411 REFERENCE · Wikipedia
अश-शम्स
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
सुरा अस-सम्स (अरबी: الشمس aš-Šams, सूर्य)। यह कुरान का 91वां सूरा है। इसमें 15 आयतें हैं। यह भिन्न आसमानी पवित्र शपथों की शृंखला से आरम्भ होता है, जिसमें प्रथम "सूर के द्वारा" से इस सूरा को नाम मिला है। फिर स्वयं मानवी आत्मा। फिर यह बताता है थमूद के भाग्य के बारे में। थमुद एक पूर्व समृद्ध अरब कबीला था, जो अब विलुप्त हो चुका है। पैगम्बर सलीह ने उन्हें केवल ईश्वर की ही उपासना करने की प्रेरणा दी थी, एवं ईश्वर के नाम पर एक ऊँटनी को संरक्षित करने को कहा था। परंतु उन्होंने उनके सन्देश की अनदेखी की, एवं आज्ञा का उल्लंघन करते रहे। तब ईश्वर ने उन सबों को बर्बाद कर दिया। केवल वे ही बचे, जिन्होंने सलीह की आज्ञा की अवहेलना नहीं की थी।
== देखें ==
== बाहरी कडि़याँ ==
अश-शम्स पवित्र पाठ्य में
अश-शम्स Altafsir.com पर