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सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा (वादियुल क़ुरा)
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सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा रज़ि० (वादियुल कुरा) November 627AD, 7th month 6AH वादी अल-क़ुरा घात लगाकर हमला, 9 मुसलमान मारे गएThe Sealed Nectar https://books.google.com/books?id=-ppPqzawIrIC Saifur Rahman Al Mubarakpuri 2005 Darussalam Publications 206 9798694145923 जनवरी 2023 InternetArchiveBot (online https://web.archive.org/web/20110623155708/http://www.witness-pioneer.org/vil/Books/SM_tsn/ch4s11.html 2011-06-23 ) ज़ैद बिन हारिसा अनजान 12 अनजान 9 killed अनजान मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा रज़ि० (वादियुल क़ुरा) या सरिय्या वादियुल कुरा (अंग्रेज़ी: Expedition of Zayd ibn Harithah (Wadi al-Qura) प्रारंभिक इस्लाम में ज़ैद बिन हारिसा का सैन्य अभियान था जो इस्लामिक कैलेंडर के 6 हिजरी के 7 वें महीने, नवंबर, 627 में हुआ था। इस्लाम के पैग़म्बर मुहम्मद के द्वारा अपने दत्तक पुत्र और आज़ाद किये गये ग़ुलाम ज़ैद बिन हारिसा के नेतृत्व में १२ सहाबा के साथ मदीना से लगभग 7 मील की दूरी पर वादी अल-कुरा एक नखलिस्तान था। इस क्षेत्र का सर्वेक्षण करने और मुहम्मद के दुश्मनों के आंदोलनों की निगरानी करने के लिए भेजा गया था।
हालाँकि, इस क्षेत्र के निवासी ज़ैद के अनुकूल नहीं थे। वहां के लोगों ने मुसलमानों पर हमला किया, उनमें से 9 को मार डाला, जबकि ज़ैद बिन हारिसा सहित बाकी बचने में सफल रहे।
बाद में जून 628 ईस्वी में वादियुल क़ुरा का तीसरा अभियान ऑपरेशन सफल रहा और यहूदियों के आत्मसमर्पण करने और इस्लामिक पैगंबर मुहम्मद द्वारा पेश की गई शर्तों को स्वीकार किया।
पृष्ठभूमि
इस्लाम के विद्वान सफिउर्रहमान मुबारकपुरी लिखते हैं कि यह सरिय्या हज़रत अबू बक्र सिद्दीक रजि० या हज़रत ज़ैद बिन हारिसा के नेतृत्त्व में रमज़ान 06 हि० में रवाना किया गया। इस की वजह यह थी कि बनू फ़ज़ारा की एक शाखा ने धोखे से अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को कत्ल करने का प्रोग्राम बनाया था. इसलिए आप ने हज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ि० को रवाना फ़रमाया। हज़रत सलमा बिन अकवअ रजि० का बयान है कि इस झड़प में मैं भी आप के साथ था। जब हम सुबह की नमाज़ पढ़ चुके तो इस्लाम के पैग़म्बर मुहम्मद के आदेश पर हम लोगों ने छापा मारा और सोते पर धावा बोल दिया। अबू बक्र सिद्दीक रज़ि० ने कुछ लोगों को कत्ल किया। मैंने एक गिरोह को देखा, जिस में औरतें और बच्चे भी थे। मुझे डर हुआ कि कहीं ये लोग मुझ से पहले पहाड़ पर पहुंच जाएं। इसलिए मैंने उनको पकड़ने की कोशिश की और उनके और पहाड़ के दर्मियान एक तीर चलाया। तीर देख कर ये लोग ठहर गए। इनमें उम्मे करफा नामी एक औरत थी, जो एक पुरानी पोस्तीन ओढ़े हुए थी। उसके साथ उसकी बेटी भी थी जो उस की सबसे खूबसूरत औरतों में से थी। मैं उन सब को हांकता हुआ अबू बक्र सिद्दीक रज़ि० के पास ले आया। उन्होंने वह लड़की अता की। मैंन उसका कपड़ा तक न खोला था कि बाद में अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यह लड़की सलमा बिन अकवअ से लेकर मक्का भेज दी और उस के बदले वहां के कई मुसलमान कैदियों को रिहा करा लिया।"
उम्मे करफा एक शैतान सिफ़त औरत थी, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की हत्या के उपाय किया करती थी और इस उद्देश्य के लिए उसने अपने परिवार के तीस घुड़सवार भी तैयार किए थे, उसके तीसों सवार मारे गए।सफिउर्रहमान मुबारकपुरी पुस्तक अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ) सरिय्या वादियुल कुरा https://archive.org/details/offlinedeeniapp_20210707_1905/Ar%20Raheequl%20Makhtoom%20Seerate%20Nabi/page/n653/mode/2up 13 दिसम्बर 2022 674
सराया और ग़ज़वात
अंगूठाकार|
अरबी शब्द ग़ज़वा Ghazwa https://en.wiktionary.org/wiki/ghazwa इस्लाम के पैग़ंबर के उन अभियानों को कहते हैं जिन मुहिम या लड़ाईयों में उन्होंने शरीक होकर नेतृत्व किया, इसका बहुवचन है गज़वात, जिन मुहिम में किसी सहाबा को ज़िम्मेदार बनाकर भेजा और स्वयं नेतृत्व करते रहे उन अभियानों को सरियाह(सरिय्या) या सिरया कहते हैं, इसका बहुवचन सराया है।siryah https://en.wiktionary.org/wiki/siryah#English
ग़ज़वात और सराया की तफसील, पुस्तक: मर्दाने अरब, पृष्ट ६२] https://archive.org/details/mardane-arab-hindi-volume-no.-1/page/n32/mode/1up
इन्हें भी देखें
वादियुल क़ुरा का तीसरा अभियान
सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा (जमूम)
सरिय्या ज़ैद बिन हारिसा (क़रदा)
मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
मुहम्मद के अभियानों की सूची
ग़ज़वा ए दूमतुल जन्दल
सन्दर्भ
श्रेणी:मुहम्मद
श्रेणी:इस्लाम
श्रेणी:इस्लाम का इतिहास
श्रेणी:अरब इतिहास
बाहरी कड़ियाँ
Ar Raheeq Al Makhtum – The Sealed Nectar ( Biography Of The Noble Prophet)
अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ), पैगंबर की जीवनी (प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित पुस्तक), हिंदी (Pdf)