411 REFERENCE · Wikipedia
लोधेश्वर महादेव मंदिर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
लोधेश्वर महादेव मन्दिर Lodheshwar Mahadev Temple Lodheshwar Ramnagar Barabanki.jpeg लोधेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग India Uttar Pradesh yes उत्तर प्रदेश में स्थान 27.1155 N 81.4228 E type:landmark_region:IN-MP_source:kolossus-dewiki inline,title उत्तर प्रदेश बाराबंकी ज़िला रामनगर तहसील शिव महा शिवरात्रि हिन्दू मन्दिर वास्तुकला
लोधेश्वर महादेव मंदिर (Lodheshwar Mahadev Temple) भारत के बाराबंकी ज़िले की रामनगर तहसील में स्थित एक हिन्दू मन्दिर है। यह बाराबंकी-गोंडा मार्ग से बायीं ओर लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित है"Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716"Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC 23 अप्रैल 2017," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975https://www.yugantarpravah.com/news/barabanki-lodheswar-mahadev-mandir-evidence-of-satyuga-treta-and-dwapar-yuga-is-found-in-lodheshwar-mahadev-temple-of-barabanki-367111-07-07-2023 Barabanki Lodheshwar Mahadev Mandir : सावन स्पेशल-सतयुग,त्रेता और द्वापर युग से जुड़ा है इस शिवमंदिर का इतिहास,जानिए क्यों पड़ा इस प्रसिद्ध मंदिर का लोधेश्वर नाम Yugantar Pravah
पौराणिक महत्व
इस लोधेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना चंद्रवंशी क्षत्रिय पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान की थी। फाल्गुन का मेला यहाँ खास अहमियत रखता है। पूरे देश से लाखों श्रद्धालू यहाँ कावर लेकर शिवरात्रि या शिरात्रि से पूर्व पहुँच कर शिवलिंग पर जल चढाते हैं। माना जाता है की वेद व्यास मुनि की प्रेरणा से पांडवो ने रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया और तत्कालीन गंडक इस समय घाघरा नदी के किनारे कुल्छात्तर नमक जगह पर इस यज्ञ का आयोजन किया। महादेवा से २ किलोमीटर उत्तर, नदी के पास आज भी कुल्छात्तर में यज्ञ कुंड के प्राचीन निशान मौजूद हैं। उसी दौरान इस शिवलिंग की स्थापना पांडवों ने की थी।
thumb|लोधेश्वर महादेव मंदिर का स्नान कुण्ड
महादेवा मेला
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर लगने वाले फाल्गुनी (स्थानीय - फागुनी) मेले में प्रति वर्ष कानपुर व बिठूर से गंगाजल लेकर सुदूर क्षेत्रों से शिवभक्त कांवरिये पैदल बाराबंकी जनपद स्थित लोधेश्वर महादेव की पूजा अर्चना व जलाभिषेक करने भगवान भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए आते हैं। अपनी धुन व शिवभक्ति के पक्के कांवरियों की सकुशल सुरक्षित यात्रा, पूजा-अर्चना, जलाभिषेक सम्पन्न कराना प्रशासन के लिए एक चुनौती ही होता है। प्रशासन पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद व चौकन्ना रहता है। श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर जाते हुए जब बाराबंकी क्षेत्र में कांवरिये प्रवेश करते हैं तो जगह-जगह लगे उनके विश्राम व जलपान शिविर उनका उत्साह बढ़ा देते हैं। हाथ जोड़कर सविनय कांवरियों को शिविर में बाराबंकी के नागरिक आमंत्रित करते हैं। कांवरियों की सेवा करके बाराबंकी जनपद के शिवभक्त नागरिक अपने आप को संतुष्ट व प्रसन्न महसूस करते हैं।http://barabanki.nic.in/places.htm बाराबंकी के पर्यटक स्थल barabanki.nic.in en 7 अगस्त 2014 https://web.archive.org/web/20101218013351/http://barabanki.nic.in/places.htm 18 दिसंबर 2010 live
ऐतिहासिक प्रमाण
इस पूरे इलाके में पांडव कालीन अवशेष बिखरे पड़े हैं। जब अज्ञातवास के दौरान पांडव यहाँ छुपे थे, बाराबंकी को बराह वन कहा जाता था और यहाँ घने और विशाल जंगल थे। वर्षों तक पांडव यहाँ छुपे रहे और इसी दौरान उन्होंने रामनगर के पास किंतूर क्षेत्र में पारिजात वृक्ष लगाया और गंगा दसहरा के दौरान खिलने वाले सुनहरे पुष्पों से भगवान शिव की आराधना की। विष्णु पुराण में उल्लेख है कि इस पारिजात वृक्ष को भगवान कृष्ण स्वर्ग से लाये थे और अर्जुन ने अपने बाण से पाताल में छिद्र कर इसे स्थापित किया था। ऐसे महान महादेवा परिक्षेत्र के दर्शन कर श्रद्धालू अपने को धन्य समझते हैं|http://www.indianexpress.com/news/shiv-ratri-puja-two-killed-in-stampede-at-shiva-temple-in-barabanki/1085969/0 Shiv Ratri puja: Two killed in stampede at Shiva temple in Barabanki Indian Express Mar 10, 2013 March 19, 2013
इन्हें भी देखें
रामनगर, बाराबंकी
बाराबंकी ज़िला
सन्दर्भ
श्रेणी:उत्तर प्रदेश में हिन्दू मंदिर
श्रेणी:उत्तर प्रदेश में शिव मन्दिर
श्रेणी:हिन्दू तीर्थ स्थल
श्रेणी:बाराबंकी ज़िला