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411 समाचार
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द्वाराहाट

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द्वाराहाट Dwarahat Duarah Nath - Kumaon, India. 23d August 1878.jpg मारियान नॉर्थ (1830-1890) द्वारा रचित द्वाराहाट का एक चित्र द्वाराहाट India Uttarakhand 29.78 79.43 inline, title उत्तराखण्ड में स्थिति देश राज्य उत्तराखण्ड ज़िला अल्मोड़ा ज़िला तहसील 1510 2749 2011 भाषा प्रचलित हिन्दी, कुमाऊँनी भामस +5:30 पिनकोड 263653 दूरभाष कोड UK-01 द्वाराहाट (Dwarahat) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह रानीखेत से लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित है।"Uttarakhand: Land and People," Sharad Singh Negi, MD Publications, 1995"Development of Uttarakhand: Issues and Perspectives," GS Mehta, APH Publishing, 1999, ISBN 9788176480994 मन्दिर द्वाराहाट में तीन वर्ग के मन्दिर हैं - कचहरी, मनिया तथा रत्नदेव। इसके अतिरिक्त बहुत से मन्दिर प्रतिमाविहीन हैं। द्वाराहाट में मां दूनागिरी, विभांडेश्वर, मृत्युंजय और गूजरदेव का मन्दिर सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। नामकरण इस नगर को इतिहास में वैराटपट्टन तथा लखनपुर समेत कई नामों से जाना जाता रहा है। लोककथाओं में कुमाऊँ की एक प्रचलित लोककथा के अनुसार सम्पूर्ण उत्तराखण्ड क्षेत्र के भौगोलिक केंद्र में स्थित होने के कारण द्वाराहाट को देवताओं ने इस क्षेत्र की राजधानी के रूप में चुना था, जो सुंदरता और भव्यता में दक्षिण में स्थित कृष्ण की द्वारका के समानांतर हो। जब इस नगर की योजना शुरू हुई, तो निर्णय लिया गया कि यहां रामगंगा और कोसी नदियों का संगम बनाया जाए। देवताओं ने तुरंत गगास नदी से रामगंगा और कोसी को इसकी सूचना देने को कहा, लेकिन गगास, जो हर समय जल्दी में रहती थी, उसने स्वयं ना जाकर एक सेमल के पेड़ को रामगंगा के पास, और एक अन्य दूत को कोसी के पास भेजा, परंतु वे दोनों वहां समय पर ना पहुंच सके। सेमल का पेड़ चलते चलते थक कर एक जगह विश्राम करते हुए सो गया, और जब तक वह जागा, रामगंगा गिवाड़ पहुंच चुकी थी। दूसरा दूत भी दही खाने के चक्कर में समय पर कोसी के पास नहीं पहुंच पाया। इसी कारण द्वाराहाट इतिहास में कभी भी किसी राज्य की राजधानी नहीं बन पाया।Where Gods Dwell: Central Himalayan Folktales and Legends https://web.archive.org/web/20180509151459/https://books.google.co.in/books?id=r-dZQ8GcXz4C&pg=PA231&dq=dwarahat+folklore&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwjJl-WF4ffaAhXHMY8KHXfNCe4Q6AEIKDAB#v=onepage&q=dwarahat%20folklore&f=false 9 मई 2018 कुसुम बुधवार, 2010 इतिहास उत्तराखण्ड में स्थित द्वाराहाट क्षेत्र जो कि ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां का नगर व बाजार बहुत पुराना है। अब तक पुराने साहू व सुनारों की दुकानें यहां विद्यमान हैं। यहां पर कत्यूरी व चन्द शासकों द्वारा शासन किया गया था। कत्यूरी शासकों ने गढ़वाल जोशीमठ से चलकर गोमती नदी के किनारे बैजनाथ गांव के पास महादेव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय के नाम से कार्तिकेयपुर नामक नगर बसाया जो आधुनिक समय में प्रायः लुप्त हो चुका है। कत्यूरी राज्य के टूटने पर एक पर एक वंश की राजधानी रही। विरदेव के बाद कत्यूरी राज्य छिन्न-भिन्न हो गया और उसकी पांच-छः शाखायें अलग-अलग स्थानों पर राज्य करने लगी। दूसरे कत्यूरी ब्रहमदेव ने काली कुमाऊँ का शासन संभाला। एक शाखा डोटी में शासन करने लगी, तथा एक अस्कोट में स्थापित हुई। एक शाखा बारामण्डल अर्थात् वर्तमान अल्मोड़ा के आस-पास राज्य करने लगी। एक शाखा कत्यूर दानपुर की और पूर्ववत अधिपत्य जमाये रही और एक शाखा द्वाराहाट तथा लखनपुर में शासन करती रही। प्रायः दो सौ वर्षों तक अर्थात बारहवीं शताब्दी से लेकर चैदहवीं शताब्दी तक कत्यूरी वंश की यहीं शाखायें यत्र तत्र फैली हुई थी जिनमें परस्पर कोई विशेष सम्बन्ध नहीं था। आवागमन यहाँ से राष्ट्रीय राजमार्ग 109 निकलता है और इसे देशभर के कई स्थानों से जोड़ता है। जनसांख्यिकी उत्तराखण्ड द्वाराहाट की जनसंख्या 2333 2810 3092 2749 source:District Census Handbook Directorate of Census Operations, Uttarakhand Dehradun 847 http://www.censusindia.gov.in/2011census/dchb/0509_PART_A_DCHB_ALMORA.pdf 31 August 2016 https://web.archive.org/web/20161114093722/http://www.censusindia.gov.in/2011census/dchb/0509_PART_A_DCHB_ALMORA.pdf 14 नवंबर 2016 live 2011 की जनगणना के अनुसार, द्वाराहाट की जनसंख्या 2,749 है, जिसमें से पुरुषों की संख्या 1,378 है जबकि महिलाओं की संख्या 1,371 है।Dwarahat Population Census 2011 http://www.census2011.co.in/data/town/800325-dwarahat-uttarakhand.html 18 मार्च 2018 https://web.archive.org/web/20181210202753/http://www.census2011.co.in/data/town/800325-dwarahat-uttarakhand.html 10 दिसंबर 2018 dead द्वाराहाट नगर की साक्षरता दर 92.82% है, जो राज्य की औसत 78.82% से अधिक है। पुरुषों में साक्षरता लगभग 96.93% है जबकि महिलाओं में साक्षरता दर 88.80% है। नगर की कुल आबादी में से 95.56% ​​लोग हिंदू धर्म का जबकि 3.02% लोग इस्लाम का अभ्यास करते हैं। इसके अतिरिक्त नगर में अल्प संख्या में ईसाई, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायी भी हैं। हिंदी और संस्कृत नगर की आधिकारिक भाषाऐं हैं जबकि कुमाऊँनी यहां की स्थानीय बोली है। अंग्रेजी का भी प्रयोग होता है। इन्हें भी देखें अल्मोड़ा ज़िला सन्दर्भ श्रेणी:उत्तराखण्ड के नगर श्रेणी:अल्मोड़ा जिला श्रेणी:अल्मोड़ा ज़िले के नगर