग्रवाल के इस संवैधानिक अभियान में पूर्व लोकसभा महासचिव डॉ. सुभाष कश्यप, गांधीवादी चिंतक ठाकुरदास बंग और अमरनाथ भाई की सहभागिता का विवरण दर्ज किया है। प्रारंभिक जीवन, पूर्व राजनीतिक यात्रा और वानप्रस्थ (2008) बजरंग मुनि का जन्म 25 दिसंबर 1939 को तत्कालीन सरगुजा रियासत (वर्तमान बलरामपुर-रामानुजगंज जिला, छत्तीसगढ़) के रामानुजगंज में हुआ था। सरकारी दस्तावेजों एवं राजकीय पत्रों में उनका नाम बजरंग लाल अग्रवाल दर्ज है, जबकि सरगुजा और रामानुजगंज अंचल में स्थानीय लोगों के बीच वे 'बजरंग बाबू' के नाम से जाने जाते रहे हैं।"कड़वी बात बजरंग मुनि के साथ", NewsPlus21 (लाइव प्रसारण), 23 मार्च 2022। अपने प्रारंभिक सार्वजनिक जीवन में वे सक्रिय राजनीति से जुड़े रहे और अविभाजित सरगुजा जिले में भारतीय जनसंघ तथा बाद में जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रहे। वर्ष 1975–1977 के आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों के आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्होंने जेल यात्रा भी की। वर्ष 1980 से 1984 तक वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में रहे, किंतु 1984 में उन्होंने दलगत और चुनावी राजनीति से स्थायी संन्यास ले लिया और निर्दलीय रूप से संवैधानिक चिंतन एवं समाज सुधार के कार्य में जुट गए। वर्ष 2008 में रामानुजगंज में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में योगगुरु स्वामी रामदेव की उपस्थिति में उन्होंने औपचारिक रूप से वानप्रस्थ ग्रहण किया। वानप्रस्थ ग्रहण करने और पारिवारिक संपत्ति के स्वामित्व का त्याग करने के पश्चात उन्होंने स्वयं को 'बजरंग मुनि' के रूप में घोषित किया।"खास चर्चा : The Untold Story (बजरंग मुनि विशेष साक्षात्कार)", NewsPlus21, 2022 (समय: 00:01:40–00:03:00)। संवैधानिक आंदोलन और 'ज्ञान यज्ञ आश्रम' (1987–वर्तमान) दलगत राजनीति छोड़ने के बाद बजरंग बाबू ने रामानुजगंज में 'ज्ञान यज्ञ आश्रम' (तथा बाद में 'मार्गदर्शक' मंच) की स्थापना की और वर्तमान भारतीय संविधान की केंद्रीकृत संरचना के स्थान पर भारतीय गणतांत्रिक मूल्यों एवं ग्राम-स्वराज्य पर आधारित वैकल्पिक संविधान का प्रारूप तैयार करने का अभियान शुरू किया।व्यक्तिगत तौर पर ये मेरी जानकारी है जो पूरी तरह अनुभव पर आधारित है और प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर प्रमाणित है। पद्मभूषण राम बहादुर राय ने अपनी पुस्तक भारतीय संविधान : अनकही कहानी के प्रथम अध्याय (पृष्ठ 12–13) में इस अभियान का उल्लेख करते हुए लिखा है: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में बजरंग लाल अग्रवाल ने एक समय संविधान पर विचार-विमर्श के लिए अनेक कार्यक्रम किए। एकाधिक सेमिनार में लोकसभा के पूर्व महासचिव और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप भी शामिल हुए थे। उन लोगों ने भी एक संविधान बनाया था। उसे पुस्तकाकार छपवाया। बजरंग लाल अग्रवाल के निमंत्रण पर मैं दो बार उनके कार्यक्रमों में गया था। उन कार्यक्रमों में गांधीवादी अर्थशास्त्री ठाकुरदास बंग और सर्व सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ भाई भी आए थे। राम बहादुर राय ने अपनी पुस्तक में जिन चार वैकल्पिक संवैधानिक प्रयासों का उल्लेख किया है, उनमें 'भारत का संविधान — ज्ञान यज्ञ आश्रम, रामानुजगंज (म.प्र.), 1987 ई., कुल अनुच्छेद 395' को प्रथम स्थान पर रखा है। वर्ष 1987 के इस प्रारूप के बाद उन्होंने वर्ष 2015 में 192 अनुच्छेदों वाला संक्षिप्त प्रारूप 'मौलिक भारत का संविधान' भी प्रकाशित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने विस्फोट डॉट कॉम (Visfot.com) जैसी ई-पत्रिकाओं और विभिन्न मंचों पर भारतीय संविधान की समीक्षा करते हुए लेख लिखे। वैकल्पिक संवैधानिक प्रारूप के मुख्य बिंदु बजरंग मुनि द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक ढांचे और 'लोक स्वराज्य' के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:"ऐसा देश हो मेरा - एपिसोड 1 (बजरंग मुनि के साथ संवैधानिक चर्चा)", A2Z News (एंकर: रामवीर श्रेष्ठ), 1 नवंबर 2011।"बजरंग मुनि से खास मुलाकात", सार्थक न्यूज़ (Sarthak News), 2 सितंबर 2016। पंच-स्तरीय शासन व्यवस्था: शासन की शक्ति और बजट का सीधा विभाजन पांच स्तरों—ग्राम (अथवा नगर वार्ड), ब्लॉक, जिला, प्रदेश और केंद्र—के बीच किया जाए, जिसमें सबसे निचली इकाई (ग्राम सभा / नागरिक इकाई) संप्रभु हो। राइट टू रिकॉल (जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार): यदि कोई निर्वाचित प्रतिनिधि जनहित के विरुद्ध कार्य करे, तो मतदाताओं को बहुमत से उसे कार्यकाल के बीच में ही पद से हटाने का संवैधानिक अधिकार हो। जनमत संग्रह (Referendum): राष्ट्र और समाज को प्रभावित करने वाले बड़े नीतिगत निर्णयों एवं संविधान संशोधनों पर सीधे नागरिकों की राय ली जाए। सुलभ एवं त्वरित न्याय व्यवस्था: न्याय प्रणाली को स्थानीय स्तर पर सरल और भारतीय समाज के अनुकूल बनाया जाए। 'लोक स्वराज्य' और अरविंद केजरीवाल को वैचारिक मार्गदर्शन वर्ष 2007–2008 के दौरान जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जन-आंदोलन एवं 'स्वराज' की अवधारणा पर कार्य कर रहे थे, तब वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय के सुझाव पर वे राजनीतिक व संवैधानिक मार्गदर्शन के लिए रामानुजगंज जाकर बजरंग मुनि से मिले थे।"ऐसा देश हो मेरा - एपिसोड 5 (अरविंद केजरीवाल एवं संवैधानिक आंदोलन पर चर्चा)", A2Z News (एंकर: रामवीर श्रेष्ठ), 21 नवंबर 2011 (समय: 00:13:50–00:14:55)। राष्ट्रीय समाचार चैनल A2Z News के कार्यक्रम ऐसा देश हो मेरा (एपिसोड 5) और NewsPlus21 के साक्षात्कार खास चर्चा : द अनटोल्ड स्टोरी में प्रसारित विवरण के अनुसार, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने रामानुजगंज में दो-तीन दिनों तक रुककर बजरंग मुनि के साथ 'लोक स्वराज्य', 'ग्राम सभा सशक्तिकरण' और 'राइट टू रिकॉल' जैसे संवैधानिक सुधारों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया था। बाद में जब इस आंदोलन ने एक राजनीतिक दल का रूप ले लिया, तो दलगत राजनीति से दूर रहने के अपने सिद्धांत के कारण बजरंग मुनि ने उससे दूरी बना ली। राष्ट्रीय संगोष्ठियां और अकादमिक संवाद बजरंग मुनि ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और राष्ट्रीय मंचों पर संविधान, लोक स्वराज्य और न्याय व्यवस्था पर संगोष्ठियों को संबोधित किया है: मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (वसुंधरा, गाजियाबाद) की संगोष्ठियां: गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (चेयरमैन: डॉ. अशोक कुमार गदिया)"Chairman's Profile - CA (Dr.) Ashok Kumar Gadiya", Mewar Institute of Management एवं Mewar University Official Profile। में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठियों में बजरंग मुनि ने संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार पद्मभूषण राम बहादुर राय, अर्थशास्त्री डॉ. भरत झुनझुनवाला, तथा राष्ट्रीय आयोगों एवं अनुसंधान परिषदों के अध्यक्षों के साथ मंच साझा करते हुए संवैधानिक सुधारों पर विचार रखे। वर्ष 2023 में भी मेवाड़ संस्थान में राम बहादुर राय और राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद/आयोग के पदाधिकारियों की उपस्थिति में संवैधानिक विमर्श का आयोजन हुआ। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (नई दिल्ली, 2023) का सम्मेलन: वर्ष 2023 में नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित संवैधानिक संगोष्ठी में बजरंग मुनि के साथ सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय, मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया, और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सहित कई विधिवेत्ताओं ने भाग लिया। राष्ट्रीय ज्ञानोत्सव, रामानुजगंज (जून 2024): जून 2024 में रामानुजगंज के लरंगसाय कम्युनिटी हॉल में बजरंग मुनि के मार्गदर्शन में तीन दिवसीय 'राष्ट्रीय ज्ञानोत्सव' आयोजित हुआ, जिसमें देश के 16 राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था और समाज की चुनौतियों पर चर्चा की।"रामानुजगंज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय ज्ञानोत्सव का समापन", भारतवाणी (Bharatwani Live), 10 जून 2024।"बजरंग मुनि के सान्निध्य में तीन दिवसीय राष्ट्रीय ज्ञानोत्सव संपन्न", हिंदुस्तान संवाद (Hindustan Samvad), 10 जून 2024। जनसंचार, टेलीविजन शृंखला और फिल्म रूपांतरण राष्ट्रीय टेलीविजन शृंखला (ऐसा देश हो मेरा): वर्ष 2011 में राष्ट्रीय समाचार चैनल A2Z News ने पत्रकार रामवीर श्रेष्ठ के संचालन में बजरंग मुनि के संवैधानिक विचारों और वैकल्पिक संविधान प्रारूप पर 'ऐसा देश हो मेरा' शीर्षक से 12 एपिसोड की एक साप्ताहिक शृंखला प्रसारित की।"ऐसा देश हो मेरा - एपिसोड 6 (बजरंग मुनि)", A2Z News, 19 दिसंबर 2011। इसके अतिरिक्त सार्थक न्यूज़ (2016, 2018)"बजरंग मुनि के साथ संवैधानिक चर्चा", सार्थक न्यूज़ (Sarthak News), 9 अप्रैल 2018। और NewsPlus21 (2022) ने भी उनके साक्षात्कार प्रसारित किए। फिल्म एवं नाट्य रूपांतरण (रामानुजगंज एक आवाज, 2023): जनवरी 2023 में 'मदारी आर्ट्स' (Madari Arts) के बैनर तले निर्देशक राकेश के निर्देशन में बजरंग मुनि के जीवन-संघर्ष और रामानुजगंज से शुरू हुए संवैधानिक जन-जागरण अभियान पर आधारित 'रामानुजगंज एक आवाज' नामक नाटक-रूपांतरित फिल्म का निर्माण किया गया, जिसमें अभिनेता शाहिद नजीर ने बजरंग मुनि की भूमिका निभाई।"'रामानुजगंज एक आवाज' — बजरंग मुनि के जीवन पर आधारित फिल्म की शूटिंग रिपोर्ट", Slumdog Entertainment, 29 जनवरी 2023। प्रमुख कृतियां भारत का संविधान (395 अनुच्छेदों वाला वैकल्पिक संवैधानिक प्रारूप) — प्रकाशक: ज्ञान यज्ञ आश्रम, रामानुजगंज (1987) मौलिक भारत का संविधान (192 अनुच्छेदों वाला संक्षिप्त संवैधानिक प्रारूप, 2015) लोक स्वराज्य (ग्राम सभा सशक्तिकरण एवं सहभागी लोकतंत्र पर वैचारिक कृति) सन्दर्भ श्रेणी:1939 में जन्मे लोग श्रेणी:जीवित लोग श्रेणी:छत्तीसगढ़ के लेखक श्रेणी:भारतीय समाज सुधारक श्रेणी:भारतीय राजनीतिक चिंतक