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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अफ़ग़ानिस्तान में रमज़ान

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रमज़ान मुबारक इस्लामी दुनिया में आध्यात्मिक नवीनीकरण, इबादत और पारस्परिक सहानुभूति का महीना है। अफ़ग़ानिस्तान में रमज़ान का महत्व विशेष रूप से स्पष्ट दिखाई देता है। कई दशकों के राजनीतिक और सामाजिक उतार-चढ़ाव के बावजूद अफ़ग़ान जनता रमज़ान को अत्यंत श्रद्धा, सादगी और सामूहिक भावना के साथ मनाती है। मस्जिदें रमज़ान का चाँद दिखाई देते ही अफ़ग़ानिस्तान के शहरों और गाँवों में एक आध्यात्मिक वातावरण बन जाता है। मस्जिदें आबाद हो जाती हैं और पाँचों वक्त की नमाज़ के साथ तरावीह का विशेष प्रबंध किया जाता है। राजधानी काबुल की बड़ी मस्जिदों में हज़ारों लोग तरावीह अदा करने के लिए एकत्र होते हैं, जबकि मजार-ए-शरीफ़ में स्थित रौज़ा-ए-हज़रत अली में रमज़ान की रातों का दृश्य अत्यंत गरिमामय और आध्यात्मिक होता है। सहर और इफ़्तार अफ़ग़ान समाज में सहरी और इफ़्तार को पारिवारिक मिलन का विशेष स्थान प्राप्त है। सहरी के समय घरों में सादा किंतु पौष्टिक भोजन तैयार किया जाता है, जिनमें रोटी, चावल, चाय और स्थानीय व्यंजन शामिल होते हैं। इफ़्तार के समय दरी पर खजूर, फल, सूप और अन्य पारंपरिक खाद्य पदार्थ रखे जाते हैं। कई सक्षम व्यक्ति मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक इफ़्तार की व्यवस्था भी करते हैं, जिससे भाईचारे और समानता की भावना सुदृढ़ होती है। रमज़ान की प्रत्येक शाम इफ़्तार के अवसर पर अफ़ग़ान परिवार विभिन्न स्वादिष्ट और सांस्कृतिक रूप से विशिष्ट व्यंजन तैयार करते हैं, जो सबके लिए सामूहिक आनंद का कारण बनते हैं। इनमें बोलानी (आलू या सब्ज़ियों से भरी हुई पारंपरिक रोटी), आशाक या आय खानुम जैसे स्थानीय मांसाहारी व्यंजन, मंटू (भाप में पके मांस से भरे पकौड़े/डम्पलिंग) और पकौड़ा जैसी चीज़ें शामिल हैं, जिन्हें परिवार और मित्र साथ बैठकर खाते हैं। रमज़ान के दौरान और उसके बाद विशेष रूप से मीठे में फ़िरनी जैसी हल्की और सुगंधित मिठाई भी बनाई जाती है, जो दिन भर के रोज़े के बाद ताज़गी देती है। ये सभी अफ़ग़ानी व्यंजन न केवल शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, बल्कि परिवार और मित्रों के बीच प्रेम और साझेदारी का सुंदर प्रतीक भी हैं। Afghanaid’s Guide to Ramadan https://www.afghanaid.org.uk/afghanaids-guide-to-ramadan Afghanaid 2023 en 24 February 2026 दान और परोपकार रमज़ान में दान और परोपकार की परंपरा अफ़ग़ानिस्तान में गहराई से जुड़ी हुई है। लोग ज़कात और फ़ित्रा अदा करने में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, विशेषकर उन परिवारों की सहायता की जाती है जो आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हों। ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ोसी एक-दूसरे के घर भोजन भेजते हैं, जिससे सामाजिक संबंध और अधिक मज़बूत होते हैं। कार्य समय शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों के कार्य समय भी रमज़ान में बदल दिए जाते हैं ताकि रोज़ेदारों को सुविधा मिल सके। बाज़ारों में दिन के समय अपेक्षाकृत शांति रहती है, जबकि इफ़्तार से पहले ख़रीदारी की काफ़ी भीड़ देखने को मिलती है। देर रात तक चायख़ानों और बाज़ारों में रौनक बनी रहती है, जहाँ लोग इबादत के बाद आपसी बातचीत और मेल-मिलाप में समय बिताते हैं। Ramadan in Afghanistan – Customs and Traditions https://www.ecieco.org/article/ramadan-in-afghanistan EciEco 19 February 2026 en 24 February 2026 अप्रैल 2026 InternetArchiveBot चुनौतियाँ अफ़ग़ानिस्तान की वर्तमान परिस्थितियों के बावजूद रमज़ान लोगों के लिए आशा, धैर्य और एकता का संदेश लेकर आता है। यह महीना उन्हें आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है और कठिनाइयों के बीच नई ऊर्जा और हौसला देता है। इस प्रकार रमज़ान मुबारक अफ़ग़ानिस्तान में केवल धार्मिक कर्तव्य निभाने का समय नहीं, बल्कि सामाजिक सामंजस्य और मानवीय सहानुभूति को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। संदर्भ श्रेणी:देशानुसार रमज़ान