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411 समाचार
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हृदय की दर

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समय की प्रत्येक इकाई में होने वाली ह्रदय की धड़कनों की संख्या को ह्रदय की दर कहते हैं – इसे धड़कन प्रति मिनट के रूप में व्यक्त किया जाता है – जो शरीर की आक्सीजन का अवशोषण और कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन करने की आवश्यकता के अनुसार भिन्न हो सकती है जैसे व्यायाम करने या सोने के समय. ह्रदय की दर के मापन को चिकित्सकों द्वारा रोगों के निदान और निगरानी के लिये किया जाता है. इसका प्रयोग व्यक्तियों, जैसे एथलीटों, जो अपने अभ्य़ास से अधिकतम लाभ पाने के लिये अपने ह्रदय की दर की निगरानी करने में रुचि रखते हैं, द्वारा भी किया जाता है. आर लहर से आर लहर तक का अंतराल (आर-आर अंतराल) ह्रदय की दर का उल्टा होता है. ह्रदय की दर को शरीर की नब्ज का पता लगा कर मापा जाता है. नब्ज की यह दर शरीर में ऐसे किसी भी बिंदु पर - जहां किसी धमनी का स्पंदन सतह पर संचरित होता हो – अकसर जब उसे उसके नीचे स्थित हड्डी जैसी किसी रचना के विरूद्ध दबाया जाता है – तर्जनी और बीच की उंगली से दबा कर मापी जा सकती है. किसी भी अन्य व्यक्ति की ह्रदय की दर को मापने के लिये अंगूठे का प्रयोग नहीं करना चाहिये क्यौंकि उसकी शक्तिशाली नब्ज उस स्थान की नब्ज को समझने में रूकावट उत्पन्न कर सकती है.मानव के हृदय दर का विनियमन. https://web.archive.org/web/20070514225223/http://serendip.brynmawr.edu/sci_edu/waldron/heartrate.html 14 मई 2007 सेरेंदिप. 27 जून 2007 को पुनःप्राप्त. ह्रदय की दर को मापने के लिये संभावित बिंदु निम्न हैं: कलाई का अंगूठे की ओर वाला सामने वाला भाग (रेडियल धमनी) अल्नार धमनी गर्दन (कैरोटिड धमनी) कोहनी का भीतरी भाग, या बाईसेप्स मांसपेशी के नीचे (ब्रेकियल धमनी) उरूसंधि (फीमोरल धमनी) पैरों पर मध्यवर्ती गुल्फ के पीछे (पश्च टिबियल धमनी) पांव के ऊर्ध्व भाग के बीच (डार्सालिस पीडिस) घुटने के पीछे (जानुपृष्ठीय धमनी) पेट पर (उदर की महाधमनी) वक्ष प्रदेश (ह्रदय का शिखाग्र), जिसे हाथ या उंगलियों से महसूस किया जा सकता है. तथापि ह्रदय को स्टेथस्कोप का प्रयोग करके सुनना संभव है. कनपटी (उपरिस्थ कनपटीय धमनी) अधोहनु के पार्श्वीय सिरे पर (चेहरे की धमनी) नब्ज मापने का एक अधिक सटीक तरीका इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ, या ईसीजी (ईकेजी के रूप में भी संक्षिप्तिकृत) का प्रयोग करता है. अनेक चिकित्सकीय स्थितियों में, विशेषकर क्रिटिकल सुश्रूषा औषधिविज्ञान में, ह्रदय की अनवरत इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफिक देखरेख की जाती है. व्यावसायिक ह्रदयगति दर के मानिटर भी उपलब्ध हैं, जिनमें इलेक्ट्रोड युक्त एक वक्ष की पट्टी होती है. कलाई पर लगे एक ग्राहक पर दर्शाने के लिये संकेत संचरित होता है. ह्रदय दर के मॉनिटर लगातार सटीक माप करते रहते हैं और व्यायाम के समय प्रयोग में लाए जा सकते हैं क्यौंकि उस समय हाथ से मापना कठिन या असंभव होता है (जैसे, जब हाथों का प्रयोग किया जा रहा हो). विश्राम के समय ह्रदय की दर विश्राम के समय की ह्रदय दर (हृदय दर विश्राम) किसी व्यक्ति के विश्राम करने के समय मापी गई ह्रदय दर है – जब वह जागृत अवस्था में लेटा हुआ हो और उसके जरा पहले उसने शारीरिक श्रम न किया हो. वयस्कों की विश्राम की स्थिति में आदर्श ह्रदय दर 60-80 धड़कन प्रति मिनट होती हैहृदय दर का आराम, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, 60 धड़कन प्रति मिनट से कम होने पर उसे कमस्पंदनता और 100 धड़कन प्रति मिनट से अधिक की दर होने पर हृद्क्षिप्रता कहते हैं. यह ध्यान में रखना चाहिये कि एथलीटों की ह्रदय दर विश्राम के समय अक्सर प्रति मिनट 60 से कम होती है. साइकिल चालक लांस आर्मस्ट्रांग की विश्राम के समय ह्रदय दर 32 प्रति मिनट थी और नियमित व्यायाम करने वाले लोगों में दर 50 प्रति मिनट से कम होना असाधारण नहीं है. अन्य साइकिल चालकों जैसे मिग्येल इंदुरैन,[1991-1995: बिग मिग का मास्टरक्लास, बीबीसी, 3 अगस्त 2004] और अल्बर्टो काँटाडोर August 2010 की विश्रामीय ह्रदय दर 20 से 30 के बीच पाई गई है और अमेरिकन मैराथान प्रत्याशी रयान हाल की ह्रदयगति दर 29 थी. संगीत टेम्पो पद विश्रामीय ह्रदय दर के संबंधित स्तरों को प्रस्तुत करते हैं, अडैगियो (विश्राम की स्थिति में) 66-77 धड़कन प्रति मिनट, मानव की विश्रामीय ह्रदय दर के समान होती है, जबकि लेंटो और लार्गो (धीमा) 40-60 धड़कन प्रति मिनट होते हैं, जो यह दर्शाता है कि ये टेम्पाई सामान्य मानवी ह्रदय दर की तुलना में धीमे होते हैं. इसी तरह, अधिक तेज टेम्पाई श्रम के ऊंचे स्तरों से संबंध रखते हैं, जैसे अंदंते (चलते समय -76-108 धड़कनें प्रति मिनट) और उसके समान. हृदय दरमैक्स (HRmax) का मापन हृदय-दरमैक्स किसी व्यक्ति के लिये अधिकतम सुरक्षित ह्रदयगति दर है. हृदय दरमैक्स को मापने का सबसे सटीक तरीका हृदय की दबाव परीक्षा के जरिये होता है. ऐसी परीक्षा में, व्यक्ति के कसरत करने के साथ-साथ ईकेजी से निगरानी की जाती है. परीक्षा के समय, कसरत की गहनता को समय-समय पर बढ़ाया जाता है (यदि ट्रेडमिल का प्रयोग किया जा रहा हो तो गति या ट्रेडमिल की ढलान को बढ़ा कर) और तब तक चालू रखा जाता है जब तक कि ईकेजी में ह्रदय की कार्यशीलता से संबंधित कुछ विशेष परिवर्तन न होने लगें और इस बिंदु पर व्यक्ति को रूकने के लिये कहा जाता है. ऐसी परीक्षा आम तौर पर 10 से 20 मिनटों की होती है. अधिकतम व्यायाम परीक्षा करने के लिये महंगे उपकरण की आवश्यकता पड़ सकती है. व्यायाम के विधान की शुरूआत कर रहे लोगों को उच्च ह्रदय दर से संबंधित जोखमों के कारण सामान्यतः ऐसी परीक्षा केवल चिकित्सकीय देखरेख में ही करने की सलाह दी जाती है. सामान्य उद्देश्यों के लिये, इसके स्थान पर लोग अपनी व्यक्तिगत अधिकतम ह्रदयगति दर का अनुमान करने के लिये एक सूत्र का इस्तेमाल करते हैं. ऐचआरमैक्स का सूत्र thumb|300px|फॉक्स और हैस्केल फॉर्म्युला, व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया. आयु पर आधारित, व्यक्तिगत अधिकतम ह्रदय दरों का अनुमान करने के लिये विभिन्न सूत्रों का प्रयोग किया जाता है, लेकिन विभिन्न व्यक्तियों के बीच अधिकतम ह्रदय दरें काफी भिन्न होती हैं.'Maximum' Heart Rate Theory Is Challenged Kolata Gina 2001-04-24 द न्यूयॉर्क टाइम्स http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C04EFDD1F30F937A15757C0A9679C8B63 23 नवंबर 2010 18 फ़रवरी 2009 https://web.archive.org/web/20090218104324/http://query.nytimes.com/gst/fullpage.html?res=9C04EFDD1F30F937A15757C0A9679C8B63 dead 20 वर्ष के ओलिम्पिक नाविकों जैसी एकमात्र विशिष्ट खिलाड़ी टीम में भी अधिकतम ह्रदय दरें 160 से 220 तक हो सकती हैं. यह भिन्नता 60 से 90 वर्ष तक की उम्र जितनी बड़ी होती है जो नीचे दिये गए रेखीय समीकरण जितनी होती है और इन औसत आंकड़ों में चर्म भिन्नता की ओर इंगित करती है. आदर्श व्यतिक्रम के संकेत के बिना पाया जाने वाला सबसे आम सूत्र है: हृदय-दरमैक्स = 220 - उम्र इस सूत्र का श्रेय विभिन्न स्रोतों को दिया जाता है, लेकिन काफी हद तक यह समझा जाता है कि इसका विकास 1970 में डा.विलियम हैस्केल और डा. सैम्युअल फाक्स ने किया था. इस सूत्र के इतिहास की पूछताछ से पता चलता है कि यह मूल शोध से विकसित नहीं हुआ था बल्कि प्रकाशित शोध या अप्रकाशित वैज्ञानिक संग्रहों वाले लगभग 11 संदर्भों से प्राप्त जानकारी पर आधारित अवलोकन का परिणाम है.Robergs R and Landwehr R The Surprising History of the “HRmax=220-age” Equation Journal of Exercise Physiology 5 2 1–10 2002 http://faculty.css.edu/tboone2/asep/Robergs2.pdf PDF 4-1-09 1097-9751 28 जून 2010 https://web.archive.org/web/20100628101125/http://faculty.css.edu/tboone2/asep/Robergs2.pdf dead पोलार इलेक्ट्रो द्वारा अपने ह्रदय दर के मानिटरों में प्रयोग करने के बाद यह सूत्र बड़े पैमाने पर प्रयोग में आने लगा, जिनकी डा.हैस्केल ने यह कहते हुए "हंसी उड़ाई" थी कि इसे "कभी भी लोगों के प्रशिक्षण के शासन के लिये परम मार्गदर्शक नहीं समझा गया था." सबसे आम (और याद रखने व गणना में आसान) होने पर भी, यह सूत्र सम्मानित स्वास्थ्य और दुरूस्ती पेशेवरों द्वारा हृदय-दरमैक्स का अच्छा सूचक नहीं माना जाता है. इस सूत्र के बड़े पैमाने पर प्रकाशित होने के बावजूद, दो दशकों से चले आ रहे शोध से इसकी बड़ी अंतर्निहित त्रुटि सामने आई है (एसएक्सवाई=7—11 धड़कनें प्रति मिनट). परिणाम स्वरूप, हृदय-दरमैक्स=220—आयु द्वारा गणना किये गए अनुमान में न तो सटीकता और न ही व्यायाम के शरीरक्रिया विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों में प्रयोग के लिये वैज्ञानिक औचित्य है. 2002 में किये गए हृदय-दरमैक्स के 43 विभिन्न सूत्रों (उपर्लिखित सूत्र सहित) के एक अध्ययन में निम्न निष्कर्ष निकाला गया: 1) वर्तमान में कोई भी "स्वीकार्य" सूत्र उपलब्ध नहीं है, (उन्होंने "स्वीकार्य" पद का प्रयोग और व्यायाम प्रशिक्षण की हृदय दर श्रेणियों की सिफारिश, दोनों के अनुमान के लिये स्वीकार्य होने के लिये किया) 2) सबसे कम आपत्तिजनल माना जाने वाला सूत्र था: हृदय-दरमैक्स = 205.8 − (0.685 × आयु) इस सूत्र में एक आदर्श व्यतिक्रम पाया गया, जो कि बड़ा (6.4 धड़कन प्रति मिनट) होने पर भी व्यायाम प्रशिक्षण की हृदय दर की श्रेणियों की सिफारिश के लिये स्वीकार्य माना गया. अकसर उद्धृत किये जाने वाले सूत्र निम्न प्रकार हैं - हृदय-दरमैक्स = 206.3 − (0.711 × आयु) (अक्सर मिसौरी विश्वविद्यालय के लोंडेरी और मोशबर्गर को इसका श्रेय दिया जाता है) हृदय-दरमैक्स = 217 − (0.85 ×आयु) (अक्सर इंडियाना विश्वविद्यालय के मिलर व अन्य के नाम से उद्धृत) हृदय-दरमैक्स = 208 − (0.7 × आयु) (पारम्परिक सूत्र में एक और "मरोड़" को तनाका विधि के नाम से जाना जाता है. हजारों लोगों पर किये गए एक अध्ययन पर आधारित एक नए सूत्र का विकास किया गया, जिसे अधिक सटीक माना जाता है.)[एज प्रिडिक्टिव मैक्सिमम हार्ट रेट http://content.onlinejacc.org/cgi/content/abstract/37/1/153] 2007 में, ओकलैंड विश्वविद्यालय के शोधकों ने 25 वर्षों की अवधि में हर वर्ष रिकार्ड की गई 132 व्यक्तियों की अधिकतम ह्रदय दरों का विश्लेषण किया और एक रेखीय समीकरण उत्पन्न किया जो तनाका के सूत्र –हृदय-दरमैक्स = 206.9 − (0.67 × आयु)—और एक अरेखीय समीकरण—हृदय-दरमैक्स = 191.5 − (0.007 × आयु2) के बहुत समान था. इस रेखीय समीकरण का आश्वस्तता अंतराल ±5–8 धड़कन प्रति मिनट था और अरेखीय समीकरण की अधिक चुस्त श्रेणी ±2–5 धड़कन प्रति मिनट थी. एक तीसरे अरेखीय समीकरण का विकास भी किया गया—हृदय-दरमैक्स = 163 + (1.16 × आयु) − (0.018 × आयु2). Gellish Ronald Brian Goslin, Ronald Olson, Audry McDonald, Gary Russi, Virinder Moudgil Longitudinal Modeling of the Relationship between Age and Maximal Heart Rate https://archive.org/details/sim_medicine-and-science-in-sports-and-exercise_2007-05_39_5/page/822 Medicine & Science in Sports & Exercise 39 5 822–828 American College of Sports Medicine May, 2007 10.1097/mss.0b013e31803349c6 17468581 ये आंकड़े अधिकतर औसत हैं और काफी हद तक व्यक्तिगत शरीर क्रिया विज्ञान और चुस्ती पर निर्भर करते हैं. उदाहरण के लिये, किसी सहनशीलता धावक की दरें व्यायाम के लिये आवश्यक ह्रदय के बढ़े हुए आकार के कारण सामान्य रूप से कम रहेंगी, जबकि किसी थोड़ी दूर दौड़ने वाले (स्प्रिंटर) की दरें बेहतर प्रतिवादन समय और कम अवधि आदि के कारण अधिक होंगी-प्रत्येक की अनुमानित ह्रदय दरें 180 (= 220−आयु) हो सकती हैं, किंतु इन दोनों व्यक्तियों की वास्तविक अधिकतम हृदय दरों में 20 धड़कनों का अंतर (उदा.170-190) हो सकता है. आगे, यह नोट करें कि समान आयु, समान अभ्यास, समान खेल, समान टीम के व्यक्तियों की वास्तविक अधिकतम हृदय दरों में 60 ध.प्र.मि का अंतर (160 से 220) हो सकता है –यह श्रेणी अत्यंत बड़ी है और कुछ लोगों का कहना है कि, "एथलीटों की तुलना करते समय हृदयगति दर संभवतः सबसे कम महत्व वाला अस्थिर आंकड़ा है." 2010 में नार्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय में किये गए शोध में स्त्रियों के लिये अधिकतम हृदयगति दर के सूत्र में संशोधन किया गया. मार्था गुलाटी और अन्य के अनुसार यह निम्न प्रकार है - हृदय-दरमैक्स = 206 − (0.88 × आयु)[न्यू फार्म्युला गिव्स फर्स्ट एक्यूरेट पिक हार्ट रेट फॉर वोमेन http://www.physorg.com/news196962986.html]http://circ.ahajournals.org/cgi/content/abstract/CIRCULATIONAHA.110.939249v1 संग्रहीत प्रति 23 नवंबर 2010 22 दिसंबर 2010 https://web.archive.org/web/20101222053332/http://circ.ahajournals.org/cgi/content/abstract/CIRCULATIONAHA.110.939249v1 dead लुंड, स्वीडन में किये गए एक अध्ययन में उल्लेखित आंकड़े (बाइसिकिल अर्गोमेट्री के समय प्राप्त) दिये गए हैं, पुरूषों के लिये- हृदय-दरमैक्स = 203.7 / (1 + ईएक्सपी (0.033 x (आयु - 104.3))) 10.1046/j.1475-097X.2003.00491.x Wohlfart Björn Farazdaghi GR Reference values for the physical work capacity on a bicycle ergometer for men -- a comparison with a previous study on women. Clin Physiol Funct Imaging. 23 3 166–70 2003 12752560 और स्त्रियों के लिये - हृदय-दरमैक्स = 190.2/(1 + ईएक्सपी (0.0453 * (आयु - 107.5))) 10.1046/j.1365-2281.2001.00373.x Farazdaghi GR Wohlfart B Reference values for the physical work capacity on a bicycle ergometer for women between 20 and 80 years of age. Clin Physiol 21 6 682–7 2001 11722475 लक्ष्य हृदय दर लक्ष्य हृदय दर, या प्रशिक्षण हृदय दर वातजीवी व्यायाम के समय प्राप्त हृदय की वह अपेक्षित दर की श्रेणी है जो किसी व्यक्ति के हृदय और फेफड़ों को व्यायाम से अधिकतम लाभ अर्जित करने में सहायक होती है. यह श्रेणी व्यक्ति की शारीरिक अवस्था, लिंग और भूतपूर्व अभ्यास के अनुसार भिन्नता रखती है. नीचे लक्ष्य हृदयगति दर की गणना करने के दो तरीके दिये गए हैं. इन तरीकों में से प्रत्येक में, "गहनता" नामक एक तत्व है जिसे प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है. टीहृदय दर की 65%–85% गहनता की श्रेणी की तरह गणना की जा सकती है. लेकिन, इन गणनाओं के अर्थपूर्ण होने के लिये सटीक हृदय-दरमैक्स जानना आवश्यक है (ऊपर देखें). 180 के हृदय-दरमैक्स वाले किसी व्यक्ति का उदाहरण (आयु 40, अनुमानित हृदय-दरमैक्स 220 –आयु) 65% गहनता-(220-(आयु=40))x0.65117 धड़कनें प्रति मिनट 85% गहनता: (220 − (आयु = 40)) × 0.85 → 153 धड़कनें प्रति मिनट कार्वोनेन विधि कार्वोनेन विधि विश्रामीय धड़कन की दर का प्रयोग करके लक्ष्य धड़कन दर की गणना करती है, और 50%–85% की क्षेणी का प्रयोग करती है - टीहृदय दर = ((हृदय दरमैक्स − हृदय दरविश्राम) × %गहनता + हृदय दरविश्राम 180 के हृदय दरमैक्स और 70 के हृदय दरविश्राम वाले व्यक्ति के लिये उदाहरण - 50% गहनता: ((180 − 70) × 0.50) + 70 = 125 धड़कन प्रति मिनट 85% गहनता: ((180 − 70) × 0.85) + 70 = 163 धड़कन प्रति मिनट ज़ोलाड्ज़ विधि कार्वोनेन विधि के विकल्प के रूप में प्रयुक्त एक विधि ज़ोलाड्ज़ विधि है, जिसमें हृदय दरमैक्स से मूल्यों को घटा कर व्यायाम क्षेत्र प्राप्त किये जाते हैं. लक्ष्यहृदय दर = हृदय दरमैक्स – एडजस्टर ± 5 धड़कनें प्रति मिनट क्षेत्र 1 एडजस्टर = 50 धड़कनें प्रति मिनट क्षेत्र 2 एडजस्टर = 40 धड़कनें प्रति मिनट क्षेत्र 3 एडजस्टर = 30 धड़कनें प्रति मिनट क्षेत्र 4 एडजस्टर = 20 धड़कनें प्रति मिनट क्षेत्र 5 एडजस्टर = 10 धड़कनें प्रति मिनट 180 के हृदय दरमैक्स वाले किसी व्यक्ति का उदाहरण: क्षेत्र 1 (आसान व्यायाम) : 180 − 50 ± 5 → 125 – 135 धड़कनें प्रति मिनट क्षेत्र 4 (कठिन व्यायाम): 180 − 20 ± 5 → 155 – 165 धड़कनें प्रति मिनट हृदय दर भंडार हृदय दर भंडार (हृदय दरआर) किसी व्यक्ति की मापी हुई या अनुमानित अधिकतम हृदय दर तथा विश्रामीय हृदय दर के बीच के अंतर के लिये प्रयुक्त एक पद है. व्यायाम की गहनता को मापने की कुछ विधियां हृदय दर भंडार के प्रतिशत को मापती हैं. इसके अलावा जैसे-जैसे कोई व्यक्ति अपनी हृदय-नलिकीय चुस्ती को बढ़ाता है, उसकी हृदय दरविश्राम में गिरावट आती है और इस तरह हृदय दर भंडार बढ़ जाता है. हृदय दरआर का प्रतिशत वीओ2 भंडार के बराबर होता है. हृदय दरआर = हृदय दरमैक्स – हृदय दरविश्राम पुनर्लाभ हृदय दर यह गतिविधि को रोकने के बाद किसी निश्चित (या संदर्भीय) अवधि में मापी गई धड़कन की दर है, सामान्यतः इसे 1 मिनट की अवधि में मापा जाता है. व्यायाम के बाद हृदय की दर में धीरे-धीरे कमी आना हृदय के विकार का संकेत हो सकता है. यदि हृदय की दर व्यायाम को रोकने के एक मिनट बाद 12 धड़कन प्रति मिनट से कम गिरे तो यह हृदयाघात के अधिक जोखम का संकेत हो सकता है.कसरत के तुरंत बाद हृदयगति की दर का पुनर्लाभ मृत्युदर की सूचक है, क्रिस्टोफर आर. कोल, एम.डी., यूजीन एच. ब्लैकस्टोन, एम.डी., फ्रेडरिक जे. पैशको, एम्. डी., क्लैर ई. स्नेडर एम्. ए., एंड माइकल एस, लौर, एम्.डी.; एनईजेएम से आर्ट रेफरेंस, खंड 341:1351-1357, 8 अक्टूबर 1999. http://content.nejm.org/cgi/content/short/341/18/1351 https://web.archive.org/web/20100411202713/http://content.nejm.org/cgi/content/short/341/18/1351 11 अप्रैल 2010 में सार ऑनलाइन. अभ्यास के विधान कभी-कभी पुनर्लाभ हृदय दर का प्रयोग प्रगति के मार्गदर्शक के रूप में और अतिऊष्मता या निर्जलीकरण जैसी समस्याओं का पता लगाने के लिये करते हैं.व्यायाम-ऊष्मा दबाव के समय घोड़ों के शरीर क्रियात्मक दबाव पर जलीकरण के प्रभाव.जे.अप्लाइड फिजियालाजी खंड 84, अंक 6, 2042-2051, जून 1998 कठिन व्यायाम की छोटी अवधियों के बाद भी हृदय दर को विश्राम के समय के स्तरों तक गिरने में लंबा समय (लगभग 30 मिनट) लग सकता है. शरीर क्रिया विज्ञान और औषधिशास्त्र की मानक पाठ्यपुस्तकों में कहा गया है कि हृदयगति की दर की गणना ईसीजी से बड़ी आसानी से निम्न तरह से की जा सकती है: हृदय दर=1500/ आरआर अंतराल मिमी में, हृदय दर=60/आरआर अंतराल सेकंडों में, या हृदय दर=300/दो आर लहरों के बीच स्थित बड़े चौकोरों की संख्या. हर मामले में लेखक वास्तव में पल भर की हृदय दर की ओर इशारा कर रहे हैं, जो आरआर अंतरालों के स्थिर रहने पर हृदय की धड़कनों की संख्या है. हृदय दर के विकार हृद्क्षिप्रता (टैकीकार्डिया) Tachycardia विश्राम के समय100 धड़कन प्रति मिनट से अधिक की धड़कन की दर को हृद्क्षिप्रता कहा जाता है. यह संख्या भिन्न हो सकती है क्यौंकि छोटे आकार के लोगों और बच्चों के दिल की धड़कन औसत वयस्कों से अधिक तेज होती है. हृदमंदता Bradycardia Athlete's heart हृद्मंदता की परिभाषा है, धड़कन की दर का 60 धड़कन प्रति मिनट से कम होना हालांकि मनुष्य के पूर्ण विश्राम में रहने पर 50 धड़कनें प्रति मिनट से कम की दर होने के पहले कोई लक्षण नहीं पाए जाते. अभ्यास किये हुए एथलीटों में धीमी विश्रामीय धड़कन दरें पाई जाती हैं और एथलीटों में विश्राम के समय धड़कन के धीमेपन को असामान्य नहीं समझना चाहिये, यदि उसके साथ कोई लक्षण प्रकट नहीं हो रहे हों.यह संख्या भिन्न हो सकती है क्यौंकि बच्चों और लघु आकार के वयस्कों में औसत वयस्कों की अपेक्षा धड़कन अधिक तेज होती है. मिग्युएल इन्द्युरियन, एक स्पैनिश साकिल रेस खिलाड़ी जिन्होंने पांच बार टूर डे फ़्रांस जीता है, उनका ह्रदय गति की सामान्य दर 28 स्पंदन प्रति मिनट थी, जो किसी स्वस्थ व्यक्ति में अब तक देखी गयी सबसे निम्न ह्रदय गति है.कार्डियक आउटपुट. https://web.archive.org/web/20100530044952/http://www.lidco.com/html/clinical/cardiacoutput.asp 30 मई 2010 लिड्को लिमिटेड बिक्री और विपणन. 1 मई 2007 को पुनःप्राप्त. अतालता Arrhythmia अतालता हृदय की धड़कन और ताल (कभी-कभी तेज धड़कनों के रूप में अनुभव) की असामान्यताएं हैं. इन्हें दो बड़ी श्रेणियों में बांटा जा सकता है – तेज और धीमी गति की धड़कनें. इनमें से कुछ के कारण बहुत कम या न्यूनतम लक्षण होते हैं. अन्य से अधिक गंभीर लक्षण जैसे सिर का हल्कापन, चक्कर और बेहोशी उत्पन्न होते हैं. निलयी सहायता उपकरण यदि फेल हो रहे हृदय की सहायता के लिये निलयी सहायता उपकरण या वीएडी (VAD) लगा दी गई हो तो कोई धड़कन या नब्ज नहीं पाई जाती है क्यौंकि यह एक अनवरत बहाव पम्प होता है. जोखम कारक के रूप में हृदय की धड़कन की दर अनेकों प्रयोगों से यह संकेत मिला है कि अधिक तेज विश्रामीय धड़कन उष्णरक्तीय स्तनपायियों में मृत्युदर, विशेषकर मनुष्यों में हृदय-नलिकीय मृत्युदर के लिये एक नए जोखम कारक के रूप में उभरी है. तेज धड़कन के साथ, हृदय पर अधिक यांत्रिक दबाव के अलावा, शोथ अणुओं का अधिक उत्पादन और हृदयनलिका तंत्र में प्रतिक्रियात्मक आक्सीजन जाति का अधिक उत्पादन हो सकता है. बढ़ी हुई विश्रामीय धड़कन और हृदयनलिकीय जोखम में परस्पर संबंध होता है. यह समझना चाहिये कि इसे दिल की धड़कनों के आबंटन के प्रयोग के रूप में नहीं, बल्कि बढ़ी हुई दर से तंत्र के लिये बढ़े हुए जोखम के रूप में देखा जाता है."हृदय दर, जीवन-अवधि और मोरैलिटी रिस्क"सितंबर 2021 InternetArchiveBot एजिंग रिसर्च रिव्यू 2009;8:52 हृदयनलिकीय रोग से ग्रस्त रोगियों के एक आस्ट्रेलियन अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में दर्शाया गया है कि हृदय की धड़कन की दर हृदयाघात के जोखम की एक विशेष संकेतक है. लैंसेट में प्रकाशित इस अध्ययन में 33 देशों में 11,000 ऐसे लोगों का अध्ययन किया गया जिनका हृदय की समस्याओं के लिये इलाज किया जा रहा था. जिन रोगियों की धड़कन की दर 70 प्रति मिनट से अधिक थी, उनमें हृदयाघात, अस्पताल में दाखिले और शल्यचिकित्सा की आवश्यकता अधिक पाई गई. सिडनी विश्वविद्यालय में हृदयरोगविज्ञान के प्रोफेसर व सिडनी के कानकार्ड अस्पताल के बेन फ्रीडमैन ने कहा, यदि आपके हृदय की धड़कन तेज है, तो हृदयाघात होने की संभावना अधिक है और अघातक या घातक हृदयाघातों के लिये अस्पताल में भर्ती की संख्या में 46 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है."दिल की धड़कन रोग के जोखम का एक संकेतक: अध्ययन" 1 सितम्बर 2008 फिजियालजी और औषधिशास्त्र की मानक पाठ्यपुस्तकों में कहा गया है कि हृदयगति की दर की गणना ईसीजी से बड़ी आसानी से निम्न तरह से की जा सकती है - हृदय दर=1500/ आरआर अंतराल मिमी में, हृदय दर=60/आरआर अंतराल सेकंडों में, या हृदय दर=300/दो आर लहरों के बीच स्थित बड़े चौकोरों की संख्या. हर मामले में लेखक वास्तव में पल भर की हृदय दर की ओर इशारा कर रहे हैं, जो आरआर अंतरालों के स्थिर रहने पर हृदय की धड़कनों की संख्या है. लेकिन चूंकि उपर्लिखित सूत्र के बारे में लगभग हमेशा कहा जाता है, इसलिये विद्यार्थी ईसीजी को और देखे बिना धड़कन की दर की इस तरह से गणना कर लेते हैं. इन्हें भी देखें एथलीट्स का दिल रक्त का प्रवाह कार्डियक पेसमेकर कार्डियोलॉजी ह्रदवाहिनी बहाव स्पंद सन्दर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ श्रेणी:कार्डियोलॉजी श्रेणी:चिकित्सिक लक्षण