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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

लेंज का नियम

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लेंज का नियम (Lenz's law) के अनुसार "प्रेरित धारा की दिशा सदा इस प्रकार होती है जो उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।" इस नियम का प्रतिपादन सन् 1833 में हिनरिक लेंज (Heinrich Lenz) ने किया था। उदहारण के लिए यदि हम एक चुम्बक के उत्तरी ध्रुव को किसी कुण्डली के समीप लाये तो कुण्डली में प्रेरित धारा की दिशा इस प्रकार होती है कि कुण्डली का वह सीरा जो चुम्बक के ओर है उत्तरी ध्रुव बन जाता है अर्थात इधर से देखने पर धारा वामावर्त प्रवाहित होती है । उत्तरी ध्रुव बन जाने से यह सीरा आने वाले चुम्बक के प्रतिकर्षण बल लगता है। यह प्रतिकर्षण बल बल ही चुम्बक की गति (पास आने) का विरोध करता है। अब यदि हम चुम्बक को कुंडली से दूर ले जाए तो कुण्डली में प्रेरित धारा की दिशा बदल जाती है तथा कुंडली का चुम्बक के पास वाला सीरा दक्षीणी ध्रुव बन जाता है जो चुम्बक को अपनी ओर आकर्षित करता है अतः चुम्बक की गति का पुनः विरोध होता है। center|550px|thumb|लेंज के नियम का प्रदर्शन इन्हें भी देखें फैराडे का विद्युतचुम्बकीय प्रेरण का नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम ला-शातैलिए का नियम बाहरी कड़ियाँ Eddy Currents and Lenz's Law (Audio slideshow from the National High Magnetic Field Laboratory) EduMation A brief video demonstrating Lenz's Law A dramatic demonstration of the effect with an aluminium block in an MRI श्रेणी:विद्युत चुम्बकत्व श्रेणी:विद्युत गतिकी