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फ़ाइल प्रारूप
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सितंबर 2026
फ़ाइल प्रारूप (File format) किसी कंप्यूटर फ़ाइल में डेटा को व्यवस्थित, संरक्षित और व्याख्यायित करने के लिए निर्धारित नियमों और संरचना का समूह है। यह निर्धारित करता है कि फ़ाइल के भीतर डेटा किस प्रकार संग्रहीत होगा और किसी सॉफ्टवेयर को उस डेटा को किस प्रकार पढ़ना, लिखना या संसाधित करना चाहिए।File Format अक्तूबर 2026 InternetArchiveBot , NIST Computer Security Resource Center.
किसी फ़ाइल प्रारूप में डेटा का संगठन, मेटाडेटा, संरचनात्मक जानकारी, एन्कोडिंग तथा कभी-कभी संपीड़न या सुरक्षा से संबंधित जानकारी भी शामिल हो सकती है। अलग-अलग प्रारूप अलग-अलग प्रकार के डेटा के लिए बनाए जाते हैं, जैसे पाठ, चित्र, ऑडियो, वीडियो, दस्तावेज़, डेटाबेस और निष्पादन योग्य प्रोग्राम।Digital Formats, Library of Congress.
फ़ाइल प्रारूप और फ़ाइल का फ़ाइल नाम एक्सटेंशन एक ही चीज़ नहीं हैं। एक्सटेंशन, जैसे `.txt`, `.jpg` या `.pdf`, सामान्यतः ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को फ़ाइल के प्रकार की पहचान करने में सहायता करता है, जबकि वास्तविक प्रारूप फ़ाइल के अंदर मौजूद डेटा की संरचना और नियमों से निर्धारित होता है।Common file name extensions in Windows, Microsoft Support.
इतिहास
कंप्यूटरों के प्रारंभिक दौर में डेटा मुख्यतः ऐसे प्रारूपों में संग्रहीत किया जाता था जो किसी विशिष्ट कंप्यूटर, ऑपरेटिंग सिस्टम या सॉफ्टवेयर से जुड़े होते थे। जैसे-जैसे अलग-अलग कंप्यूटर प्रणालियों के बीच डेटा का आदान-प्रदान बढ़ा, मानकीकृत और प्रलेखित फ़ाइल प्रारूपों की आवश्यकता भी बढ़ी।
पाठ आधारित डेटा के लिए ASCII और बाद में Unicode जैसे मानकों ने विभिन्न प्रणालियों के बीच पाठ के आदान-प्रदान को अधिक व्यवस्थित बनाया। Unicode Consortium के अनुसार Unicode का उद्देश्य विभिन्न भाषाओं और लेखन प्रणालियों के अक्षरों को एक सार्वभौमिक character encoding प्रणाली में प्रस्तुत करना है।The Unicode Standard, Unicode Consortium.
दस्तावेज़ों, चित्रों, ऑडियो और वीडियो जैसे डेटा प्रकारों के लिए भी समय के साथ विशिष्ट फ़ाइल प्रारूप विकसित हुए। कुछ प्रारूप किसी एक कंपनी या सॉफ्टवेयर से जुड़े रहे, जबकि कुछ खुले मानकों या अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठनों द्वारा विकसित किए गए।
इंटरनेट और डिजिटल अभिलेखीकरण के विस्तार के साथ फ़ाइल प्रारूपों का महत्व और बढ़ गया। आज किसी डिजिटल वस्तु के दीर्घकालिक संरक्षण में उसके फ़ाइल प्रारूप की पहचान, दस्तावेज़ीकरण और भविष्य में उसे पढ़ पाने की क्षमता महत्वपूर्ण मानी जाती है।Sustainability of Digital Formats, Library of Congress.
फ़ाइल प्रारूप की संरचना
किसी फ़ाइल प्रारूप की संरचना इस बात को निर्धारित करती है कि उसमें डेटा किस क्रम और किस रूप में संग्रहीत होगा। प्रारूप के अनुसार फ़ाइल सरल पाठ से लेकर अत्यंत जटिल binary structure तक हो सकती है।
एक फ़ाइल प्रारूप में निम्न प्रकार की जानकारी हो सकती है:
Header — फ़ाइल के प्रारंभ में स्थित संरचनात्मक या पहचान संबंधी जानकारी।
Metadata — फ़ाइल या उसमें मौजूद डेटा के बारे में अतिरिक्त जानकारी।
Data — वास्तविक सामग्री या payload।
Index या directory — फ़ाइल के भीतर डेटा के स्थान या संरचना का विवरण।
Footer या trailer — कुछ प्रारूपों में फ़ाइल के अंत में संरचनात्मक जानकारी।
Checksum या integrity information — कुछ प्रारूपों में डेटा की अखंडता की जाँच के लिए प्रयुक्त जानकारी।
Library of Congress के डिजिटल प्रारूप संबंधी दस्तावेज़ों में फ़ाइल प्रारूपों का विश्लेषण करते समय उनके संरचनात्मक तत्वों, encoding, dependencies और तकनीकी विशेषताओं को महत्वपूर्ण माना जाता है।
पाठ आधारित और बाइनरी प्रारूप
फ़ाइल प्रारूपों को सामान्यतः पाठ आधारित (text-based) और बाइनरी (binary) प्रारूपों के रूप में समझा जा सकता है।
पाठ आधारित प्रारूप
पाठ आधारित प्रारूपों में डेटा को ऐसे characters के रूप में व्यवस्थित किया जाता है जिन्हें उपयुक्त encoding के माध्यम से पढ़ा जा सकता है। उदाहरण के लिए Plain text फ़ाइलों में सामान्यतः केवल पाठीय सामग्री होती है।
CSV, JSON, XML और HTML जैसे प्रारूप भी text-based data representation के उदाहरण हैं। JSON को RFC 8259 में एक lightweight, text-based data interchange format के रूप में परिभाषित किया गया है।RFC 8259: The JavaScript Object Notation (JSON) Data Interchange Format, Internet Engineering Task Force.
XML को W3C द्वारा structured data के प्रतिनिधित्व और आदान-प्रदान के लिए विकसित extensible markup language के रूप में परिभाषित किया गया है।XML, World Wide Web Consortium.
पाठ आधारित प्रारूपों का एक लाभ यह है कि उन्हें सामान्य text-processing tools द्वारा inspect और process करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। हालांकि, केवल text-based होने से किसी प्रारूप का मानव-पठनीय होना आवश्यक नहीं है; जटिल संरचना या encoding के कारण उसे समझने के लिए विशेष software की आवश्यकता हो सकती है।
बाइनरी प्रारूप
बाइनरी प्रारूपों में डेटा को मुख्यतः bytes के रूप में संरचित किया जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उनमें केवल संख्याएँ होती हैं; चित्र, ऑडियो, वीडियो और अनेक दस्तावेज़ प्रारूप binary representation का उपयोग कर सकते हैं।
JPEG, PNG, GIF, MP3 और कई अन्य multimedia formats binary data structures का उपयोग करते हैं। PNG specification में फ़ाइल की संरचना को signature, chunks और उनके संबंधित fields के माध्यम से परिभाषित किया गया है।Portable Network Graphics (PNG) Specification, W3C.
Binary formats अधिक compact या application-specific representation उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन उन्हें समझने और संशोधित करने के लिए अक्सर format-specific software या documentation की आवश्यकता होती है।
फ़ाइल प्रारूप और फ़ाइल नाम एक्सटेंशन
फ़ाइल नाम एक्सटेंशन फ़ाइल नाम के अंत में आने वाला भाग है, जैसे `.txt`, `.png`, `.pdf` या `.zip`। यह सामान्यतः operating system और applications को फ़ाइल के संभावित प्रकार की पहचान करने में सहायता करता है।
हालाँकि, केवल extension किसी फ़ाइल के वास्तविक format का विश्वसनीय प्रमाण नहीं है। फ़ाइल का extension बदला जा सकता है, जबकि फ़ाइल के अंदर का data structure अपरिवर्तित रहता है।
इसी कारण software कुछ परिस्थितियों में फ़ाइल के प्रारंभिक bytes, जिन्हें file signature या magic number कहा जाता है, देखकर format की पहचान कर सकता है। NIST के अनुसार file signature किसी फ़ाइल के प्रारूप की पहचान करने के लिए उपयोग की जाने वाली विशिष्ट byte sequence हो सकती है।File Signature अक्तूबर 2026 InternetArchiveBot , NIST Computer Security Resource Center.
इस प्रकार:
`.jpg` केवल filename extension है;
JPEG format फ़ाइल के अंदर डेटा की वास्तविक संरचना को परिभाषित करता है;
extension और वास्तविक format में असंगति हो सकती है।
खुले और स्वामित्व वाले प्रारूप
फ़ाइल प्रारूपों को उनकी specification की उपलब्धता और नियंत्रण के आधार पर खुले (open) तथा स्वामित्व वाले (proprietary) प्रारूपों के रूप में भी वर्गीकृत किया जा सकता है।
खुला प्रारूप वह प्रारूप हो सकता है जिसकी specification सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो और जिसका उपयोग या implementation करने के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त की जा सके। हालांकि, "open format" की सटीक परिभाषा अलग-अलग संस्थाओं और मानकों में भिन्न हो सकती है।
उदाहरण के लिए OpenDocument एक open document format है जिसे OASIS द्वारा विकसित किया गया और जिसे ISO/IEC 26300 के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय मानक के रूप में भी प्रकाशित किया गया है।OpenDocument, OASIS.ISO/IEC 26300, International Organization for Standardization.
स्वामित्व वाला प्रारूप किसी विशेष कंपनी, उत्पाद या software ecosystem द्वारा नियंत्रित या विकसित किया जा सकता है। ऐसे प्रारूपों की specification पूरी तरह सार्वजनिक हो सकती है, आंशिक रूप से उपलब्ध हो सकती है या प्रतिबंधित भी हो सकती है।
फ़ाइल प्रारूप के खुले होने और उसके software के मुक्त या proprietary होने को एक ही अवधारणा नहीं माना जाना चाहिए। किसी open format को proprietary software द्वारा implement किया जा सकता है और proprietary format को कुछ परिस्थितियों में third-party software द्वारा reverse-engineer या implement किया जा सकता है।
मानकीकरण
फ़ाइल प्रारूपों के मानकीकरण का उद्देश्य अलग-अलग software और systems के बीच data exchange को अधिक predictable और interoperable बनाना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ISO और IEC जैसे संगठन विभिन्न तकनीकी मानकों को प्रकाशित करते हैं। Internet-related formats के लिए IETF RFCs और web standards के लिए W3C specifications महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उदाहरण के लिए JSON को IETF के RFC 8259 में standardised किया गया है।
OpenDocument को OASIS specification के रूप में विकसित किया गया और ISO/IEC 26300 के अंतर्गत international standardisation भी प्राप्त हुई।
मानकीकरण से interoperability में सहायता मिल सकती है, क्योंकि अलग-अलग software developers एक साझा specification को आधार बनाकर implementations विकसित कर सकते हैं।
दस्तावेज़ फ़ाइल प्रारूप
दस्तावेज़ फ़ाइल प्रारूप text के अतिरिक्त formatting, images, tables, metadata और अन्य document structures को संग्रहीत कर सकते हैं।
प्रमुख दस्तावेज़ प्रारूपों में:
PDF — Adobe द्वारा विकसित Portable Document Format, जिसका उद्देश्य दस्तावेज़ों को इस प्रकार प्रस्तुत करना है कि उनका layout विभिन्न environments में अधिक स्थिर रहे।ISO 32000-2:2020 Document management — Portable document format, ISO.
OpenDocument — office documents के लिए OASIS द्वारा विकसित open document format family।
DOCX — Microsoft Office Open XML आधारित document format।ECMA-376 Office Open XML, Ecma International.
दस्तावेज़ प्रारूप केवल text को संग्रहित नहीं करते; वे formatting, document structure और अन्य embedded resources को भी संरक्षित कर सकते हैं।
चित्र फ़ाइल प्रारूप
चित्र फ़ाइल प्रारूप digital images को संग्रहीत करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इन्हें सामान्यतः raster और vector formats में विभाजित किया जाता है।
Raster formats चित्र को pixels के समूह के रूप में संग्रहीत करते हैं। JPEG, PNG और GIF इसके उदाहरण हैं।
Vector formats चित्र को geometric shapes, paths और अन्य mathematical descriptions के माध्यम से व्यक्त कर सकते हैं। SVG इसका प्रमुख उदाहरण है। W3C SVG को scalable vector graphics के लिए XML-based language के रूप में परिभाषित करता है।SVG, World Wide Web Consortium.
PNG एक lossless image format है और इसकी specification image data के साथ विभिन्न ancillary information को भी संरचित रूप में परिभाषित करती है।
JPEG photographic images के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला image format है और इसके विभिन्न standards ISO और ITU-T द्वारा परिभाषित किए गए हैं।T.81: Information technology — Digital compression and coding of continuous-tone still images, ITU-T.
ऑडियो फ़ाइल प्रारूप
ऑडियो फ़ाइल प्रारूप digital audio को संग्रहीत और वितरित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इनमें audio samples के साथ metadata और encoding संबंधी जानकारी भी हो सकती है।
कुछ प्रारूप uncompressed audio रखते हैं, जबकि अन्य compression का उपयोग करते हैं।
WAV Microsoft और IBM द्वारा विकसित RIFF आधारित audio file format family से संबंधित है।RIFF Resource Interchange File Format, Microsoft Learn.
FLAC एक open और lossless audio coding format है, जिसका उद्देश्य audio data को बिना information loss के compress करना है।FLAC, Xiph.Org Foundation.
MP3 perceptual audio coding पर आधारित widely used compressed audio format है। इसके मूल तकनीकी विकास का संबंध MPEG audio standards से है।ISO/IEC 11172-3 Information technology — Coding of moving pictures and associated audio for digital storage media at up to about 1,5 Mbit/s — Part 3: Audio, ISO.
वीडियो फ़ाइल प्रारूप
वीडियो फ़ाइलें सामान्यतः video streams, audio streams, metadata तथा अन्य information को एक container में संग्रहीत कर सकती हैं।
Container format यह निर्धारित करता है कि अलग-अलग media streams और metadata फ़ाइल में किस प्रकार व्यवस्थित होंगे। इसके विपरीत codec audio या video data को encode और decode करने की विधि निर्धारित करता है।
उदाहरण के लिए MP4 एक multimedia container format है। MPEG-4 Part 14 इसे ISO Base Media File Format पर आधारित container के रूप में परिभाषित करता है।ISO/IEC 14496-14:2020 Information technology — Coding of audio-visual objects — Part 14: MP4 file format, ISO.
इसलिए किसी video file का extension अकेले यह नहीं बताता कि उसके अंदर कौन-सा video codec या audio codec उपयोग किया गया है।
डेटा आदान-प्रदान प्रारूप
कई फ़ाइल प्रारूप विशेष रूप से अलग-अलग applications या systems के बीच structured data के आदान-प्रदान के लिए बनाए जाते हैं।
JSON web applications और APIs में data interchange के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला text-based format है। RFC 8259 JSON की syntax और data model को परिभाषित करता है।
XML structured और extensible data representation के लिए उपयोग किया जाता है। इसकी syntax और संबंधित technologies W3C specifications द्वारा परिभाषित की जाती हैं।
CSV tabular data के आदान-प्रदान के लिए उपयोग किया जाने वाला सरल text-based format है। हालांकि CSV के implementation में quoting, delimiters और line endings के कारण interoperability संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
संपीड़न
कई फ़ाइल प्रारूप storage space या transmission bandwidth को कम करने के लिए data compression का उपयोग करते हैं।
Compression दो प्रमुख प्रकार की हो सकती है:
Lossless compression — decompression के बाद मूल data को पूर्ण रूप से पुनः प्राप्त किया जा सकता है।
Lossy compression — compression के दौरान कुछ information स्थायी रूप से हटाई जा सकती है, सामान्यतः file size कम करने के लिए।
PNG और FLAC जैसे प्रारूप lossless compression के उदाहरण हैं।
JPEG जैसे image formats में lossy compression का उपयोग किया जा सकता है, जिससे file size कम किया जाता है लेकिन image information में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं।
Compression format का हिस्सा हो सकती है, लेकिन compression algorithm और file format हमेशा एक ही अवधारणा नहीं होते।
मेटाडेटा
मेटाडेटा वह डेटा है जो किसी फ़ाइल या उसके मुख्य content के बारे में जानकारी देता है।
उदाहरण के लिए किसी image file में image dimensions, color information, creation information या अन्य descriptive information हो सकती है। कुछ multimedia और document formats metadata के लिए निर्धारित fields उपलब्ध कराते हैं।
PNG specification में image data के अतिरिक्त विभिन्न ancillary chunks का प्रावधान है, जिनमें metadata और अन्य auxiliary information संग्रहीत की जा सकती है।
Metadata digital asset management, searching, classification, preservation और processing में उपयोगी हो सकता है।
हालाँकि metadata में व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी भी हो सकती है। इसलिए सार्वजनिक रूप से फ़ाइल साझा करने से पहले metadata की जाँच करना privacy के दृष्टिकोण से उपयोगी हो सकता है।
फ़ाइल प्रारूप और सॉफ्टवेयर संगतता
किसी फ़ाइल को पढ़ने या लिखने के लिए software को उस फ़ाइल प्रारूप की संरचना और encoding को समझना आवश्यक होता है।
यदि कोई application किसी format को support नहीं करता, तो फ़ाइल को सीधे खोलना संभव नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में conversion software या दूसरे compatible application की आवश्यकता पड़ सकती है।
एक ही format को कई software applications implement कर सकते हैं, लेकिन सभी implementations आवश्यक रूप से format की हर feature को समान रूप से support नहीं करते। इससे interoperability समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
Open standards और स्पष्ट specifications इस समस्या को कम करने में सहायता कर सकते हैं क्योंकि developers के पास format की अपेक्षित संरचना और behavior का documented reference होता है।
फ़ाइल प्रारूप रूपांतरण
फ़ाइल प्रारूप रूपांतरण (file format conversion) में किसी फ़ाइल के data को एक प्रारूप से दूसरे प्रारूप में परिवर्तित किया जाता है।
उदाहरण:
DOCX → PDF
PNG → JPEG
WAV → FLAC
XML → JSON
CSV → JSON
रूपांतरण के दौरान सभी जानकारी हमेशा संरक्षित नहीं रहती। विशेष रूप से ऐसे formats के बीच conversion में जिनकी data models और capabilities अलग हों, formatting, metadata, embedded objects या अन्य features खो सकते हैं।
Lossy formats में conversion के दौरान अतिरिक्त information loss भी हो सकता है। इसलिए महत्वपूर्ण digital documents या archival material के लिए conversion से पहले original file को सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।
डिजिटल संरक्षण
दीर्घकालिक digital preservation में फ़ाइल प्रारूप का चुनाव महत्वपूर्ण है। किसी digital object को भविष्य में पढ़ने के लिए केवल उसके bytes को सुरक्षित रखना पर्याप्त नहीं हो सकता; उसके format की संरचना और उसे interpret करने के लिए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध रहनी चाहिए।
Library of Congress के अनुसार sustainable digital formats का मूल्यांकन करते समय disclosure, adoption, transparency, self-documentation, external dependencies और अन्य तकनीकी तथा संस्थागत factors पर विचार किया जाता है।
खुले और अच्छी तरह documented formats digital preservation में लाभदायक हो सकते हैं क्योंकि भविष्य में अलग-अलग software द्वारा उनके implementation की संभावना बनी रह सकती है।
फिर भी open format होना अपने आप में दीर्घकालिक preservation की गारंटी नहीं देता। Format की व्यापकता, documentation, software availability और technical complexity जैसे अनेक factors महत्वपूर्ण होते हैं।
फ़ाइल प्रारूप की पहचान
किसी अज्ञात फ़ाइल का प्रारूप पहचानने के लिए केवल filename extension पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
फ़ाइल की पहचान के लिए निम्न जानकारी उपयोगी हो सकती है:
filename extension;
file signature या magic number;
internal structure;
MIME type;
metadata;
संबंधित software द्वारा format detection।
File signatures विशेष byte sequences के माध्यम से फ़ाइल के संभावित format की पहचान करने में सहायता कर सकते हैं।
कई operating systems और applications फ़ाइल खोलते समय extension के साथ अन्य information का भी उपयोग कर सकते हैं।
MIME type और फ़ाइल प्रारूप
MIME type इंटरनेट पर data के media type की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए `text/plain`, `image/png` और `application/json` विभिन्न प्रकार के data को दर्शाते हैं।
IANA media types की आधिकारिक registry बनाए रखता है, जिसमें विभिन्न registered MIME types और उनके parameters दर्ज होते हैं।Media Types, Internet Assigned Numbers Authority.
MIME type और file format संबंधित हो सकते हैं, लेकिन वे समान अवधारणाएँ नहीं हैं। MIME type data के media type की पहचान करता है, जबकि file format फ़ाइल के अंदर data की संरचना और encoding rules को परिभाषित करता है।
सुरक्षा
फ़ाइल प्रारूपों में complex parsing rules होने के कारण format-handling software सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि कोई parser किसी malformed या malicious file को सही ढंग से संभाल नहीं पाता, तो software vulnerability उत्पन्न हो सकती है।
इस कारण web browsers, document readers, media players, archive utilities और अन्य applications में file parsing security महत्वपूर्ण होती है।
अविश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त फ़ाइलों को खोलते समय software को updated रखना और अनावश्यक executable या macro content को सक्षम न करना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है।
उल्लेखनीय फ़ाइल प्रारूप
विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग होने वाले कुछ प्रमुख फ़ाइल प्रारूप निम्न हैं:
क्षेत्र प्रारूप सामान्य उपयोग पाठ TXT साधारण पाठ संरचित डेटा JSON डेटा आदान-प्रदान और web APIs संरचित दस्तावेज़ XML डेटा और दस्तावेज़ संरचना तालिकीय डेटा CSV tabular data exchange दस्तावेज़ PDF electronic documents कार्यालय दस्तावेज़ DOCX word-processing documents खुला कार्यालय दस्तावेज़ ODT OpenDocument text documents चित्र JPEG photographs और compressed images चित्र PNG lossless raster images vector graphics SVG scalable vector graphics ऑडियो MP3 compressed digital audio ऑडियो FLAC lossless digital audio वीडियो कंटेनर MP4 multimedia storage संग्रह ZIP compressed file archives
इनमें से प्रत्येक प्रारूप का अपना syntax, data model, encoding और compatibility behavior हो सकता है।
फ़ाइल प्रारूप का महत्व
आधुनिक computing में फ़ाइल प्रारूप software और data के बीच एक महत्वपूर्ण interface की भूमिका निभाता है। किसी फ़ाइल को उपयोगी बनाने के लिए केवल उसका data सुरक्षित होना पर्याप्त नहीं है; software को यह भी पता होना चाहिए कि उस data को कैसे interpret करना है।
मानकीकृत formats अलग-अलग applications के बीच interoperability को बढ़ा सकते हैं। खुले और documented formats software independence तथा long-term accessibility के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
दूसरी ओर, किसी proprietary format पर अत्यधिक निर्भरता किसी विशेष software या vendor के साथ dependency उत्पन्न कर सकती है। यदि उस format का software support भविष्य में समाप्त हो जाए, तो पुराने data तक पहुँच कठिन हो सकती है।
इस कारण software development, digital publishing, archival preservation और data exchange में format selection एक महत्वपूर्ण तकनीकी निर्णय है।
यह भी देखें
फ़ाइल
फ़ाइल नाम एक्सटेंशन
फ़ाइल सिस्टम
डेटा प्रारूप
डेटा संपीड़न
मेटाडेटा
MIME
ASCII
यूनिकोड
OpenDocument
PDF
JSON
XML
CSV
JPEG
PNG
SVG
संदर्भ