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सिलसिला (1981 फ़िल्म)
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सिलसिला सिलसिला (फ़िल्म).jpg सिलसिला का पोस्टर यश चोपड़ा यश चोपड़ा अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शशि कपूर, रेखा, संजीव कुमार प्रीति बेदी रोमेश शर्मा (संवाद निर्देशक) सागर सरहदी यश चोपड़ा 14 अगस्त, 1981 शिव-हरि 180 मिनट केशव नायडू भारत हिन्दी
सिलसिला 1981 में बनी हिन्दी भाषा की रूमानी नाट्य फ़िल्म है। इसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया और इसमें अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, रेखा, संजीव कुमार और शशि कपूर मुख्य कलाकार हैं। यह फिल्म उस समय के तीन सितारों अमिताभ-जया-रेखा के वास्तविक जीवन के कथित प्रेम त्रिकोण से बहुत प्रेरित है, जो उस समय के प्रेम प्रसंगों में सबसे चर्चित था।अमिताभ-रेखा और जया की असल जिंदगी का 'सिलसिला' इन्होंने पर्दे पर उतारा https://khabar.ndtv.com/news/bollywood/yash-chopra-birthday-silsila-amitabh-bachchan-jaya-rekha-1755468 एनडीटीवी इंडिया 13 मार्च 2019 27 सितंबर 2017 https://web.archive.org/web/20190103003407/https://khabar.ndtv.com/news/bollywood/yash-chopra-birthday-silsila-amitabh-bachchan-jaya-rekha-1755468 3 जनवरी 2019 dead
अमिताभ बच्चन और रेखा की यह आखिरी फिल्म रही, जिससे इस लोकप्रिय ऑन-स्क्रीन जोड़ी का अंत हो गया और उनके प्रेम-प्रसंग की अफवाह भी खत्म हो गई।चौहान शिवांगी जब रेखा से टकराए अमिताभ बच्चन, न तो एक-दूसरे को देखा न ही की आपस में बात, वो 4 मौके जब आमने सामने आए दोनों https://www.bhaskar.com/bollywood/news/rekha-and-amitabh-bachchan-not-talk-each-other-6016274.html दैनिक भास्कर 13 मार्च 2019 hi 31 जनवरी 2019 https://web.archive.org/web/20190204195726/https://www.bhaskar.com/bollywood/news/rekha-and-amitabh-bachchan-not-talk-each-other-6016274.html 4 फ़रवरी 2019 live यह अमिताभ बच्चन की जया बच्चन के साथ भी आखिरी फिल्म थी, जब तक कि वे 20 साल बाद करण जौहर की फिल्म कभी खुशी कभी ग़म... (2001) में एक साथ फिर दिखाई नहीं दिए। इस फिल्म के बाद, जया बच्चन ने अभिनय से संन्यास ले लिया और हज़ार चौरासी की माँ (1998) से 18 साल बाद वापसी की।
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर व्यावसायिक रूप से असफल रही थी। हालांकि, अब वर्षों बाद, फिल्म को क्लासिक माना जाने लगा है और आज इसे यश चोपड़ा की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में से एक माना जाता है। फिल्म की रिलीज पर फिल्म का साउंडट्रैक "सुपर-हिट" बन गया था और अब भी लोकप्रिय है।
संक्षेप
छोटी उम्र में अनाथ होने पर, भाई शेखर मल्होत्रा (शशि कपूर) और अमित मल्होत्रा (अमिताभ बच्चन) स्वतंत्र जीवन जीते हैं। शेखर भारतीय वायु सेना में दस्ते का नेता है, और अमित उभरता हुआ लेखक है। शेखर को प्यारी शोभा (जया बच्चन) से प्यार हो जाता है, जबकि अमित आकर्षक चाँदनी (रेखा) को लुभाना चाहता है। अमित को दिल्ली में एक नाटककार के रूप में पेशेवर सफलता मिलती है। वह दिल्ली के बौद्धिक अभिजात वर्ग में सफलता का आनंद लेता है। अपने शिल्प के प्रति उसकी लगन और समर्पण, चाँदनी के स्नेह को जीत लेती है और वे एक संक्षिप्त, आनंदमय प्रेमालाप साझा करते हैं।
चाँदनी के माता-पिता उसकी शादी अमित से कराने की तैयारी करते हैं। शेखर और अमित दोनों एक ही समय में शादी करने की योजना बनाते हैं, लेकिन शेखर पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) के खिलाफ हवाई लड़ाई में मारा जाता है, जिससे गर्भवती शोभा पीछे रह जाती है। शोभा पर दया करते हुए, अमित उससे शादी कर लेता है और चाँदनी को उसे भूलने के लिए कहता है। यह खबर चाँदनी का दिल तोड़ देती है। वह डा. वी. के. आनंद (संजीव कुमार) से शादी कर लेती है, जो उससे प्यार करता है।
शोभा एक कार दुर्घटना में अपने बच्चे को खो देती है। कोई बच्चा उन्हें एक साथ बांधने के लिए अब नहीं होता है और अमित और शोभा अलग होने लगते हैं। अमित को चाँदनी मिल जाती है और वे चुपके से अपने प्रेम-प्रसंग को फिर से जागृत करते हैं। लेकिन इस चक्कर की गोपनीयता खतरे में होती है। पुलिस निरीक्षक (कुलभूषण खरबंदा) जो शोभा का चचेरा भाई है, चाँदनी के साथ अमित के चक्कर का पर्दाफाश करने के लिए दृढ़ होता है। जल्द ही, अमित फैसला करता है कि वह अब शोभा से अपनी प्रेमहीन शादी को जारी नहीं रख सकता है और चाँदनी के साथ सुलह करना चाहता है। यह खबर शोभा को पता चलती है, वह मानती थी कि अगर उसका प्यार सच्चा है तो वह उसके पास लौट आएगा।
इसी तरह, चाँदनी के पति डॉ. आनंद को चाँदनी की बेवफाई के बारे में पता चलता है। डॉ. आनंद एक व्यावसायिक यात्रा पर निकलते हैं और चाँदनी को आश्वासन देते हैं कि वह जल्द ही वापस आएंगे। अमित और चाँदनी एक नए जीवन की शुरुआत करने के लिए शहर छोड़ देते हैं। लेकिन डॉ. आनंद का प्लेन क्रैश हो जाता है, जिससे प्रेमी जो हेलिकॉप्टर से भाग रहे थे, मलबे वाली जगह पर पहुँचते हैं। डॉ. आनंद को बचाते समय अमित का सामना शोभा से होता है। उसे पता चलता है कि वह उसके बच्चे की माँ बनने वाली है। जब डॉ. आनंद को मलबे से बचाया जाता है, तो चाँदनी को अपने पति के लिए अपने प्यार का एहसास होता है। फिल्म का अंत अमित और शोभा के विवाह में खुशी दिखाकर होता है।
मुख्य कलाकार
अमिताभ बच्चन — अमित मल्होत्रा
शशि कपूर — शेखर मल्होत्रा
जया बच्चन — शोभा मल्होत्रा
रेखा — चाँदनी
संजीव कुमार — डा. वी. के. आनंद
सुधा चोपड़ा — शोभा की माँ
देवेन वर्मा — विद्यार्थी
कुलभूषण खरबंदा — इंस्पेक्टर कुलभूषण
निर्माण
फिल्मांकन
सिलसिला श्रीनगर हवाई अड्डे पर शूट की जाने वाली हिंदी फिल्मों में से एक थी।https://www.tribuneindia.com/news/archive/j-k/35-yrs-after-silsila--web-series-shot-at-srinagar-airport-652916 35 yrs after ‘Silsila’, web series shot at Srinagar airport "देखा एक ख़्वाब" गीत को द नीदरलैंड के केयूकेनहोफ़ ट्यूलिप गार्डनhttps://www.indiatoday.in/travel/travel-buzz/story/tulip-garden-festival-jammu-and-kashmir-srinagar-silsila-travel-lifetr-969074-2017-04-02 Immerse yourself in the colours of romance at this Tulip Festival in SrinagarKuekenhof – Netherlands http://www.wherewasitshot.com/2010/05/17/kuekenhof-netherlands/ 26 May 2011 dead https://web.archive.org/web/20120320115903/http://www.wherewasitshot.com/2010/05/17/kuekenhof-netherlands/ 20 March 2012 dmy-all और पहलगाम के कुछ हिस्सों में में शूट किया गया था।Movie Locations for Silsila http://www.filmapia.com/published/movies/s/silsila
संगीत
इसका संगीत पक्ष भी रोचक था तथा इस फ़िल्म में संगीत किसी फ़िल्मी संगीतकार के बजाय प्रसिद्ध बांसुरीवादक हरिप्रसाद चौरसिया तथा प्रसिद्ध संतूरवादक पंडित शिव कुमार शर्मा ने दिया था। फ़िल्म के गाने उस समय बहुत हिट हुए थे और आज भी सुने जाते हैं। फ़िल्म में कुल 7 गाने थे -
गीत गायक शिव-हरि नीला आसमाँ सो गया अमिताभ बच्चन 4:34 जावेद अख्तर I लड़की है या शोला किशोर कुमार, लता मंगेशकर 3:58 राजेन्द्र कृष्ण नीला आसमाँ सो गया लता मंगेशकर 5:28 जावेद अख्तर II देखा एक ख्वाब किशोर कुमार, लता मंगेशकर 5:20 जावेद अख्तर रंग बरसे भीगे चुनरवाली अमिताभ बच्चन 6:06 हरिवंश राय बच्चन सर से सरके किशोर कुमार, लता मंगेशकर 5:41 हसन कमाल जो तुम तोड़ो पिया लता मंगेशकर 3:35 मीरा बाई खुद से जो वादा किया पामेला चोपड़ा 4:06 निदा फाजली ये कहाँ आ गये हम अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर 7:34 जावेद अख्तर
नामांकन और पुरस्कार
प्राप्तकर्ता और नामांकित व्यक्तिपुरस्कार वितरण समारोहश्रेणीपरिणाम अमिताभ बच्चन फिल्मफेयर पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार जया बच्चन फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार शिव-हरि फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक पुरस्कार
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
0083081 सिलसिला
श्रेणी:1981 में बनी हिन्दी फ़िल्म
श्रेणी:शिव–हरि द्वारा संगीतबद्ध फिल्में