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बूढ़ा केदार मंदिर
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बूढ़ा केदार मंदिर शिव हिन्दू मंदिर प्राचीन टिहरी गढ़वाल ज़िला, उत्तराखण्ड, भारत
बूढ़ा केदार मंदिर (Budha Kedar Temple) भारत के उत्तराखण्ड राज्य के टिहरी गढ़वाल ज़िले में स्थित एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक हिन्दू मंदिर है। यह भगवान शिव को समर्पित है और इस क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर बालगंगा और धर्म गंगा नदियों के संगम पर स्थित है, जो इसे एक पवित्र स्थान बनाता है।https://uttarakhandtourism.gov.in/destination/budha-kedar Budha Kedar, Tehri Garhwal Uttarakhand Tourism uttarakhandtourism.gov.in 2023-10-27
मंदिर में स्थापित शिवलिंग को उत्तर भारत के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक माना जाता है। यह स्थान स्थानीय लोगों के लिए "पांचवां केदार" भी माना जाता है और इसकी गहरी पौराणिक मान्यताएं हैं।https://www.euttaranchal.com/tourism/buda-kedar.php Buda Kedar Temple - History, How to Reach www.euttaranchal.com 2023-10-27 मई 2026 InternetArchiveBot
पौराणिक कथा एवं इतिहास
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बूढ़ा केदार का संबंध महाभारत काल के पांडवों से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि महाभारत युद्ध के बाद गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए पांडव भगवान शिव का आशीर्वाद लेने हिमालय की ओर आए। भगवान शिव उनसे मिलना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने एक वृद्ध (बूढ़े) का रूप धारण कर लिया और इसी स्थान पर पांडवों को दर्शन दिए। इसी कारण इस स्थान का नाम "बूढ़ा केदार" पड़ा।https://www.amarujala.com/dehradun/buda-kedar-dham-history-in-tehri-garhwal-uttarakhand पांडवों को बूढ़े के वेश में भोलेनाथ ने दिए थे यहां दर्शन, आज कहलाता है बूढ़ाकेदार Amar Ujala 2023-10-27 hi मई 2026 InternetArchiveBot
एक अन्य कथा के अनुसार, भगवान शिव ने भैंसे का रूप धारण किया और जब भीम ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, तो वे धरती में समा गए और उनके शरीर के विभिन्न अंग केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर में प्रकट हुए, जिन्हें सम्मिलित रूप से पंच केदार कहा जाता है। बूढ़ा केदार को उसी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
भौगोलिक स्थिति
बूढ़ा केदार मंदिर, टिहरी गढ़वाल जिले के घनसाली तहसील में स्थित है। यह मंदिर बालगंगा और धर्म गंगा नदी के संगम पर एक शांत और सुरम्य वातावरण में बना हुआ है। निकटतम प्रमुख कस्बे घनसाली और नई टिहरी हैं।https://tehrigarhwal.nic.in/tourist-place/budha-kedar-temple/ Budha Kedar Temple District Tehri Garhwal, Government of Uttarakhand India tehrigarhwal.nic.in 2023-10-27 मई 2026 InternetArchiveBot
धार्मिक महत्व
यह मंदिर स्थानीय आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। महाशिवरात्रि और श्रावण मास के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसे केदारनाथ यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी माना जाता है और कई तीर्थयात्री केदारनाथ जाने से पहले या बाद में यहाँ दर्शन करना पवित्र मानते हैं। मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं के छोटे मंदिर भी स्थापित हैं।
सन्दर्भ
श्रेणी:उत्तराखण्ड के गाँव
गाँव
श्रेणी:ज़िलानुसार भारत के गाँव