411 REFERENCE · Wikipedia
हनोई के टॉवर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
Tower of Hanoi मार्च 2016
फ़रवरी 2016
300px|thumb|हनोई का टॉवर का एक मॉडल सैट (८ डिस्कों के साथ)
300px|thumb|T(4,3) के लिये हनोई का टॉवर पज़ल का ऍनीमेटिड हल.
इस खेल में तीन पतले धातु या प्लास्टिक के स्तम्भ होते हैं। सवसे बायीं ओर के स्तम्भ में तीन छिद्रदार प्लेटनुमा गुटके होते है जो अलग अलग ब्यास के होते है। सबसे नीचे सबसे बड़ा गुटका होता है उपर सबसे छोटा गुटका होता है। खेल में तीनों गुटकों को तीसरे स्तम्भ में ले जाना होता है। एक बार में एक गुटके को उठाकर दूसरे या तीसरे स्तम्भ में रख सकते है। परन्तु किसी तुलनात्मक रूप से बडे गुटके को बडे के उपर ही रखा जा सकता है। यह समस्या डेटा संगठन, रिकर्सिव समस्या समाधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और एल्गोरिथ्म विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक रूप से उपयोग की जाती है।https://www.ccbp.in/blog/articles/tower-of-hanoi-in-python Tower of Hanoi in Python: Recursive Solution & Code Example www.ccbp.in en 2025-11-03
श्रेणी:खेल
खेल के नियम निम्न रहते है
• एक समय में केवल एक ही स्टैक Stack को स्थानांतरित किया जा सकता है।
• प्रत्येक चाल में एक से ऊपरी स्टैक को लेना और उसे दूसरे स्टैक ऊपर रखना शामिल है यानी एक डिस्क को केवल तभी स्थानांतरित किया जा सकता है जब वह स्टैक पर सबसे ऊपर की डिस्क हो।
• किसी भी डिस्क को छोटी डिस्क के ऊपर नहीं रखा जा सकता है।
हनोई टॉवर समस्या का इतिहास
हनोई टॉवर समस्या के बारे में एक प्रसिद्ध कहानी है। कहा जाता है कि भारत (या कुछ मान्यताओं के अनुसार वियतनाम) के एक प्राचीन मंदिर में तीन स्तंभ हैं, जिन पर 64 सुनहरी चक्कियाँ रखी गई हैं। मंदिर के पुजारी इन चक्कियों को एक स्तंभ से दूसरे पर एक-एक करके स्थानांतरित करते रहते हैं।https://www.hackerearth.com/blog/tower-hanoi-recursion-game-algorithm-explained Tower of Hanoi recursion game algorithm explained www.hackerearth.com en 2025-11-03
एक भविष्यवाणी के अनुसार, जिस दिन इस पहेली की अंतिम चाल पूरी होगी, उस दिन संसार का अंत हो जाएगा। पुजारी भगवान ब्रह्मा के नियमों का पालन करते हुए एक समय में केवल एक ही चक्की को स्थानांतरित करते हैं और कभी भी बड़ी चक्की को छोटी के ऊपर नहीं रखते।
इसी कारण इस पहेली को “टॉवर ऑफ ब्रह्मा” भी कहा जाता है।
यह समस्या कंप्यूटर विज्ञान में रिकर्शन (Recursion) समझने का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसी जटिल समस्या को छोटे-छोटे उपसमस्याओं में विभाजित करके कैसे हल किया जा सकता है।