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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

आशिक इलाही बुलंदशहरी

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मुहम्मद आशिक इलाही बुलंदशहरी मुहाजिर मदनी (मुहम्मद' आशिकि इलाही अल-बरानी अल-मदनी) एक प्रमुख भारतीय इस्लामी विद्वान थे। वह ज़कारिया कंधलवी के एक उल्लेखनीय छात्र थे। == जीवनी == आशिक इलाही का जन्म 1924 या 1925 (1343 हिजरी) में बुलंदशहर, ब्रिटिश भारत के यूनाइटेड प्रोविंसेज़ में हुआ था। उन्होंने 1363 हिजरी में मज़ाहिर उलूम से फ़ारिग़ (स्नातक) किया। वे तल्हा कंधलवी के ख़लीफ़ा (अधिकृत शिष्य) थे और सूफ़ी सिलसिले से जुड़े हुए थे। शिक्षा पूरी करने के बाद, आशिक इलाही ने भारत के विभिन्न मदरसों में अध्यापन किया। 1384 हिजरी में मुहम्मद शफ़ी के आग्रह पर वे पाकिस्तान चले गए। वहाँ उन्होंने दारुल उलूम कराची में तफ़सीर और हदीस की शिक्षा बारह वर्षों तक दी। इसके बाद 1396 हिजरी (1976 ईस्वी) में वे मदीना मुनव्वरा चले गए, जहाँ 1422 हिजरी (2002 ईस्वी) में उनका निधन हुआ। उन्हें जन्नतुल बक़ी कब्रिस्तान में दफ़न किया गया। == साहित्यिक कृतियाँ == उनकी कृतियाँ निम्नलिखित हैं - तोहफा-ए-ख्वातीन । मरने के बाद क्या होगा? इस्लामी अदाब। हुकूकुल वालिदेन । अनवर उल बयान (कुरान की 5 खंड उर्दू टिप्पणी जिसका अनुवाद मुफ्ती अफ़ज़ल हुसैन इलियास द्वारा अंग्रेजी में किया गया है। ज़ादूत तालिबीन (अब्दुर रहमान इब्न यूसुफ मंगेरा द्वारा अंग्रेजी में अनुवादित, उन्होंने इसकी टिप्पणी भी लिखी। अल फवादुल सानिया फी शरहुल अरबाईन उन नवविय्या। ताशिल उद दरूरी फी मसाइलुल कुदूरी में।