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411 समाचार
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चम्बल नदी

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चम्बल नदी Chambal River yes center line Q1060631 मानचित्र hi देश राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश 1051 km mi on 58.53 m3/s cuft/s on 456 m3/s cuft/s on http://www.wii.gov.in/images/images/documents/research_report_2011_asses_water_chambal.pdf Assessment of minimum water flow requirements of Chambal River in the context of Gharial (Gavialis gangeticus) and Gangetic Dolphin (Platanista gangetica) conservation Hussain Syed Sharma R.K. Dasgupta Niladri Raha Anshuman April 2011 www.wii.gov.in Wildlife Institute of India 11 February 2014 2074.68 m3/s cuft/s on जनपव पहाड़ी विंध्याचल पर्वतमाला, महू, मध्य प्रदेश, भारत 22 27 N 75 31 E inline 843 m on यमुना नदी साहोन, भिंड (म.प्र) और जालौन इटावा (उ.प्र), मध्य प्रदेश, भारत 26 29 20 N 79 15 10 E inline,title 122 m on 143219 km2 on बनास, मेज पारबती, काली सिंध, शिप्रा चम्बल (चंबल) नदी मध्य भारत में यमुना नदी की सहायक नदी है। यह नदी "जानापाव पर्वत " बांगचु पॉइंट महू से निकलती है। इसका प्राचीन नाम "चर्मण्वती " है। इसकी सहायक नदियाँ शिप्रा, सिन्ध (सिंध), काली सिन्ध, ओर कुनू नदी है। यह नदी भारत में उत्तर तथा उत्तर-मध्य भाग में राजस्थान के चित्तौड़ गढ़ के चौरासी गढ सेकोटा तथा धौलपुर सवाईमाधोपुर, मध्य प्रदेश के धार, उज्जैन, रतलाम, मन्दसौर, भिंड, मुरैना आदि जिलों से होकर बहती है। अकांक्षा सिंह, पत्रिका, लखनऊ, कानपुर यह नदी दक्षिण की ओर मुड़ कर उत्तर प्रदेश राज्य में यमुना में शामिल होने के पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच सीमा बनाती है। इस नदी पर चार जल विधुत परियोजना -गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज (कोटा)- चल रही है। सितंबर 2026 InternetArchiveBot gkindiatoday.com 3 Oct, 2020 प्रसिद्ध चूलीय जल प्रपातचम्बल (चंबल) नदी रावतभाटा जिले मे है चोलिया जलप्रपात की ऊंचाई 18 मीटर है और यह राजस्थान का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। कुल लम्बाई 135। राजस्थान की औधोगिक नगरी कोटा इस नदी के किनारे स्थित है। यह एक बारहमासी नदी है। इसका उद्गम स्थल जानापाव की पहाड़ी (मध्य प्रदेश) है।bharatdiscovery.org] यह दक्षिण में महू शहर के, इन्दौर (इंदौर) के पास, विन्ध्य (विंध्य) रेंज में मध्य प्रदेश में दक्षिण ढलान से होकर गुजरती है। चम्बल और उसकी सहायक नदियाँ उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के नाले, जबकि इसकी सहायक नदी, बनास, जो अरावली पर्वतों से शुरू होती है इसमें मिल जाती है। सवाईाधोपुर में चंबल बनास सीप नदी त्रिवेणी संगम बनाती हैं । चम्बल, कावेरी, यमुना, सिन्धु, पहुज भरेह के पास पचनदा में, उत्तर प्रदेश राज्य में जालौन (उरई ) और इटावा जिले की सीमा पर शामिल पाँच नदियों के सङ्गम (संगम) समाप्त होता है।चंबल नदी राजस्थान कि सबसे बड़ी नदी है । चम्बल नदी में सवाई माधोपुर तथा धौलपुर में बीहड़ (गहरे उबड़ खाबड़ खड्डे )पाए जाते हैं । चम्बल नदी कि सहायक नदियां ,बनास ,आहू,परवन, कालीसिंध, आदि है विस्तार से जानकारी के लिए यहां पढ़ें Read More https://web.archive.org/web/20221122140719/https://www.examraftaar.com/rajasthan-ki-nadiya/ 22 नवंबर 2022 अपवाह क्षेत्र चम्बल के अपवाह क्षेत्र में चित्तौड़, कोटा, बूँदी, सवाई माधौपुर, करौली, धौलपुर इत्यादि इलाके शामिल हैं। तथा सवाई माधोपुर, करौली व धौलपुर से गुजरती हुई राजस्थान व मध्यप्रदेश की सीमा बनाते हुए चलती है जो कि 252 किलोमीटर की है। rajasthangyan.com m.dailyhunt.in = सहायक नदियाँ बायीं तरफ की सहायक नदियां- बनास नदी,चाकण नदी,मेज नदी,कुराल,बामनी,गुजांली। दायीं तरह की सहायक नदियां- कुनू,सीप,पार्वती,कालीसिंध,आलनिया,छोटी कालीसिंध। मुहाना उत्तर प्रदेश में बहते हुए 965 किलोमीटर की दूरी तय करके यमुना नदी में मिल जाती है। चम्बल नदी का कुल अपवाह क्षेत्र 19,500 वर्ग किलोमीटर हैं।नवम्बर 2019 चम्बल यमुना नदी की मुख्य सहायक नदियों में से एक है। उतरप्रदेश के इटावा जिले के मुरादगंज के पास यमुना में मिल जाती है। ग्रन्थों के अनुसार महाभारत के अनुसार राजा रंतिदेव के यज्ञों में जो आर्द्र चर्म राशि इकट्ठा हो गई थी उसी से यह नदी उदभुत हुई थी- महानदी चर्मराशेरूत्क्लेदात् ससृजेयतःततश्चर्मण्वतीत्येवं विख्याता स महानदी। कालिदास ने भी मेघदूत-पूर्वमेघ 47 में चर्मण्वती नदी को रंतिदेव की कीर्ति का मूर्त स्वरूप कहा गया है- आराध्यैनं शदवनभवं देवमुल्लघिताध्वा, सिद्धद्वन्द्वैर्जलकण भयाद्वीणिभिदैत्त मार्गः। व्यालम्बेथास्सुरभितनयालंभजां मानयिष्यन्, स्रोतो मूत्यभुवि परिणतां रंतिदेवस्य कीर्तिः। इन उल्लेखों से यह जान पड़ता है कि रंतिदेव ने चर्मवती के तट पर अनेक यज्ञ किए थे। महाभारत में भी चर्मवती का उल्लेख है - ततश्चर्मणवती कूले जंभकस्यात्मजं नृपं ददर्श वासुदेवेन शेषितं पूर्ववैरिणा अर्थात इसके पश्चात सहदेव ने (दक्षिण दिशा की विजय यात्रा के प्रसंग में) चर्मण्वती के तट पर जंभक के पुत्र को देखा जिसे उसके पूर्व शत्रु वासुदेव ने जीवित छोड़ दिया था। सहदेव इसे युद्ध में हराकर दक्षिण की ओर अग्रसर हुए थे। चर्मण्वती नदी को वन पर्व के तीर्थ यात्रा अनु पर्व में पुण्य नदी माना गया है - चर्मण्वती समासाद्य नियतों नियताशनः रंतिदेवाभ्यनुज्ञातमग्निष्टोमफलं लभेत्। श्रीमदभागवत में चर्मवती का नर्मदा के साथ उल्लेख है- सुरसानर्मदा चर्मण्वती सिंधुरंधः इस नदी का उदगम जनपव की पहाड़ियों से हुआ है। यहीं से गम्भीरा (गंभीरा) नदी भी निकलती है। यह यमुना की सहायक नदी है। महाभारत में अश्वनदी का चर्मण्वती में, चर्मण्वती का यमुना में और यमुना का गङ्गा (गंगा) नदी में मिलने का उल्लेख है – मंजूषात्वश्वनद्याः सा ययौ चर्मण्वती नदीम्, चर्मण्वत्याश्व यमुना ततो गङ्गा जगामह। गङ्गायाः सूतविषये चंपामनुययौपुरीम्। चंबल की विशेषताएं:- विश्व में सर्वाधिक अवनालिका अपरदन करने वाली नदी। एकमात्र नदी जिस पर 100km में 4 बांध निर्मित है। राजस्थान में सर्वाधिक सतही जल वाली नदी। राजस्थान की एकमात्र नदी जो यूनेस्को सूची में शामिल होने के लिए नामित हुई थी। राजस्थान की सबसे लंबी नदी है। इन्हें भी देखें यमुना नदी बनास नदी सन्दर्भ * श्रेणी:भारत की नदियाँ श्रेणी:मध्य प्रदेश की नदियाँ श्रेणी:राजस्थान की नदियाँ श्रेणी:यमुना नदी की उपनदियाँ