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छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम
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छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम Chintaram Documentary Poster.jpg फिल्म पोस्टर एस अंशु धुरंधर एस अंशु धुरंधर मीर अली मीर 2025 01 06 y 85 मिनट भारत हिंदी छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम 2025 में बनी एक भारतीय वृत्तचित्र फिल्म है, जिसका निर्देशन एस अंशु धुरंधर ने किया है।https://www.patrika.com/baloda-bazar-news/cg-film-a-film-made-on-bheem-of-chhattisgarh-19298370 CG Film: छत्तीसगढ़ के भीम पर बनी फिल्म, कसरत के साथ सिखाएगी संस्कार CG Film: A film made on Bheem of Chhattisgarh 2025-01-08 Patrika News hi 2025-03-08 यह भारतीय शक्ति पुरुष चिंताराम टिकरिहा के जीवन पर आधारित है।https://www.patrika.com/baloda-bazar-news/cg-news-film-and-book-made-on-bhim-chintaram-tikriha-of-chhattisgarh-released-19297645 CG News: दाऊ चिंताराम टिकरिहा पर बनी फिल्म व पुस्तक का हुआ विमोचन, मंत्री टंकराम वर्मा बोले – कसरत के साथ संस्कार सिखाएगी CG News: Film and book made on Bhim Chintaram Tikriha of Chhattisgarh released 2025-01-08 Patrika News hi 2025-03-08https://johar36garh.com/the-film-based-on-chintaram-tikriha-will-be-released-on-january-6-played-an-important-role-in-the-reconstruction-of-turtutiya-temple/ चिंताराम टिकरिहा पर बनी फिल्म 6 जनवरी को होगी रिलीज़, तुरतुतिया मंदिर के पुनर्निर्माण में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका - johar36garh.com Khare Basant 2025-01-05 en-US 2025-03-08 यह पहली छत्तीसगढ़ी वृत्तचित्र है जिसमें 250 से अधिक व्यक्तियों के साक्षात्कार शामिल हैं।https://pradeshvad.com/chhattisgarh-ke-bhim-fillm-award/ RALFF फिल्म फेस्टिवल में हुई चिंताराम की विशेष स्क्रीनिंग... जानें क्या हुआ! - pradeshvad 2025-02-13 en-US 2025-03-08 फिल्म में स्थानीय नागरिकों, चिंताराम के परिवारजनों, एवं कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों के प्रत्यक्ष अनुभव प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा और सांसद विजय बघेल के साक्षात्कार सम्मिलित हैं।https://www.ramraj.co/state.php?articleid=9107 दाऊ चिंताराम टिकरिहा पर बनी फिल्म “छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम” और पुस्तक का हुआ विमोचन, मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा- युवाओं को उनके जीवन से लेनी चाहिए प्रेरणा दाऊ चिंताराम टिकरिहा पर बनी फिल्म “छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम” और पुस्तक का हुआ विमोचन, मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा- युवाओं को उनके जीवन से लेनी चाहिए प्रेरणा en-US 2025-03-08 यह वृत्तचित्र 6 जनवरी 2025 को बलौदाबाजार के बुड़गहन में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आधिकारिक रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके बाद, फरवरी 2025 में रायपुर आर्ट, लिटरेचर एंड फिल्म फेस्टिवल में इसकी विशेष प्रस्तुति हुई।https://media24news.in/?p=78148 रायपुर में 8 फरवरी को होगा आर्ट, लिट्रेचर और फिल्म फेस्टिवल: इंटरनेशनल फिल्मों की धूम, छत्तीसगढ़ की पहली बायोपिक 'मंदराजी' की स्क्रीनिंग, एंट्री फ्री! Desk Manish 2025-02-07 Media24 News en-US 2025-03-08
फिल्म निर्माण
वृत्तचित्र के लिए शोध कार्य 2013 में प्रारंभ हुआ, जब फिल्म निर्माता एस अंशु धुरंधर ने व्यापक रूप से प्रसिद्ध स्थानीय व्यक्तित्व चिंताराम टिकरिहा से जुड़ी प्रामाणिक दस्तावेज़ीकरण की कमी को महसूस किया। प्रारंभिक योजना केवल 20 मिनट की एक संक्षिप्त वृत्तचित्र बनाने की थी, लेकिन शोध प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध स्रोत सामग्री की विशालता को देखते हुए, परियोजना को शीघ्र ही एक विस्तृत वृत्तचित्र के रूप में विकसित किया गया। प्रोडक्शन टीम ने टिकरिहा के जीवन और योगदान का गहराई से अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ में 80 से अधिक स्थानों की यात्रा की। फिल्मांकन का कार्य 2021 में प्रारंभ हुआ और यह 2024 के अंत तक जारी रहा।https://www.bhaskar.com/local/chhattisgarh/baloda/news/chhattisgarh-a-documentary-made-on-the-life-story-of-chintaram-tikriha-134712337.html समाजसेवी चिंताराम टिकरिहा की जीवनगाथा पर बनी डॉक्यूमेंट्री livehttps://daharchala.com/2126 छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम” ने रचा इतिहास एक महीने में 3 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा live
सारांश
चिंताराम टिकरिहा के जीवन और योगदान पर केंद्रित एक वृत्तचित्र फिल्म है। उनका जन्म 1880 में ब्रिटिश भारत के कुम्हारी में हुआ था। बचपन से ही उनकी असाधारण शारीरिक क्षमता के लिए लोग उन्हें पहचानने लगे थे। वह भारी वजन उठाने में सक्षम थे, बड़े पत्थर के स्तंभ आसानी से ले जा सकते थे और वे कठिन कार्य भी कर सकते थे, जिन्हें पूरा करना आम लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होता था। शारीरिक शक्ति की आवश्यकता वाले कार्यों के लिए अक्सर उन पर भरोसा किया जाता था। अपने असाधारण पराक्रम के चलते उन्हें समाज में विशेष पहचान और सम्मान प्राप्त था।
चिंताराम समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देते थे। उन्होंने सड़कों और विद्यालयों के निर्माण हेतु अपनी भूमि सरकार को दान कर दी, जिससे आने वाली पीढ़ियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएँ और शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने अनेक जरूरतमंद लोगों के विवाह, नामकरण संस्कार और अंतिम संस्कार का खर्च वहन किया, जो उनके सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने कई लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए, जिससे उन्हें कृषि एवं अन्य कार्यों के माध्यम से अपनी आजीविका बनाए रखने में सहायता मिली।
चिंताराम ने मध्य छत्तीसगढ़ में रोपा विधि की शुरुआत की, जिससे क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उनकी कृषि एवं सिंचाई प्रबंधन में विशेषज्ञता ने किसानों को बेहतर फसल उत्पादन में सहायता की, जिससे वे इस क्षेत्र में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में स्थापित हुए।
खेती और सामाजिक कार्यों के साथ-साथ, चिंताराम ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कई मंदिरों के पुनर्निर्माण में योगदान दिया, जिससे धार्मिक और सामाजिक एकता को बल मिला। उनके सबसे उल्लेखनीय प्रयासों में से एक बलौदाबाजार स्थित तुरतुरिया मंदिर का जीर्णोद्धार था, जो एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। मंदिर के पुनर्निर्माण के प्रति उनकी निष्ठा ने न केवल आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा दिया बल्कि सामुदायिक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाया।
21 नवंबर 1982 को अपने निधन तक, वे कृषि, मंदिर जीर्णोद्धार और समाज सेवा के कार्यों में समर्पित रहे। खेती, सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और अपनी अद्वितीय शारीरिक शक्ति के कारण उन्होंने छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक विशिष्ट स्थान प्राप्त किया।
प्रूविंग चिंताराम
अंगूठाकार|प्रूविंग चिंताराम का पोस्टर
प्रूविंग चिंताराम "छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम" फिल्म का एक विशेष हिस्सा है, जिसमें एस अंशु धुरंधर द्वारा चिंताराम जी की ताकत के कारनामों को वैज्ञानिक और शारीरिक तरीके से परखा गया है। इसमें कुल दस चुनौतियाँ रखी गई हैं, जिनसे यह जांचा गया कि उनके कारनामे वास्तव में कितने संभव हैं।https://daharchala.com/2126 छत्तीसगढ़ के भीम चिंताराम” ने रचा इतिहास एक महीने में 3 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा वर्मा मुकेश 25 मार्च 2025
+प्रूविंग चिंताराम के उप-खंडों की सूचीसंख्याशीर्षकविवरणवजन/मात्रा1तुरतुरिया मूर्तिऐतिहासिक तुरतुरिया स्थल से पत्थर की मूर्ति को उठाना।~100 किग्रा2पत्थरताकत की परीक्षा के लिए उपयोग किये जाने वाले भारी पत्थरों को उठाना।95 किग्रा3गोला पत्थरगोला पत्थर उठाना, जिसे ताकत से जुड़े खेलों में उपयोग किया जाता है।85 किग्रा4लकड़ी का गोलानीम के भारी गोले को उठाना।~100 किग्रा5चिंताराम स्तम्भएक ऐतिहासिक पत्थर के खंभे के एक तरफ को उठाना।~800 किग्रा6बोरीवजन से भरी बोरी को पकड़कर सीढ़ियाँ चढ़ना।66 किग्रा7गोलगप्पाबहुत बड़ी संख्या में गोलगप्पे खाना।>1008पहलवान थालीएक बार में उच्च कैलोरी वाला भोजन खाना।>3 किग्रा9नारियलहाथो से नारियल फोड़ना।1210मुद्गरपारंपरिक भारतीय मुद्गर को घुमाना।600 बार
रिलीज और प्रचार
अंगूठाकार|फिल्म रिलीज कार्यक्रम में टंक राम वर्मा, विजय बघेल और मोतीलाल साहू (6 जनवरी, 2025)
फिल्म की रिलीज के लिए 6 जनवरी, 2025 को चिंताराम टिकरिहा की कर्मस्थली बुड़गहन, बलौदाबाजार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें टंक राम वर्मा, विजय बघेल, गौरीशंकर अग्रवाल, मोतीलाल साहू, खोड़स राम कश्यप (केन्द्रीय अध्ययक्ष, छग मनवा कुर्मी समाज) और शिवरतन शर्मा (पूर्व विधायक) सहित कई उल्लेखनीय हस्तियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में चिंताराम के शारीरिक कारनामों का भी प्रदर्शन किया गया था।https://pradeshvad.com/chhattisgarh-ke-bhim-bahubali-chinta-ram-ji/ छत्तीसगढ़ के भीम: चिंताराम जी को जानें...मंत्री टंकराम वर्मा ने क्यों उठाया मुदगर! - pradeshvad 2025-01-10 en-US 2025-03-07
फिल्म के संगीतकार मीर अली मीर ने फिल्म का संगीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रदर्शन, इस्कॉन द्वारा एक विशेष भक्ति प्रस्तुति और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कलाकार चोवाराम वर्मा 'बादल' द्वारा काव्यपाठ किया गया। एक हजार से अधिक दर्शको के मध्य फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की गयी।https://pradeshvad.com/chhattisgarh-ke-bhim-bahubali-chinta-ram-ji/ छत्तीसगढ़ के भीम: चिंताराम जी को जानें...मंत्री टंकराम वर्मा ने क्यों उठाया मुदगर! - pradeshvad 2025-01-10 en-US 2025-03-07
प्रतिभागी और तकनीकी व्यक्ति
साक्षात्कार
भुपेश बघेल - छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री
टंक राम वर्मा - छत्तीसगढ़ के खेल और युवा कल्याण मंत्री
विजय बघेल - लोकसभा सदस्य
छाया वर्मा - पूर्व राज्यसभा सदस्य
गौरीशंकर अग्रवाल - पूर्व अध्यक्ष, विधानसभा, छत्तीसगढ़
जनक ध्रुव - विधानसभासदस्य
तकनीकी स्टाफ
संपादक - अरविंद वर्मा
सिनेमेटोग्राफी - प्रमोद गिलहरे
ग्राफिक डिजाइनर - मुकल वर्मा
पोस्ट प्रोडक्शन - वज्र विज़न स्टूडियो
सन्दर्भ