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अलकानन्दा
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मई 2025
मई 2025
अलकानन्दा অলকানন্দা नलिनीबाला देवी IND असमिया काव्यसंग्रह १९६७ मुद्रित
अलकानन्दा (অলকানন্দা) असमिया की प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका नलिनीबाला देवी द्वारा रचित एक काव्यसंग्रह है। यह काव्यसंग्रह १९६७ में प्रकाशित हुआ था और इसके लिए नलिनीबाला देवी को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।असम ईयर बुक 2021 ज्योति प्रकाशन बरुआ, शांतनु कौशिक 593–94 978-93-81485-82-8 कुछ ग्रंथों का संक्षिप्त परिचय
कवयित्री का परिचय
नलिनीबाला देवी
नलिनीबाला देवी (जन्म: २३ मार्च १८९८ – मृत्यु: २४ दिसम्बर १९७७) असम साहित्य सभा की पहली महिला अध्यक्ष थीं। उन्हें असमिया काव्य साहित्य में एक आध्यात्मिक या रहस्यवादी कवयित्री के रूप में जाना जाता है। अपने पिता, स्वतंत्रता सेनानी नबीन चंद्र बर्दोलोई]ঋ के साथ स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाली नलिनीबाला देवी ने कई पुस्तकें और काव्यसंग्रह लिखकर असमिया साहित्य को समृद्ध किया। उनकी आत्मकथा का नाम है — एरी आहा दिनबोर ("छूटे हुए दिन")। वर्ष १९७७ में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
पुस्तक का संक्षिप्त विवरण
अलकानन्दा काव्यसंग्रह दो भागों में विभाजित है: कविता और गीतिका। इसमें ५० कविताएँ और ११४ गीतिकाएँ हैं। ये रचनाएँ स्तुति, राष्ट्रवाद और आध्यात्मिक चिंतन जैसे विषयों से प्रभावित हैं। ये कविताएँ उन्होंने अपने जीवन के अंतिम चरण में लिखी थीं।
पुरस्कार और सम्मान
इस काव्यसंग्रह के लिए नलिनीबाला देवी को वर्ष १९६८ में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ।
संदर्भ
श्रेणी:असमिया भाषा
श्रेणी:असम